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Auraiya News: साहब एक साल से आवास के लिए भटक रहे, अब तो करो सुनवाई...
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पीड़ितों के लिए कितना कारगर साबित हो रहा है। इसकी वानगी शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर देखने को मिली। जहां अपनी फरियाद लेकर पहुंची एसपी आवास के पास रहने वाली पीड़िता ने बताया कि वह पिछले एक साल से आवास के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा दी है। बावजूद इसके आज तक किसी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया है।शिकायतें सुनते हुए जिलाधिकारी नेहा प्रकाश व एसपी चारू निगम ने लंबी कतार देख अधिकारियों काे गुणवत्ता परक निस्तारण के निर्देश दिए।
सदर तहसील सभागार में हुई सुनवाई में शनिवार को 67 शिकायतें आईं। जिसमें से पांच का ही निस्तारण मौके पर हो सका। जमीन की पैमाइश से लेकर सड़क नाली खंड़जा के मामले ज्यादा रहे। आवास व अन्य सरकारी योजनाओं की मांग करने वाले पात्र भी इस फेहरिस्त में शामिल रहे। जिन्हें आश्वासन दिया गया।
इस दौरान शिकायत लेकर पहुंची सोनी बेगम ने बताया कि वह शहर के एसपी आवास स्थित कांशीराम काॅलोनी में अपने रिश्तेदार के यहां रह रही है। रिश्तेदार आए दिन उससे घर छोड़ने को कहता रहता है, लेकिन उसके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में वह जाए तो जाए कहां। पीड़िता ने बताया कि कांशीराम काॅलोनी में काफी आवास खाली पड़े हैं। वह पिछले एक साल से संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट कर थक चुकी है, लेकिन उसे आवास आवंटित नहीं किया गया।
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सोनी ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा कि डूडा कार्यालय के कर्मचारी उसे कार्यालय में बुलाकर परेशान कर रहे हैं। पीड़िता मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट पाल रही है। वहीं सदर ब्लॉक के गांव माल्हेपुर निवासी निराशा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका पति शराब का आदी है। परिवार के भरण-पोषण के लिए कुछ नहीं करता है। पीड़ित के 17 वर्षीय पुत्री प्रियंका व 14 वर्ष का पुत्र विशाल है। वह पंजाब प्रांत में मजदूरी कर पेट पालती है। उसका पति खेत बेचना चाहता है। इस पर रोक लगाकर उसके बच्चों के नाम खेत दर्ज किए जाने की मांग की।
वहीं अजीतमल तहसील सभागार में हुई जनसुनवाई में एडीएम महेंद्र पाल सिंह व अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा ने समस्याएं सुनी। कुल आईं 51 शिकायतों में 11 को मौके पर निपटाया गया। बिधूना तहसील में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह व एसडीएम निशांत तिवारी ने फरियादियों को सुना। राजस्व से जुड़ी शिकायतें ज्यादा रहीं। जिनके निपटारे को लेकर क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देश दिए गए। आईं कुल 87 शिकायतों में 13 को मौके पर निपटाया जा सका।
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औरैया। सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पीड़ितों के लिए कितना कारगर साबित हो रहा है। इसकी वानगी शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर देखने को मिली। जहां अपनी फरियाद लेकर पहुंची एसपी आवास के पास रहने वाली पीड़िता ने बताया कि वह पिछले एक साल से आवास के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा दी है। बावजूद इसके आज तक किसी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया है।शिकायतें सुनते हुए जिलाधिकारी नेहा प्रकाश व एसपी चारू निगम ने लंबी कतार देख अधिकारियों काे गुणवत्ता परक निस्तारण के निर्देश दिए।
सदर तहसील सभागार में हुई सुनवाई में शनिवार को 67 शिकायतें आईं। जिसमें से पांच का ही निस्तारण मौके पर हो सका। जमीन की पैमाइश से लेकर सड़क नाली खंड़जा के मामले ज्यादा रहे। आवास व अन्य सरकारी योजनाओं की मांग करने वाले पात्र भी इस फेहरिस्त में शामिल रहे। जिन्हें आश्वासन दिया गया।
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इस दौरान शिकायत लेकर पहुंची सोनी बेगम ने बताया कि वह शहर के एसपी आवास स्थित कांशीराम काॅलोनी में अपने रिश्तेदार के यहां रह रही है। रिश्तेदार आए दिन उससे घर छोड़ने को कहता रहता है, लेकिन उसके पास रहने का कोई ठिकाना नहीं है। ऐसे में वह जाए तो जाए कहां। पीड़िता ने बताया कि कांशीराम काॅलोनी में काफी आवास खाली पड़े हैं। वह पिछले एक साल से संपूर्ण समाधान दिवस से लेकर अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर काट कर थक चुकी है, लेकिन उसे आवास आवंटित नहीं किया गया।
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सोनी ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा कि डूडा कार्यालय के कर्मचारी उसे कार्यालय में बुलाकर परेशान कर रहे हैं। पीड़िता मेहनत मजदूरी करके परिवार का पेट पाल रही है। वहीं सदर ब्लॉक के गांव माल्हेपुर निवासी निराशा ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया कि उसका पति शराब का आदी है। परिवार के भरण-पोषण के लिए कुछ नहीं करता है। पीड़ित के 17 वर्षीय पुत्री प्रियंका व 14 वर्ष का पुत्र विशाल है। वह पंजाब प्रांत में मजदूरी कर पेट पालती है। उसका पति खेत बेचना चाहता है। इस पर रोक लगाकर उसके बच्चों के नाम खेत दर्ज किए जाने की मांग की।
वहीं अजीतमल तहसील सभागार में हुई जनसुनवाई में एडीएम महेंद्र पाल सिंह व अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा ने समस्याएं सुनी। कुल आईं 51 शिकायतों में 11 को मौके पर निपटाया गया। बिधूना तहसील में मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह व एसडीएम निशांत तिवारी ने फरियादियों को सुना। राजस्व से जुड़ी शिकायतें ज्यादा रहीं। जिनके निपटारे को लेकर क्षेत्रीय लेखपालों को निर्देश दिए गए। आईं कुल 87 शिकायतों में 13 को मौके पर निपटाया जा सका।