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Auraiya News: भगवान श्रीराम से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर छात्र-छात्राओं ने लूटी वाहवाही
Sun, 12 Nov 2023 12:09 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sun, 12 Nov 2023 12:09 AM IST
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दिबियापुर। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज भगवान धन्वंतरि जयंती एवं दीपोत्सव मनाया गया। छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीराम से जुड़े विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
विद्यालय के विवेकानंद सभागार में आचार्य उत्कर्ष पोरवाल ने दीपावली पर्व के महत्व के बारे में सभी को बताया। प्रधानाचार्य सुशील कुमार तिवारी ने कहा कि भगवान विष्णु के अवतार और देवताओं के चिकित्सक, आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि सागर मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि इसीदिन अमृत पात्र के साथ प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि आदिकाल के चिकित्सक हैं। आचार्य पीयूष ने कहा कि दीपावली का यह त्योहार भारतीय संस्कृति का गौरव है। इसका उद्देश्य समाज के हर तबके में एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना को जागृत करना है। प्रबंधक नरेंद्र त्रिपाठी ने दीप जलाने का वैज्ञानिक कारण बताते हुए कहा कि दीपक जलाने से पर्यावरण शुद्ध होता है और बरसात में पैदा हुए कीटाणुओं और विषाणुओं के मरने से वातावरण शुद्ध होता है। छात्र-छात्राओं द्वारा वंदना सभागार में दीपकों की रंगोली और अपनी-अपनी कक्षाओं में दीपक जलाए गए।
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विद्यालय के विवेकानंद सभागार में आचार्य उत्कर्ष पोरवाल ने दीपावली पर्व के महत्व के बारे में सभी को बताया। प्रधानाचार्य सुशील कुमार तिवारी ने कहा कि भगवान विष्णु के अवतार और देवताओं के चिकित्सक, आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वंतरि की जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि सागर मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि इसीदिन अमृत पात्र के साथ प्रकट हुए थे। भगवान धन्वंतरि आदिकाल के चिकित्सक हैं। आचार्य पीयूष ने कहा कि दीपावली का यह त्योहार भारतीय संस्कृति का गौरव है। इसका उद्देश्य समाज के हर तबके में एक दूसरे के प्रति सहयोग की भावना को जागृत करना है। प्रबंधक नरेंद्र त्रिपाठी ने दीप जलाने का वैज्ञानिक कारण बताते हुए कहा कि दीपक जलाने से पर्यावरण शुद्ध होता है और बरसात में पैदा हुए कीटाणुओं और विषाणुओं के मरने से वातावरण शुद्ध होता है। छात्र-छात्राओं द्वारा वंदना सभागार में दीपकों की रंगोली और अपनी-अपनी कक्षाओं में दीपक जलाए गए।
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