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शहीद सिपाही के अंतिम संस्कार में उमड़ा सैलाब
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रात में शहीद सिपाही राहुल दिवाकर कर शव घर पहुंचा तो ग्रामीण उमड़ पड़े।
- फोटो : AURAIYA
औरैया। कानपुर मुठभेड़ में शहीद सिपाही के अंतिम संस्कार में शनिवार को लोगों का सैलाब उमड़ा। थाना बिधूना क्षेत्र के गांव रूरूकलां के मूल निवासी कांस्टेबल राहुल दिवाकर का अंतिम संस्कार गांव में किया गया। तिरंगे में शहीद की अंतिम यात्रा निकली तो लोगों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, राहुल तेरा नाम रहेगा’ का उद्घघोष किया। जुड़वा भाई राकेश ने मुखाग्नि दी तो सभी की आंखें नम हो गईं। बहन ने मुठभेड़ के समय पर्याप्त सुरक्षा न देने का पुलिस पर आरोप लगाया है।
कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में मुठभेड़ में शहीद राहुल दिवाकर सी-205 देवेंद्रपुरी मोदीनगर गाजियाबाद में रहते थे। यहां पिता सेवानिवृत्त दरोगा ओमकुमार भी रहते हैं। राहुल के दो भाई रवी और राकेश व एक बहन नंदनी है। नंदनी की शादी हो चुकी है। राहुल का शव शुक्रवार रात लगभग 9:15 बजे गांव पहुंचा। तभी से आसपास के गांव के लोग पहुंचने लगे थे। शनिवार सुबह तिरंगा में लिपटे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो सभी की आंखें नम हो गईं।
सुबह डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति ने भी गांव पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। घर से लगभग 250 मीटर दूर खेत में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। राज्यमंत्री लाखन सिंह भी पहुंचे। शहीद के पिता ओम कुमार ने राज्यमंत्री से बेटे के नाम पर गांव में शहीद स्मृति द्वार बनवाने की मांग की।
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16 महीने में सूनी हो गई मांग
शहीद सिपाही राहुल की शादी 22 फरवरी 2019 को दिव्या से हुई थी। ढाई माह की बच्ची मिश्की है। शादी के 16 महीने बाद ही दिव्या की मांग सूनी हो गई। वह शुक्रवार से बदहवास हालत में हैं। बच्ची का भी होश नहीं है। परिजन बच्ची को दूध पिला रहे हैं।
बहन का आरोप, अधूरी तैयारी के साथ भेजा था फोर्स
शहीद सिपाही राहुल की बहन नंदनी ने महकमे पर लापरवाही का आरोप लगाया है। नंदनी ने एसपी से रो-रोकर कहा कि पूरी सुरक्षा के साथ टीम को नहीं भेजा गया था। बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट भी नहीं दिया गया था। हेलमेट न होने से सिर में गोली लगी। पुलिस ठीक से काम नहीं कर रही। सरकार साथ नहीं देती है। नंदनी ने कहा कि मुठभेड़ में जाने से पहले राहुल ने पापा को फोन कर बताया था कि मैं मुठभेड़ में जा रहा हूं। पापा ने कहा था कि संभल कर जाना। आरोप लगाया कि नेताओं को कौन सा खतरा है जो उनके साथ 20 सुरक्षा कर्मी चलेंगे और पुलिस के साथ ऐसा क्यों नहीं, उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी जाती।
14 जून को गाजियाबाद गए थे राहुल
परिजनों ने बताया कि मार्च में बिठूर में तैनाती हुई थी। 14 जून को राहुल मोदीनगर गाजियाबाद गए थे। जुड़वा भाई राकेश की शादी में 15 जून को शामिल हुए थे। 19 जून को ड्यूटी ज्वाइन की थी।
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कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में मुठभेड़ में शहीद राहुल दिवाकर सी-205 देवेंद्रपुरी मोदीनगर गाजियाबाद में रहते थे। यहां पिता सेवानिवृत्त दरोगा ओमकुमार भी रहते हैं। राहुल के दो भाई रवी और राकेश व एक बहन नंदनी है। नंदनी की शादी हो चुकी है। राहुल का शव शुक्रवार रात लगभग 9:15 बजे गांव पहुंचा। तभी से आसपास के गांव के लोग पहुंचने लगे थे। शनिवार सुबह तिरंगा में लिपटे शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया तो सभी की आंखें नम हो गईं।
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सुबह डीएम अभिषेक सिंह, एसपी सुनीति ने भी गांव पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। घर से लगभग 250 मीटर दूर खेत में शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। राज्यमंत्री लाखन सिंह भी पहुंचे। शहीद के पिता ओम कुमार ने राज्यमंत्री से बेटे के नाम पर गांव में शहीद स्मृति द्वार बनवाने की मांग की।
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16 महीने में सूनी हो गई मांग
शहीद सिपाही राहुल की शादी 22 फरवरी 2019 को दिव्या से हुई थी। ढाई माह की बच्ची मिश्की है। शादी के 16 महीने बाद ही दिव्या की मांग सूनी हो गई। वह शुक्रवार से बदहवास हालत में हैं। बच्ची का भी होश नहीं है। परिजन बच्ची को दूध पिला रहे हैं।
बहन का आरोप, अधूरी तैयारी के साथ भेजा था फोर्स
शहीद सिपाही राहुल की बहन नंदनी ने महकमे पर लापरवाही का आरोप लगाया है। नंदनी ने एसपी से रो-रोकर कहा कि पूरी सुरक्षा के साथ टीम को नहीं भेजा गया था। बुलेट प्रूफ जैकेट और हेलमेट भी नहीं दिया गया था। हेलमेट न होने से सिर में गोली लगी। पुलिस ठीक से काम नहीं कर रही। सरकार साथ नहीं देती है। नंदनी ने कहा कि मुठभेड़ में जाने से पहले राहुल ने पापा को फोन कर बताया था कि मैं मुठभेड़ में जा रहा हूं। पापा ने कहा था कि संभल कर जाना। आरोप लगाया कि नेताओं को कौन सा खतरा है जो उनके साथ 20 सुरक्षा कर्मी चलेंगे और पुलिस के साथ ऐसा क्यों नहीं, उन्हें सुरक्षा क्यों नहीं दी जाती।
14 जून को गाजियाबाद गए थे राहुल
परिजनों ने बताया कि मार्च में बिठूर में तैनाती हुई थी। 14 जून को राहुल मोदीनगर गाजियाबाद गए थे। जुड़वा भाई राकेश की शादी में 15 जून को शामिल हुए थे। 19 जून को ड्यूटी ज्वाइन की थी।