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प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में करोड़ों के घोटाले में पुलिस खाली हाथ

Wed, 02 Feb 2022 11:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 11:51 PM IST
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The ineligible got the money, the eligible remained empty handed
दिबियापुर (औरैया)। प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में 167 अपात्रों को बांटे गए तीन करोड़ रुपये के मामले में जांच प्रक्रिया फिलहाल ठंडे बस्ते में है। मामले के जोर पकड़ने पर पुलिस ने तत्कालीन परियोजना अधिकारी समेत छह कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। हैरतअंगेज यह है कि 71 अपात्रों को आरसी तो जारी कर दी गई, लेकिन घटना के सात माह बाद भी किसी से रकम की वसूली नहीं हो सकी। नतीजतन पात्रों को अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल सका।
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जिला नगरीय विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव ने जुलाई 2021 में जिले में अलग-अलग आठ मामलों में हुई जांच के बाद दो करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की शासकीय क्षति होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में पूर्व परियोजना अधिकारी पवन कुमार, अधीनस्थ तत्कालीन स्टाफ सीएसए अनीता, सीएलटीसी आशीष कुमार, एसनो फाउंडेशन के सर्वेयर पीएमसी विजय कुमार, शैलेंद्र कुमार एवं कौशल कुमार को दोषी माना था।
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2021 की शुरूआत में औरैया व बिधूना तहसील में प्रधानमंत्री आवास में अनियमितता का मामला जोर-शोर से उठा था। इसके बाद डूडा के निदेशक ने डीएम को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने एवं अनियमितता पाए जाने पर कार्रवाई करने के लिए कहा था। निदेशक के पक्ष के बाद एसडीएम व डिप्टी कलेक्टर के नेतृत्व में बनी कमेटी की जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि हुई थी।
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जांच में पाया गया था कि प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना में कर्मियों ने पर्यवेक्षण कार्य में शिथिलता बरतते हुए वित्तीय अनियमितता की। कुल 167 अपात्रों को योजना में चयन कर दो करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये दे दिए गए। थाना प्रभारी विकास राय ने बताया कि मामले की जांच चल रही है, शासन से अनुमति मांग कर गिरफ्तारी कराई जाएगी।

71 अपात्रों के नाम अब तक जारी की गई आरसी
योजना का लाभ लेने वाले 71 अपात्रों को जिला प्रशासन की ओर से आरसी तो जारी कर दीं गईं, लेकिन आज तक उनसे रिकवरी की नहीं की जा सकी है। जिससे वास्तविक लाभार्थियों को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। साथ ही अपात्र होने के बाद भी उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई न होने से संलिप्ततों के हौसले बुलंद हैं। अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका औरैया बलवीर सिंह ने बताया कि आरसी जारी करने की कार्रवाई डूडा कार्यालय की ओर से की गई है। उनसे रिकवरी हुई है या नहीं, इस संबंध में और ज्यादा जानकारी दे पाना संभव नहीं है।
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