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Auraiya News: सब्जियों में इमिडाक्लोप्रिड का घोल बनाकर छिड़काव करें
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ककोर। जनपद में हाल ही में हुई बारिश और बढ़ी हुई नमी को देखते हुए जिला उद्यान अधिकारी सुनील कुमार तिवारी ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि आम की फसल में भुनगा (मैंगो हॉपर) और मिलीबग जैसे कीटों के नियंत्रण को प्रति हेक्टेयर 40 से 50 नीले या पीले चिपचिपे फेरोमोन ट्रैप लगाने को कहा गया है। वहीं, सब्जियों में कीट प्रकोप अधिक होने पर इमिडाक्लोप्रिड या फिप्रोनिल का निर्धारित मात्रा में घोल बनाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। फल टूटकर गिरने की समस्या से बचाव के लिए प्लानोफिक्स का घोल बनाकर छिड़काव करने को कहा गया है।
मौसम में बदलाव और 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ी आर्द्रता के कारण आम, आलू व सब्जी फसलों में कीट व रोगों का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। एडवाइजरी में किसानों को वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर फसलों की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है। टमाटर में झुलसा रोग के लक्षण दिखाई देने पर कार्बेंडाजिम और मैंकोजेब युक्त दवाओं का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं, लौकी, तोरई और खीरा जैसी फसलों में फफूंद जनित रोगों से बचाव को उपयुक्त फफूंदनाशकों के उपयोग की बात कही गई है। इसके अलावा आम के पेड़ों में तना छेदक कीट दिखाई देने पर सुराख को बंद कर उचित उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कीटनाशकों के प्रयोग के दौरान किसानों को मास्क, दस्ताने, चश्मा पहनने तथा हवा की दिशा का ध्यान रखते हुए ही छिड़काव करने की सलाह दी है। (संवाद)
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मौसम में बदलाव और 50 से 60 प्रतिशत तक बढ़ी आर्द्रता के कारण आम, आलू व सब्जी फसलों में कीट व रोगों का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। एडवाइजरी में किसानों को वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर फसलों की सुरक्षा करने की सलाह दी गई है। टमाटर में झुलसा रोग के लक्षण दिखाई देने पर कार्बेंडाजिम और मैंकोजेब युक्त दवाओं का प्रयोग करने की सलाह दी गई है। वहीं, लौकी, तोरई और खीरा जैसी फसलों में फफूंद जनित रोगों से बचाव को उपयुक्त फफूंदनाशकों के उपयोग की बात कही गई है। इसके अलावा आम के पेड़ों में तना छेदक कीट दिखाई देने पर सुराख को बंद कर उचित उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कीटनाशकों के प्रयोग के दौरान किसानों को मास्क, दस्ताने, चश्मा पहनने तथा हवा की दिशा का ध्यान रखते हुए ही छिड़काव करने की सलाह दी है। (संवाद)
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