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औरैया: पुराने पौधों की सुध नहीं, नए रोपे गए
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इंदिरानगर स्थित वन विभाग की जमीन पर टूटे पड़े ट्री गार्ड । संवाद
- फोटो : AURAIYA
दिबियापुर। हर बार लाखों रुपये खर्च कर पौधरोपण अभियान चलाया जाता है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से पौधों को जीवन नहीं मिल पा रहा है। पिछले वर्ष लगाए गए पौधों की सुध लेना भी जिम्मेदार भूल गए। कई स्थानों पर टूटे ट्री गार्ड और सूखे पौधे जिम्मेदारों को मुंह चिढ़ाते नजर आते हैं। इस बार जिले में 52 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। लोगों को उम्मीद है कि पिछले वर्षों से सबक लेते हुए इस बार लगाए जाने वाले पौधों की देखभाल के लिए भी जिम्मेदार जुटेंगे। इससे जिले के पर्यावरण को और अधिक फायदा होगा।
पिछले वर्ष में दिबियापुर में निर्माणाधीन बस अड्डे के पास वन विभाग की जमीन पर हजारों पौधे लगाए गए थे। बिना किसी सर्वे और तैयारी के लगाए गए हजारों पौधे बैरिकेडिंग न होने के कारण पहले तो जानवर चर गए थे, इसके बाद बचे पौधे जलभराव के कारण नष्ट हो गए थे। जब पौधे नष्ट हुए तो इसके साथ ही शुद्ध आक्सीजन देने की योजना ने भी दम तोड़ दिया था। आज यहां पर एक भी पौधा नजर नहीं आता है।
इंदिरानगर स्थित वन विभाग की जमीन पर पिछले वर्ष किए गए पौधरोपण के स्थान पर कई टूटे ट्री-गार्ड एवं आवारा जानवर नजर आते हैं। इसी तरह का हाल बिधूना, अछल्दा, कंचौसी क्षेत्र में लगे पौधों का रहा। औरैया के आवास विकास परिषद के तीन नंबर सेक्टर स्थित एक पार्क में पिछली बार नगर पालिका परिषद की ओर से सैकड़ों पौधे रोपित किए गए थे। जहां आज न तो कोई पौधा ही बचा है और न ही साफ-सफाई है।
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लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार पौधरोपण के स्थान पर बैरिकेडिंग करा दें तो आवारा जानवरों से ट्री-गार्डों एवं पौधों को होने वाला नुकसान रोका जा सकता है। जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व के वर्षों में किए गए पौधरोपण की समीक्षा कराई जाएगी। जिन स्थानों पर पौधे सूख गए हैं। उनके सूखने का सही कारण पता लगाया जाएगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साल दर साल लगाए गए पौधों का विवरण
वर्ष 2020: वन विभाग-1277500, अन्य सभी विभाग-1333991
वर्ष 2021: वन विभाग-1458001, अन्य सभी विभाग- 1757241
वर्ष 2022 में लक्ष्य: वन विभाग-3200000, अन्य विभाग-2000000
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पिछले वर्ष में दिबियापुर में निर्माणाधीन बस अड्डे के पास वन विभाग की जमीन पर हजारों पौधे लगाए गए थे। बिना किसी सर्वे और तैयारी के लगाए गए हजारों पौधे बैरिकेडिंग न होने के कारण पहले तो जानवर चर गए थे, इसके बाद बचे पौधे जलभराव के कारण नष्ट हो गए थे। जब पौधे नष्ट हुए तो इसके साथ ही शुद्ध आक्सीजन देने की योजना ने भी दम तोड़ दिया था। आज यहां पर एक भी पौधा नजर नहीं आता है।
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इंदिरानगर स्थित वन विभाग की जमीन पर पिछले वर्ष किए गए पौधरोपण के स्थान पर कई टूटे ट्री-गार्ड एवं आवारा जानवर नजर आते हैं। इसी तरह का हाल बिधूना, अछल्दा, कंचौसी क्षेत्र में लगे पौधों का रहा। औरैया के आवास विकास परिषद के तीन नंबर सेक्टर स्थित एक पार्क में पिछली बार नगर पालिका परिषद की ओर से सैकड़ों पौधे रोपित किए गए थे। जहां आज न तो कोई पौधा ही बचा है और न ही साफ-सफाई है।
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लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार पौधरोपण के स्थान पर बैरिकेडिंग करा दें तो आवारा जानवरों से ट्री-गार्डों एवं पौधों को होने वाला नुकसान रोका जा सकता है। जिलाधिकारी प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्व के वर्षों में किए गए पौधरोपण की समीक्षा कराई जाएगी। जिन स्थानों पर पौधे सूख गए हैं। उनके सूखने का सही कारण पता लगाया जाएगा। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
साल दर साल लगाए गए पौधों का विवरण
वर्ष 2020: वन विभाग-1277500, अन्य सभी विभाग-1333991
वर्ष 2021: वन विभाग-1458001, अन्य सभी विभाग- 1757241
वर्ष 2022 में लक्ष्य: वन विभाग-3200000, अन्य विभाग-2000000

वन विभाग की इसी जमीन पर पिछले वर्ष लगाए गए थे पौधे। संवाद- फोटो : AURAIYA