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Auraiya News: अस्पताल में एआरवी इंजेक्शन का टोटा, भटक रहे हैं कुत्तों-बंदरों के हमलों से घायल मरीज

Tue, 04 Apr 2023 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया Updated Tue, 04 Apr 2023 11:53 PM IST
सार

जिले के अस्पताल में इंजेक्शन न होने से कुत्ता व बंदर के हमलों से घायल मरीज भटक रहे हैं। 10 मार्च के बाद से अस्पताल को एआरवी इंजेक्शनों की आपूर्ति नहीं मिली है। इसके चलते मरीज 340 रुपये का इंजेक्शन खरीदने को मजबूर हैं।

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Patients injured by attacks of dogs and monkeys wandering due to lack of injection
झुंड बनाकर शहर में घूमते बंदर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

औरैया जिले में पिछले एक पखवारे से एआरवी इंजेक्शन का टोटा बना हुआ है। शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में ही अकेले प्रतिदिन कुत्ता व बंदरों के हमले से ग्रसित एक सैकड़ा मरीज आ रहा है। इंजेक्शन न होने से अस्पताल में निशुल्क लगने वाला एआरवी इंजेक्शन मरीजों को मेडिकल स्टोर से खरीदना पड़ रहा है।

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इससे उनकी जेब पर बोझ पड़ रहा है। जिले में कुत्ता व बंदरों का आतंक है। शहर में झुंड के झुंड घूमने वाले बंदर लोगों पर आए दिन हमला कर रहे हैं। हमले से घायल मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। हालात यह है कि सरकारी अस्पतालों में एंटी रैबीज ही नहीं है।
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शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में 10 मार्च को आखिरी बार एआरवी के 80 इंजेक्शन दिए गए थे। शहर के बीचों-बीच अस्पताल होने के चलते शहर की सीमा से सटे आसपास के जिले कानपुर देहात, जालौन के लोग भी औरैया शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने आते हैं।

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मरीजों को बाहर से खरीदना पड़ रहा है इंजेक्शन
वहीं एआरवी इंजेक्शन की दो वॉयल (एक शीशी) से नौ लोगों को इंजेक्शन लगाए जाते हैं। प्रतिदिन लगभग एक सैकड़ा कुत्ता व बंदरों के हमले से घायल मरीजों के अस्पताल आने से केवल एक ही अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 10 वॉयल की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में वैक्सीन का टोटा होने से अब मरीजों को बाहर से महंगे दामों में खरीदकर इंजेक्शन लगवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।

  • शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर निवासी सतीश सोमवार को 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में एआरवी का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। जहां मौजूद अस्पताल कर्मचारी ने इंजेक्शन न होने की बात कहकर वापस लौटा दिया। सतीश ने बताया कि वह घर से बाइक ठीक कराने निकले थे। तभी बाइक मिस्त्री की दुकान से थोड़े पहले ही सड़क पर खड़े कुत्ते ने पीछे से आकर पैर में काट लिया। अस्पताल आए तो बताया कि इंजेक्शन नहीं है।
  • मोहल्ला ओम नगर निवासी वैभव अग्रवाल ने बताया कि शहर में बंदरों की संख्या बहुत है। सोमवार शाम को वह सब्जी लेकर घर जा रहे थे। तभी घर की गली के पास मौजूद बंदरों ने हमला कर दिया। इस दौरान वह सब्जी का थैला भी छीन ले गए। साथ ही उनके पैर में काट भी लिया। अस्पताल में इंजेक्शन नहीं मिला, तो मजबूरी में मेडिकल स्टोर से 340 रुपये में इंजेक्शन खरीदकर लगवाया।

बंदरो के हमले से बनी है दहशत
शहर में कई जगहों पर बंदरों का आतंक है। इनमें से सबसे ज्यादा खतरा शहर के 50 शैया अस्पताल, नगर पालिका व ब्लॉक में बना हुआ है। यहां पर लोगों के पहुंचते ही बंदर हमला कर देते हैं। दो दिन पहले अस्पताल में बंदरों ने खूब उत्पात मचाया था। बेड फाड़ डाले और तोड़फोड़ कर गंदगी फैलाई। इनके लगातार उत्पात मचाने को लेकर मरीज परेशान है। 

जिले में शायद ही किसी अस्पताल में एआरवी के इंजेक्शन हों। फिलहाल 50 शैया युक्त जिला अस्पताल में 18 मार्च से कुत्ता व बंदर काटने पर लगने वाला एआरवी इंजेक्शन नहीं है। प्रतिदिन लगभग एक सैकड़ा मरीज इंजेक्शन लगवाने आता है। अब इंजेक्शन न होने से उन्हें लौटना पड़ रहा है।  -सतपाल कटियार, चीफ फार्मासिस्ट, 50 शैया युक्त जिला अस्पताल, औरैया

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