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मुर्दों के नाम पर खा गए गरीबों का राशन
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औरैया। जिले में कुछ लोग मुर्दों के नाम पर भी राशन ले रहे हैं। ऐसे 65 लोगों को चिह्नित किया गया है। वहीं, एक सैकड़ा से अधिक संपन्न लोग गरीबों का निवाला छीन रहे हैं। इसका खुलासा आपूर्ति विभाग की ओर से अंत्योदय कार्डों के सत्यापन में हुआ है। अधिकारियों ने इन कार्डों के निलंबित करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
अंत्योदय कार्डधारक को 35 किलो राशन (20 किलो गेहूं दो रुपये किलो प्रति और 15 किलो चावल तीन रुपये प्रति) की दर से दिया जा रहा है। कार्ड पर केरोसिन सस्ती दर पर अलग से दिया जाता है। जिले में 51506 अंत्योदय कार्डधारक हैं। शासन ने अंत्योदय कार्डों के सत्यापन के आदेश दिए थे। आपूर्ति विभाग ने फीडिंग के साथ सत्यापन कराया जिसमें 51506 में 23740 अंत्योदय कार्डों का सत्यापन हुआ है। जिसमें 304 अपात्र पाए गए। इनमें 146 आर्थिक रूप से संपन्न मिले। इनके पास दो से लेकर चार पहिया वाहन, कई मंजिला मकान और कुछ के पास अच्छी खासी जमीन है।
वहीं, 65 कार्ड धारक तो मर चुके हैं लेकिन कार्डों पर अन्न निकाला जा रहा है। कई अन्य कार्डधारक गांव से निकलकर शहर में शिफ्ट हो गए लेकिन गांव में उनके नाम से राशन उठ रहा है। रिपोर्ट जब विभागीय अधिकारियों के पास पहुंची तो इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद 304 अपात्रों का नाम हटाकर उनके स्थान पर पात्रों के नाम शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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जिम्मेदार बोले
शासन से मिले आदेश के क्रम में 51506 अंत्योदय कार्डधारकों में अब तक 23740 का सर्वे कराया जा चुका है। जिसमें 304 अपात्र मिले हैं। इसमें 146 कार्डधारक ऐसे सामने आए जिनके पास चार पहिया वाहन, खेत व कई मंजिला मकान थे। ऐसे अपात्रों का नाम हटाकर उनके स्थान पर पात्रों का चयन करके कार्ड जारी किए जा रहे हैं। शेष का सर्वे काम चल रहा है। - रामेंद्र सिंह, प्रभारी डीएसओ
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अंत्योदय कार्डधारक को 35 किलो राशन (20 किलो गेहूं दो रुपये किलो प्रति और 15 किलो चावल तीन रुपये प्रति) की दर से दिया जा रहा है। कार्ड पर केरोसिन सस्ती दर पर अलग से दिया जाता है। जिले में 51506 अंत्योदय कार्डधारक हैं। शासन ने अंत्योदय कार्डों के सत्यापन के आदेश दिए थे। आपूर्ति विभाग ने फीडिंग के साथ सत्यापन कराया जिसमें 51506 में 23740 अंत्योदय कार्डों का सत्यापन हुआ है। जिसमें 304 अपात्र पाए गए। इनमें 146 आर्थिक रूप से संपन्न मिले। इनके पास दो से लेकर चार पहिया वाहन, कई मंजिला मकान और कुछ के पास अच्छी खासी जमीन है।
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वहीं, 65 कार्ड धारक तो मर चुके हैं लेकिन कार्डों पर अन्न निकाला जा रहा है। कई अन्य कार्डधारक गांव से निकलकर शहर में शिफ्ट हो गए लेकिन गांव में उनके नाम से राशन उठ रहा है। रिपोर्ट जब विभागीय अधिकारियों के पास पहुंची तो इसे गंभीरता से लिया। इसके बाद 304 अपात्रों का नाम हटाकर उनके स्थान पर पात्रों के नाम शामिल कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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जिम्मेदार बोले
शासन से मिले आदेश के क्रम में 51506 अंत्योदय कार्डधारकों में अब तक 23740 का सर्वे कराया जा चुका है। जिसमें 304 अपात्र मिले हैं। इसमें 146 कार्डधारक ऐसे सामने आए जिनके पास चार पहिया वाहन, खेत व कई मंजिला मकान थे। ऐसे अपात्रों का नाम हटाकर उनके स्थान पर पात्रों का चयन करके कार्ड जारी किए जा रहे हैं। शेष का सर्वे काम चल रहा है। - रामेंद्र सिंह, प्रभारी डीएसओ