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विटामिन ए की खुराक से लड़ी जाएगी कुपोषण से जंग
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औरैया। बाल स्वास्थ्य पोषण विषय पर शुक्रवार को जिला स्तरीय नियोजन एवं समीक्षा बैठक सीएमओ दफ्तर में हुई। इसमें जिले में 18 दिसंबर से शुरू होने वाले बाल स्वास्थ्य पोषण माह के दौरान करीब तीन लाख 42 हजार 788 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है ।
समाधान पूर्वा स्थित सीएमओ कार्यालय पर आयोजित बैठक का संचालन करते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 18 दिसंबर से 18 जनवरी 2020 तक जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण माह कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान नियोजित सत्रों के माध्यम से नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को रतौंधी रोग से बचाव एवं मानसिक व शारीरिक विकास के लिए विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। इसमें नौ माह से 12 माह के कुल 10,011, एक वर्ष से दो वर्ष के कुल 43,046, दो वर्ष से 5 वर्ष तक 1,18,337 और नौ माह से 5 वर्ष तक 1,71,394 को दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाल स्वास्थ्य पोषण माह के प्रथम चरण में जुलाई 2019 में जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 89.24 प्रतिशक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई गई थी। सीएमओ डॉ. एके राय का कहना है कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ब्लाक प्रभारियों को कार्यक्रम पर ज्यादा ध्यान देना होगा। पिछले सत्र में जो बच्चे छूट गए थे, उन्हें इस सत्र में दवा की खुराक पिलाने की कोशिश की जाएगी। बाल स्वास्थ्य पोषण माह का उद्देश्य नौ माह से 05 वर्ष तक की आयु वर्ग के सभी बच्चों को विटामिन ए की खुराक समय पर दिया जाना है। बच्चे पर्याप्त मात्रा में आयोडीन का सेवन करें। इसको भी बढ़ाया जाए।
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औरैया। विटामिन ए वसा में एक घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। प्रदेश में 60 प्रतिशत बच्चों में विटामिन ए की कमी होने का खतरा होता है, जोकि बच्चों में बीमारी एवं मृत्यु-दर की संभावनाओं को बढ़ाता है। नौ माह से 5 वर्ष के बच्चों को एक वर्ष में दो बार विटामिन-ए की खुराक देनी चाहिए। नौ माह से 12 माह के बच्चों को 1 एमएल और एक वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों को 2 एमएल दवा की खुराक देनी चाहिए।
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समाधान पूर्वा स्थित सीएमओ कार्यालय पर आयोजित बैठक का संचालन करते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि 18 दिसंबर से 18 जनवरी 2020 तक जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण माह कार्यक्रम चलाया जाएगा। इस दौरान नियोजित सत्रों के माध्यम से नौ माह से पांच वर्ष तक के बच्चों को रतौंधी रोग से बचाव एवं मानसिक व शारीरिक विकास के लिए विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। इसमें नौ माह से 12 माह के कुल 10,011, एक वर्ष से दो वर्ष के कुल 43,046, दो वर्ष से 5 वर्ष तक 1,18,337 और नौ माह से 5 वर्ष तक 1,71,394 को दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बाल स्वास्थ्य पोषण माह के प्रथम चरण में जुलाई 2019 में जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 89.24 प्रतिशक बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई गई थी। सीएमओ डॉ. एके राय का कहना है कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी ब्लाक प्रभारियों को कार्यक्रम पर ज्यादा ध्यान देना होगा। पिछले सत्र में जो बच्चे छूट गए थे, उन्हें इस सत्र में दवा की खुराक पिलाने की कोशिश की जाएगी। बाल स्वास्थ्य पोषण माह का उद्देश्य नौ माह से 05 वर्ष तक की आयु वर्ग के सभी बच्चों को विटामिन ए की खुराक समय पर दिया जाना है। बच्चे पर्याप्त मात्रा में आयोडीन का सेवन करें। इसको भी बढ़ाया जाए।
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औरैया। विटामिन ए वसा में एक घुलनशील विटामिन है, जो शरीर में प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। प्रदेश में 60 प्रतिशत बच्चों में विटामिन ए की कमी होने का खतरा होता है, जोकि बच्चों में बीमारी एवं मृत्यु-दर की संभावनाओं को बढ़ाता है। नौ माह से 5 वर्ष के बच्चों को एक वर्ष में दो बार विटामिन-ए की खुराक देनी चाहिए। नौ माह से 12 माह के बच्चों को 1 एमएल और एक वर्ष से 5 वर्ष तक के बच्चों को 2 एमएल दवा की खुराक देनी चाहिए।
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