फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Auraiya News ›   Platelet counts are dropping, yet tests for dengue and malaria are not confirming the diagnosis.

Auraiya News: कम हो रहीं प्लेटलेट्स, डेंगू और मलेरिया की जांच में नहीं हो रही पुष्टि

Sun, 13 Sep 2026 12:45 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Sun, 13 Sep 2026 12:45 AM IST
विज्ञापन
Platelet counts are dropping, yet tests for dengue and malaria are not confirming the diagnosis.
दवा लेने के लिए लगी मरीजों की लाइन। संवाद
औरैया। इन दिनों चिचौली मेडिकल कॉलेज से लेकर जिला अस्पताल तक बुखार के मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मरीजों को करीब सात दिनों तक तेज बुखार का सामना करना पड़ रहा है। जांच रिपोर्ट में प्लेटलेट्स का स्तर तेजी से गिरता दिख रहा है, हालांकि, जांच में डेंगू या मलेरिया की पुष्टि नहीं हो रही है। ऐसे में डॉक्टर नियमित दवा के सेवन और आराम करने की सलाह दे रहे हैं।
विज्ञापन


मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि इस मौसम में फैल रहा वायरल बुखार ही प्लेटलेट्स में गिरावट का मुख्य कारण बन रहा है। मेडिकल कॉलेज की फिजीशियन ओपीडी में रोजाना 100 से ज्यादा बुखार के मरीज आ रहे हैं। कुछ मरीजों की जांच रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम पाईं जा रही हैं। जबकि डेंगू व मलेरिया की पुष्टि नहीं हो रही है। खास बात यह भी है कि ये बुखार मरीज को सात दिन तक परेशानी दे रहा है। वहीं बुखार में आराम होने के बाद मरीज को कमजोरी भी हो रही है।
विज्ञापन


ओपीडी में पहुंच रहे गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है। फिजीशियन डॉ. अपर्णा शंखवार ने बताया कि वायरल संक्रमण के कारण मरीजों को एक सप्ताह तक तेज बुखार और कमजोरी महसूस हो रही है। प्लेटलेट्स घटने से घबराने की जरूरत नहीं है। डॉक्टरी सलाह से नियमित दवाओं का सेवन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


दवा का सेवन करने के साथ-साथ आराम करें। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा न लें। नहीं तो दिक्कत और बढ़ सकती है। मेडिकल कॉलेज में सभी तरह की जांचें और दवाएं निशुल्क उपलब्ध हैं।

ध्यान रखने योग्य बातें:

बिना डॉक्टर की सलाह के एस्प्रिन या अन्य तेज दर्द निवारक दवाएं न लें।

नारियल पानी, ओआरएस घोल और ताजे फलों का जूस लें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।

मरीज को पूरी तरह विश्राम दें और कमरे में साफ-सफाई बनाए रखें।

यदि अत्यधिक सुस्ती, नाक या मसूड़ों से खून आना जैसे गंभीर लक्षण दिखें, तो तुरंत नजदीकी अस्पताल में संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed