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लाखों पानी में डूबे, पीडब्ल्यूडी की सड़कें साल भर में जर्जर
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गड्ढों में तब्दील सौथरा-शिवगंज मार्ग। संवाद
- फोटो : AURAIYA
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औरैया। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश में आज से पीडब्ल्यूडी की सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने का अभियान चलाने की बात कही है। जिले में पीडब्ल्यूडी की सड़कों का हाल अच्छा नहीं है। पिछले साल लाखों खर्च कर लोक निर्माण विभाग ने करीब 300 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत कराई थी, लेकिन अब ये चलने लायक नहीं रहीं हैं। कहीं सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं तो कहीं पूरी सड़क ही कट गई है। इनके नवीनीकरण की जरूरत है।
सबसे खराब हालात ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की है। करीब 200 किमी सड़कें ऐसी हैं जिनमें ठीक से पैचवर्क नहीं किया गया। मरम्मत की परत उखड़ चुकी है। कई सड़कों के नवीनीकरण के प्रस्ताव अधर में लटके हैं। इस वर्ष के लिए अभी तक विभाग को 40 लाख रुपये गड्ढामुक्त सड़क के लिए शासन से स्वीकृत हुआ है। विभाग ने शीघ्र मरम्मत के लिए अभियंताओं से सर्वे कराकर मरम्मत कराने की बात कही है। इसके लिए वाटर वेस्ट डामर भी मंगवाया जा रहा है।
सीन-1
सौथरा-शिवगंज मार्ग सालों से बदहाली का शिकार है। यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है। सड़क के घटिया निर्माण और ठीक से मरम्मत न होने से साल भर में ही इस पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। ये रोड विभाग की पोल खोल रही है। बारिश में पानी भरने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
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सीन-2
कैथावा मार्ग पूरी तरह कट चुका है। सड़क तो जैसे गायब है। विभाग की अनदेखी और बंदरबांट के कारण सड़कें मरम्मत लायक नहीं बची हैं। इसके अलावा क्षेत्र का बेला-इंदरगढ़ मार्ग 10 किमी, याकूबपुर-सहायल मार्ग 15 किमी, हरदू-नूनारी मार्ग पांच किमी, कानपुर रोड से बरकसी तीन किमी मार्ग, बेला-मनुआपुरवा मार्ग दो किमी, दूजेपूर्वा- कसहरी मार्ग तीन किमी तक पूरी तरह जर्जर हैं।
सीन-3
सहार क्षेत्र का हरवंशपुर मार्ग दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। लाखों रुपये खर्च कर बनी यह सड़क कई जगह धंस गई है। सहार से बिधूना जाने वाले इस मार्ग से उतमापुर, भड़रिया, पचपेड़ा, पहाड़पुर, उदईपुरवा, सुखमपुर, इंद्रामऊ आदि गांवों के लोग गुजरते हैं। सड़क पर गड्ढे होने से हादसे हो रहे हैं।
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सबसे खराब हालात ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की है। करीब 200 किमी सड़कें ऐसी हैं जिनमें ठीक से पैचवर्क नहीं किया गया। मरम्मत की परत उखड़ चुकी है। कई सड़कों के नवीनीकरण के प्रस्ताव अधर में लटके हैं। इस वर्ष के लिए अभी तक विभाग को 40 लाख रुपये गड्ढामुक्त सड़क के लिए शासन से स्वीकृत हुआ है। विभाग ने शीघ्र मरम्मत के लिए अभियंताओं से सर्वे कराकर मरम्मत कराने की बात कही है। इसके लिए वाटर वेस्ट डामर भी मंगवाया जा रहा है।
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सीन-1
सौथरा-शिवगंज मार्ग सालों से बदहाली का शिकार है। यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है। सड़क के घटिया निर्माण और ठीक से मरम्मत न होने से साल भर में ही इस पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। ये रोड विभाग की पोल खोल रही है। बारिश में पानी भरने से हादसे का खतरा और बढ़ जाता है।
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सीन-2
कैथावा मार्ग पूरी तरह कट चुका है। सड़क तो जैसे गायब है। विभाग की अनदेखी और बंदरबांट के कारण सड़कें मरम्मत लायक नहीं बची हैं। इसके अलावा क्षेत्र का बेला-इंदरगढ़ मार्ग 10 किमी, याकूबपुर-सहायल मार्ग 15 किमी, हरदू-नूनारी मार्ग पांच किमी, कानपुर रोड से बरकसी तीन किमी मार्ग, बेला-मनुआपुरवा मार्ग दो किमी, दूजेपूर्वा- कसहरी मार्ग तीन किमी तक पूरी तरह जर्जर हैं।
सीन-3
सहार क्षेत्र का हरवंशपुर मार्ग दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है। लाखों रुपये खर्च कर बनी यह सड़क कई जगह धंस गई है। सहार से बिधूना जाने वाले इस मार्ग से उतमापुर, भड़रिया, पचपेड़ा, पहाड़पुर, उदईपुरवा, सुखमपुर, इंद्रामऊ आदि गांवों के लोग गुजरते हैं। सड़क पर गड्ढे होने से हादसे हो रहे हैं।