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बोर्ड परीक्षा के प्रारूप को लेकर विद्यार्थी में असमंजस
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औरैया। सीबीएसई और सीआईएससीई की दो टर्म में परीक्षा होनी है। पहले टर्म की परीक्षाएं हो चुकी हैं। दूसरे टर्म की परीक्षाएं अप्रैल में प्रस्तावित हैं। इधर यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रश्नपत्रों का प्रारूप घोषित न होने से हाईस्कूल व इंटर
के छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सीबीएसई और सीआईएससीई की पहले टर्म की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र बहु विकल्पीय थे और अब दूसरे टर्म में
छात्रों को वर्णात्मक प्रश्न हल करने होंगे। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से भले ही दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं की तिथि अभी तय नहीं की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल में होनी हैं।
ऐसे में समय कम होने से छात्रों में असमंजस की स्थिति है कि परीक्षाओं में उन्हें किस तरह के प्रश्न हल करने होंगे। विद्यार्थी समय-समय पर शिक्षकों से इस संबंध में जानकारी कर रहे हैं। परीक्षाओं को लेकर बच्चों के मन में तरह-तरह के सवाल हैं।
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बच्चों को उम्मीद है कि प्रश्नपत्र का प्रारूप हर साल की तरह ही होगा क्योंकि इसमें बदलाव करने के लिए समय नहीं बचा है।
सीबीएसई और अन्य बोर्ड की तरह यूपी बोर्ड को भी प्रश्नपत्र के प्रारूप के संबंध में छात्रों से अवगत करा देना चाहिए। ताकि उनमें किसी तरह का संशय न रहे। - मंयक, कक्षा 12
इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण स्कूूल कालेज बंद थे। पढ़ाई काफी प्रभावित रही है। ऐसे में इस बार भी परीक्षा को लेकर समस्याएं आ रही हैं। - सागर, कक्षा 12
बोर्ड परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति है। सभी छात्र परेशान हैं कि प्रश्नपत्र का क्या प्रारूप होगा। बोर्ड को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। - श्रेयस भदौरिया, कक्षा 12
प्रारूप मिलने से कुछ हद तक आसानी हो जाती है। अब हम क्या पढ़ें क्या नहीं। इसे लेकर संशय बना हुआ है। इस तरफ ध्यान देने की जरुरत है। - ऋतुराज अवस्थी, कक्षा दस
बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र के प्रारूप के संबंध में किसी तरह के निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में हर वर्ष जिस तरह का प्रश्नपत्र आता है उसी प्रकार के प्रारूप में आने की संभावना है। छात्रों को पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। - चंद्रशेखर मालवीय, जिला विद्यालय निरीक्षक
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के छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सीबीएसई और सीआईएससीई की पहले टर्म की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र बहु विकल्पीय थे और अब दूसरे टर्म में
छात्रों को वर्णात्मक प्रश्न हल करने होंगे। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से भले ही दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं की तिथि अभी तय नहीं की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार बोर्ड परीक्षाएं अप्रैल में होनी हैं।
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ऐसे में समय कम होने से छात्रों में असमंजस की स्थिति है कि परीक्षाओं में उन्हें किस तरह के प्रश्न हल करने होंगे। विद्यार्थी समय-समय पर शिक्षकों से इस संबंध में जानकारी कर रहे हैं। परीक्षाओं को लेकर बच्चों के मन में तरह-तरह के सवाल हैं।
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बच्चों को उम्मीद है कि प्रश्नपत्र का प्रारूप हर साल की तरह ही होगा क्योंकि इसमें बदलाव करने के लिए समय नहीं बचा है।
सीबीएसई और अन्य बोर्ड की तरह यूपी बोर्ड को भी प्रश्नपत्र के प्रारूप के संबंध में छात्रों से अवगत करा देना चाहिए। ताकि उनमें किसी तरह का संशय न रहे। - मंयक, कक्षा 12
इस बार भी कोरोना संक्रमण के कारण स्कूूल कालेज बंद थे। पढ़ाई काफी प्रभावित रही है। ऐसे में इस बार भी परीक्षा को लेकर समस्याएं आ रही हैं। - सागर, कक्षा 12
बोर्ड परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति है। सभी छात्र परेशान हैं कि प्रश्नपत्र का क्या प्रारूप होगा। बोर्ड को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। - श्रेयस भदौरिया, कक्षा 12
प्रारूप मिलने से कुछ हद तक आसानी हो जाती है। अब हम क्या पढ़ें क्या नहीं। इसे लेकर संशय बना हुआ है। इस तरफ ध्यान देने की जरुरत है। - ऋतुराज अवस्थी, कक्षा दस
बोर्ड परीक्षाओं के प्रश्नपत्र के प्रारूप के संबंध में किसी तरह के निर्देश जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में हर वर्ष जिस तरह का प्रश्नपत्र आता है उसी प्रकार के प्रारूप में आने की संभावना है। छात्रों को पढ़ाई जारी रखनी चाहिए। - चंद्रशेखर मालवीय, जिला विद्यालय निरीक्षक