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Auraiya News: असली के बदले चार गुना जाली नोट देने का लालच देकर फंसाते थे जालसाज

Mon, 08 Dec 2025 11:50 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 08 Dec 2025 11:50 PM IST
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The fraudsters used to trap people by luring them with the promise of giving four times the amount of fake notes in exchange for the real ones.
फोटो-26-आरोपियों के कब्जे से बरामद जाली और असली नोट। स्रोत: पुलिस - फोटो : टूंडला में फोटोग्राफरों से की लूट के गिरफ्तार आरोपी पुलिस
औरैया। जाली नोटों को धंधा करने वाले जालसाज इंस्टाग्राम पर लोगों को असली नोटों के बदले चार गुना नकली नोट देने का लालच देकर फंसाते थे।
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नकली नोटों को धंधा करने वालों से सौदा तय होने पर उनसे असली नोट लेकर बदले में नकली नोटों के बंडल दे देते थे। इन बंडलों में ऊपर-नीचे असली नोट लगाने के बाद बाकी जाली और चिल्ड्रेन बैंक के नोट भर देते थे।

एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि जाली नोटों के धंधे के लिए आरोपियों ने इंस्टाग्राम पर क्लोज्ड पेज बनाए थे। उनसे वही लोग जुड़ते थे, जो नकली नोटों की डिमांड करते थे। इसके बाद आपस में फोन नंबर शेयर कर पूरा सौदा तय होता था।
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जाली नोट आरोपियों द्वारा असली 500 रुपये के नोटों की कलर फोटोकॉपी कर तैयार किए जाते थे। इसके अलावा चिल्ड्रेन बैंक के नोट बड़ी संख्या में जुटाते थे।
उन्होंने बताया कि सौदा तय होने के बाद दिए गए नोटों के बंडलों में ऊपर और नीचे कुछ असली नोट लगाए जाते थे। ताकि नकली नोट लेने वालों को बताया जा सके कि नकली और असली नोट में कोई फर्क नहीं दिख रहा।
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वहीं, बीच में फोटो कॉपी और चिल्ड्रेन बैंक के नोट भर देते थे। मामला जाली नोटों से जुड़ा होने के कारण लोग इसकी शिकायत पुलिस से भी नहीं करते थे। इसी का फायदा उठाकर यह पूरा धंधा चलाया जा रहा था।

नकली नोट खरीदने वालों को भी बनाते थे बेवकूफ
इस मामले में जब असली नोट लेकर जाली नोट खरीदार को सौंपे जाते थे तो आरोपी गड्डी के ऊपर और नीचे लगे असली नोट निकालकर दिखा देते थे। इससे नकली नोटों का खरीदार भी आश्वस्त हो जाता था कि जाली नोट एकदम असली की तरह ही दिखने वाले हैं। बाद में खरीदार का नंबर और इंस्टाग्राम एकाउंट दोनों ब्लॉक कर देते थे। इस तरह आरोपी खरीदारों को भी बेवकूफ बनाते थे।

सुरक्षा के लिए लेते थे लाल-नीली बत्ती, लोगो और मीडिया माइक का सहारा
एसपी ने बताया कि आरोपी बहुत ही शातिर हैं। उन्हें पता था कि कभी गाड़ी की चेकिंग हुई तो वह फंस जाएंगे। इससे बचने के लिए उन्होंने गाड़ी पर लाल-नीली बत्ती लगाने के साथ ही उस पर न्यायाधीश का लोगो लगाया था। साथ ही सौदे के दौरान जाली नोटों के खरीदार से मिलने के दौरान मीडिया संस्थान की माइक आईडी हाथ में रखते थे। इससे कोई उन पर शक नहीं करता था।

धंधे में नाम-पता पूछने पर थी पाबंदी
जाली नोटों के इस पूरे धंधे में जालसाजों ने एक नियम बना रखा था। यह नियम था कि कोई भी खरीदार उनका नाम-पता नहीं पूछेगा और न ही वे खरीदार का नाम-पता जानने की कोशिश करेंगे। ऐसे में उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है कि आखिर किन-किन लोगों ने उनसे नोट खरीदे। हालांकि पुलिस नोट खरीदने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए इंस्टाग्राम चैट हिस्ट्री खंगाल रही है।

फोटो-26-आरोपियों के कब्जे से बरामद जाली और असली नोट। स्रोत: पुलिस

फोटो-26-आरोपियों के कब्जे से बरामद जाली और असली नोट। स्रोत: पुलिस- फोटो : टूंडला में फोटोग्राफरों से की लूट के गिरफ्तार आरोपी पुलिस

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