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Auraiya News: दुकानों पर धड़ल्ले से घरेलू सिलिंडर से धधक रहीं भट्ठियां, विभाग आंखें मूंदे
Wed, 16 Sep 2026 12:46 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:46 AM IST
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मुरादगंज स्थित दुकान में रखा सिलिंडर। संवाद
औरैया। जिले में घरेलू एलपीजी सिलिंडरों का व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग बेधड़क जारी है। दुकानों, ढाबों और होटलों में नियमों को ताक पर रखकर घरेलू सिलिंडरों से काम लिया जा रहा है। मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने घरेलू सिलिंडरों के इस्तेमाल को लेकर पड़ताल की। जिसमें अधिकतर दुकानों पर दुकानदार बेखौफ होकर घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल करते हुए नजर आए।
वहीं आपूर्ति विभाग की सतर्कता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां मुरादगंज और एरवाकटरा में घरेलू सिलिंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल के दौरान फटने से पांच लोग झुलस गए थे लेकिन अफसरों की नींद नहीं टूटी। विभागीय आंकड़े अफसरों की सक्रियता की चुगली कर रहे हैं। पूरे महीने में सिर्फ एक ही सिलिंडर जब्त करके औपचारिकता पूरी की गई। विभाग की इस ढिलाई का खामियाजा आम जनता को हादसों के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
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फास्टफूड की दुकान पर लगा मिला घरेलू सिलिंडर
फोटो- 18
केस एक
मुरादगंज कस्बा में दोपहर 1:25 बजे फास्ट फूड की दुकान में खुलेआम घरेलू सिलिंडर से चूल्हा जलाया जा रहा था। पूछने पर दुकानदार ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर महंगा मिलता है। इस वजह से 1300 रुपये देकर घरेलू सिलिंडर ले लेते हैं। जबकि घरेलू सिलिंडर की कीमत 957 रुपये ही है। देने वाले की भी कमाई हो जाती है।
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घरेलू सिलिंडर लगाकर बना रहे थे समोसे
फोटो-19
केस दो
भीखेपुर बाजार में दोपहर 4:06 बजे एक समोसे की दुकान में घरेलू सिलिंडर से चूल्हा जलाया जा रहा था। दुकानदार को किसी का खौफ भी नहीं था। वह किसी डिलीवरी वाले से फोन पर बातचीत के दौरान कह रहा था कि अब सिलिंडर खत्म होने वाला है। जल्द ही सिलिंडर पहुंचा दे नहीं तो सुबह परेशानी होगी।
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पेड़ की आड़ में सिलिंडर रखा था सिलिंडर
केस तीन
सुभाष चौक के पास दोपहर 3:08 बजे एक दुकान में भीड़ लगी थी। कारीगर कढ़ाई में भटूरे निकला रहा था। यहां घरेलू सिलिंडर का ही इस्तेमाल हो रहा था। किसी की नजर न पड़े इस लिए दुकानदार ने उसे पेड़ की आड़ में रखा था।
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केस चार
ब्लैक में लेते हैं रेट तय नहीं होता
दिबियापुर रोड स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने दो भोजनालय हैं। दोपहर 1:18 बजे इन दोनों में ही घरेलू गैस सिलिंडर इस्तेमाल रहा था। एक ग्राहक ने पूछा भी कि यह सिलिंडर कितने का मिल रहा तो दुकानदार बोला कि ब्लैक में लेना पड़ता, रेट तय नहीं हैं।
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कपड़ा डालकर छिपा देते घरेलू सिलिंडर
औरैया शहर में अधिकतर खानपान की दुकानों में घरेलू सिलिंडर का ही इस्तेमाल हो रहा है। सुभाष चौक के आसपास खानपान की दुकानों में लगे घरेलू सिलिंडरों के ऊपर कपड़ा रखकर ढक दिया जाता है। ताकि आने व जाने वाले की नजर सिलिंडरों पर न पड़े। इसका असर गैस गोदामों में पर भी पड़ रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए आज भी तीन से चार दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
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व्यवस्था पर नजर
जिले में तीन लाख गैस कनेक्शन
व्यावसायिक सिलिंडरों की संख्या 500
कुल 28 एजेंसियों के माध्यम से होता वितरण
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पूर्व में चलाए गए अभियानों में ताबड़तोड़ छापे मारकर 96 अवैध घरेलू सिलिंडर जब्त किए गए थे। अगस्त में यह आंकड़ा घटकर महज एक पर सिमट गया है। बुधवार से फिर बड़ा अभियान चलाकर दुकानों पर घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी
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वहीं आपूर्ति विभाग की सतर्कता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां मुरादगंज और एरवाकटरा में घरेलू सिलिंडर के व्यावसायिक इस्तेमाल के दौरान फटने से पांच लोग झुलस गए थे लेकिन अफसरों की नींद नहीं टूटी। विभागीय आंकड़े अफसरों की सक्रियता की चुगली कर रहे हैं। पूरे महीने में सिर्फ एक ही सिलिंडर जब्त करके औपचारिकता पूरी की गई। विभाग की इस ढिलाई का खामियाजा आम जनता को हादसों के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
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फास्टफूड की दुकान पर लगा मिला घरेलू सिलिंडर
फोटो- 18
केस एक
मुरादगंज कस्बा में दोपहर 1:25 बजे फास्ट फूड की दुकान में खुलेआम घरेलू सिलिंडर से चूल्हा जलाया जा रहा था। पूछने पर दुकानदार ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर महंगा मिलता है। इस वजह से 1300 रुपये देकर घरेलू सिलिंडर ले लेते हैं। जबकि घरेलू सिलिंडर की कीमत 957 रुपये ही है। देने वाले की भी कमाई हो जाती है।
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घरेलू सिलिंडर लगाकर बना रहे थे समोसे
फोटो-19
केस दो
भीखेपुर बाजार में दोपहर 4:06 बजे एक समोसे की दुकान में घरेलू सिलिंडर से चूल्हा जलाया जा रहा था। दुकानदार को किसी का खौफ भी नहीं था। वह किसी डिलीवरी वाले से फोन पर बातचीत के दौरान कह रहा था कि अब सिलिंडर खत्म होने वाला है। जल्द ही सिलिंडर पहुंचा दे नहीं तो सुबह परेशानी होगी।
पेड़ की आड़ में सिलिंडर रखा था सिलिंडर
केस तीन
सुभाष चौक के पास दोपहर 3:08 बजे एक दुकान में भीड़ लगी थी। कारीगर कढ़ाई में भटूरे निकला रहा था। यहां घरेलू सिलिंडर का ही इस्तेमाल हो रहा था। किसी की नजर न पड़े इस लिए दुकानदार ने उसे पेड़ की आड़ में रखा था।
केस चार
ब्लैक में लेते हैं रेट तय नहीं होता
दिबियापुर रोड स्थित बीएसएनएल कार्यालय के सामने दो भोजनालय हैं। दोपहर 1:18 बजे इन दोनों में ही घरेलू गैस सिलिंडर इस्तेमाल रहा था। एक ग्राहक ने पूछा भी कि यह सिलिंडर कितने का मिल रहा तो दुकानदार बोला कि ब्लैक में लेना पड़ता, रेट तय नहीं हैं।
कपड़ा डालकर छिपा देते घरेलू सिलिंडर
औरैया शहर में अधिकतर खानपान की दुकानों में घरेलू सिलिंडर का ही इस्तेमाल हो रहा है। सुभाष चौक के आसपास खानपान की दुकानों में लगे घरेलू सिलिंडरों के ऊपर कपड़ा रखकर ढक दिया जाता है। ताकि आने व जाने वाले की नजर सिलिंडरों पर न पड़े। इसका असर गैस गोदामों में पर भी पड़ रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं को सिलिंडर के लिए आज भी तीन से चार दिन तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
व्यवस्था पर नजर
जिले में तीन लाख गैस कनेक्शन
व्यावसायिक सिलिंडरों की संख्या 500
कुल 28 एजेंसियों के माध्यम से होता वितरण
पूर्व में चलाए गए अभियानों में ताबड़तोड़ छापे मारकर 96 अवैध घरेलू सिलिंडर जब्त किए गए थे। अगस्त में यह आंकड़ा घटकर महज एक पर सिमट गया है। बुधवार से फिर बड़ा अभियान चलाकर दुकानों पर घरेलू सिलिंडरों का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी

मुरादगंज स्थित दुकान में रखा सिलिंडर। संवाद