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Auraiya News: फास्फेटिक खाद के बढ़े भाव ने बढ़ाई किसानों की चिंता

Wed, 01 Jan 2025 11:40 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jan 2025 11:40 PM IST
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The increased price of phosphatic fertilizer increased the concern of farmers
औरैया। वैसे भी पहले किसान रबी सीजन में खाद की किल्लत से जूझ रहे थे। उन्हें समय पर खाद नहीं मिल रही थी, लेकिन अब नए साल में खाद के भाव बढ़ने की संभावना से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खाद की कीमतें बढ़ने से किसानों की जेब पर अतिरिक्त बोझ तो बढ़ेगा। साथ ही फसलों की लागत बढ़ने से महंगाई भी रंग दिखाएगी। नए रेट पहली जनवरी से प्रभावी किए जाने को लेकर इफको ने प्रस्ताव किया था। हालांकि खाद के नए भाव की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकी है।
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जनपद में गेहूं व धान का बड़ा दायरा है। दोनों फसलें एक-एक लाख हेक्टेयर रकबे में बोई जाती हैं। अन्य फसलों का भी अच्छा खासा दायरा है। इन फसलों में बड़े पैमाने पर फास्फेटिक खाद का प्रयोग किया जाता है। फसली सीजन में किसानों को समय पर खाद लेने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। हाल ही में रबी फसल की बुआई के दौरान जिले के किसानों खाद की संकट से जूझना पड़ा था। समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों के भी पसीने छूट गए थे। उधर इफको ने खाद की कीमतें बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया है। नए प्रस्ताव को पहली जनवरी से लागू किया जाना है। इस प्रस्ताव में डीएपी में 240 रुपये की बढ़ोतरी प्रस्तावित हुई है। ऐसे में 1350 रुपये में मिलने वाली बोरी अब 1590 रुपये में मिलने के आसार है।
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वहीं एनपीके में 200 रुपये की बढ़ोतरी प्रस्तावित है। 1470 रुपये में मिलने वाली एनपीके की बोरी अब किसानों को 1670 रुपये में मिलने की संभावना है। नई दरों व आदेशों की भनक लगते ही किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान सकते में आ गए हैं। हालांकि अधिकारी इसे महज इफको का प्रस्ताव बताते हुए आधिकारिक पुष्टि न होने का दावा कर रहे हैं।
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क्या बोले किसान------
फोटो-01एयूआरपी06-रामपाल। संवाद
‘मेहनत के बाद सिंचाई, निराई, दवा का छिड़काव के साथ खाद की लागत ज्यादा रहती है। इसके भाव बढ़ने से फसल की लागत बड़े पैमाने पर बढ़ती है। सीजन पर खाद मिलती भी नहीं। ऐसे में अब खेतीबाड़ी घाटे का सौदा बनेगी।’-रामपाल, किसान
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फोटो-01एयूआरपी07-राजीव। संवाद
‘खाद के दाम बढ़ने से खेती बाड़ी करना चुनौतीपूर्ण होगा। भाव भी बढ़ेगा। ऐसे में महंगाई भी अपना रंग दिखाएगी।’-राजीव, किसान
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कोट
‘इफको की ओर से खाद के नए रेट को लेकर प्रस्ताव दिया है। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।’-शैलेंद्र कुमार वर्मा, जिला कृषि अधिकारी
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‘इफको की ओर से एक जनवरी को डीएपी व एनपीके के नए रेट प्रस्तावित किए गए हैं, लेकिन अभी तक नई दरों को लागू करने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।’-आशीष राठौर, क्षेत्र प्रबंधक इफको
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