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लापरवाही बरतने पर जिला क्षय रोग अधिकारी का वेतन रोका
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औरैया। पोर्टल पर स्वास्थ्य संबंधी डाटा कम फीड होने पर जिलाधिकारी ने जिला क्षय रोग अधिकारी को वेतन रोक दिया है। वहीं बिधूना व अयाना के एमओआईसी (मेडिकल ऑफीसर इंचार्ज) और बीपीएम को नोटिस दी है।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में हुई। जिसमें टीबी मुक्त अभियान भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में एनएचएम के तहत जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी भुगतान, स्वास्थ्य इंडिकेटर पोर्टल पर एचएमआईएस, आरसीएच पोर्टल, डाटा फीडिंग, परिवार कल्याण, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, क्षय रोग कार्यक्रम, गोल्डन कार्ड तथा फाइलेरिया अभियान की समीक्षा की गई। उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकारी डा. नवीन कुमार को टीबी मुक्त अभियान में लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने सभी एमओआईसी अधीक्षक को लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।। इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए। साथ ही सभी अस्पतालों में उचित साफ-सफाई की व्यवस्था हो। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि जननी सुरक्षा योजना के तहत सभी आशा और गर्भवती महिलाओं का समय से भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की कोई देरी ना की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी गर्भवती महिला का प्राइवेट अस्पताल में प्रसव न होने दिया जाए। सभी प्रसव सरकारी अस्पताल में ही कराये जाए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिये कि इसमें लापरवाही बरतने वाले आशाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के लिए चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग से तालमेल बैठाकर इसे सभी गर्भवती व किशोरियों तक पहुंचाया जाए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार भी किया जाए। बच्चे के जन्म से पहले ही मां और बच्चे में खून की कमी को रोकने के लिए आयरन की गोलियां गर्भवती मां को एएनएम द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। सभी 6 से 19 वर्ष तक की किशोरियों को अध्यापकों और आंगनवाड़ी कार्यकत्री के माध्यम से गोलियां उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ सहित सभी एमओआईसी अधीक्षक उपस्थित रहे।
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बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में हुई। जिसमें टीबी मुक्त अभियान भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में एनएचएम के तहत जननी सुरक्षा योजना के तहत लाभार्थी भुगतान, स्वास्थ्य इंडिकेटर पोर्टल पर एचएमआईएस, आरसीएच पोर्टल, डाटा फीडिंग, परिवार कल्याण, टीकाकरण, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, क्षय रोग कार्यक्रम, गोल्डन कार्ड तथा फाइलेरिया अभियान की समीक्षा की गई। उन्होंने जिला क्षय रोग अधिकारी डा. नवीन कुमार को टीबी मुक्त अभियान में लापरवाही बरतने पर वेतन रोकने का निर्देश दिया। डीएम ने सभी एमओआईसी अधीक्षक को लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।। इसमें किसी प्रकार की कोई लापरवाही न बरती जाए। साथ ही सभी अस्पतालों में उचित साफ-सफाई की व्यवस्था हो। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिए कि जननी सुरक्षा योजना के तहत सभी आशा और गर्भवती महिलाओं का समय से भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की कोई देरी ना की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी गर्भवती महिला का प्राइवेट अस्पताल में प्रसव न होने दिया जाए। सभी प्रसव सरकारी अस्पताल में ही कराये जाए। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिये कि इसमें लापरवाही बरतने वाले आशाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने एनीमिया मुक्त भारत अभियान के लिए चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग से तालमेल बैठाकर इसे सभी गर्भवती व किशोरियों तक पहुंचाया जाए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रचार-प्रसार भी किया जाए। बच्चे के जन्म से पहले ही मां और बच्चे में खून की कमी को रोकने के लिए आयरन की गोलियां गर्भवती मां को एएनएम द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। सभी 6 से 19 वर्ष तक की किशोरियों को अध्यापकों और आंगनवाड़ी कार्यकत्री के माध्यम से गोलियां उपलब्ध कराई जाती है। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ सहित सभी एमओआईसी अधीक्षक उपस्थित रहे।
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