{"_id":"58ac81144f1c1b9954b24564","slug":"the-death-of-the-ceiling-fell-from-monkey-attacks-vridga","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंदरों के हमले में छत से गिरी वृद्घा की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंदरों के हमले में छत से गिरी वृद्घा की मौत
अमर उजाला ब्यूरो औरैया।
Updated Tue, 21 Feb 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
घर के बाहर लगी भीड़ व रोती बिलखती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर में बंदरों का आतंक बेहद बढ़ गया है। इनके हमलों से रोज कोई न कोई घायल हो रहा है। नई बस्तियों में इनका सबसे ज्यादा आतंक है। सोमवार की शाम छत से सूखे कपड़े उठाने गई वृद्धा को बंदरों ने खदेड़ लिया। यह छत से नीचे जाल पर गिर गईं। अस्पताल पहुंचते ही इन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं अलग-अलग स्थानों पर भी बंदरों के हमले में महिलाओं समेत चार लोग घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर है।
शहर के मोहल्ला ब्रह्मनगर निवासी महादेवी (78 वर्ष) पत्नी किशन दयाल सोमवार की देरशाम छत पर सूख रहे कपड़े लेने गई थीं। तभी बंदरों ने हमला कर दिया। इससे यह छत से नीचे जाल पर गिर गईं। उस समय यह घर पर अकेली थीं। मोहल्ले के लोगों ने इन्हें उठाया। इनके बेटे को जानकारी दी। परिवारीजन देरशाम महादेवी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के उपचार शुरू करने से पहले की इन्होंने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई।
वहीं शहर के ही मोहल्ला नरायनपुर निवासी लक्ष्मी पत्नी दयाल सिंह मंगलवार की सुबह छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। बंदरों ने इन्हें भी दौड़ा लिया। यह छज्जे से आंगन में गिरकर गंभीर घायल हो गईं। परिवारीजनों ने इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने इनकी हालत गंभीर बताई है।
विज्ञापन
स्वधीनता सेनानी/आश्रित कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश के सदस्य करुणा शंकर मिश्रा व ब्रह्मनगर मोहल्ले के दर्जनों लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। इनका कहना है कि बंदरों का आतंक ब्रह्मनगर मोहल्ले के अलावा शहर की नई बस्तियों में भी है। इन्होंने डीएम से वन विभाग के जरिए बंदरों को पकड़वाने की मांग की। करुणा शंकर ने बताया प्रशासन उनकी मांग को नजर अंदाज करता है तो आंदोलन किया जाएगा।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला ब्रह्मनगर निवासी महादेवी (78 वर्ष) पत्नी किशन दयाल सोमवार की देरशाम छत पर सूख रहे कपड़े लेने गई थीं। तभी बंदरों ने हमला कर दिया। इससे यह छत से नीचे जाल पर गिर गईं। उस समय यह घर पर अकेली थीं। मोहल्ले के लोगों ने इन्हें उठाया। इनके बेटे को जानकारी दी। परिवारीजन देरशाम महादेवी को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों के उपचार शुरू करने से पहले की इन्होंने दम तोड़ दिया। इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई।
विज्ञापन
वहीं शहर के ही मोहल्ला नरायनपुर निवासी लक्ष्मी पत्नी दयाल सिंह मंगलवार की सुबह छत पर कपड़े सुखाने गई थीं। बंदरों ने इन्हें भी दौड़ा लिया। यह छज्जे से आंगन में गिरकर गंभीर घायल हो गईं। परिवारीजनों ने इन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने इनकी हालत गंभीर बताई है।
विज्ञापन
स्वधीनता सेनानी/आश्रित कल्याण परिषद उत्तर प्रदेश के सदस्य करुणा शंकर मिश्रा व ब्रह्मनगर मोहल्ले के दर्जनों लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र भेजकर बंदरों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। इनका कहना है कि बंदरों का आतंक ब्रह्मनगर मोहल्ले के अलावा शहर की नई बस्तियों में भी है। इन्होंने डीएम से वन विभाग के जरिए बंदरों को पकड़वाने की मांग की। करुणा शंकर ने बताया प्रशासन उनकी मांग को नजर अंदाज करता है तो आंदोलन किया जाएगा।