{"_id":"61e45f64567d3720cb738745","slug":"landlord-will-not-be-able-to-become-land-will-have-to-be-vacated-auraiya-news-knp675705389","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंचाईं विभाग की जमीन पर मालिकाना हक के लिए उच्च न्यायालय पहुंचे कब्जेदारों को मिली निराशा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंचाईं विभाग की जमीन पर मालिकाना हक के लिए उच्च न्यायालय पहुंचे कब्जेदारों को मिली निराशा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिबियापुर (औरैया)। अछल्दा में सिंचाईं विभाग की जमीन पर मकान बनाकर रह रहे लोगों को उच्च न्यायालय से मायूसी हाथ लगी है। अतिक्रमण हटाने व मालिकाना हक के लिए लोगों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। न्यायालय ने याचियों को मालिकाना हक देने से इनकार करते हुए विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
कई दशकों से अछल्दा, दिबियापुर, कंचौसी आदि स्थानों पर सिंचाईं विभाग की जमीन पर सैकड़ों की संख्या में लोग आशियाना बनाकर रह रहे हैं। कई बार सिंचाईं विभाग ने यहां रहने वाले लोगों को नोटिस जारी करके हटाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन लोगों व जनप्रतिनिधियों के विरोध के चलते कब्जे नहीं हटाए जा सके।
यहां रह रहे कई लोगों की दलील है कि वह लोग काफी समय तक विभाग को जमीन का किराया देते रहे। हालांकि बाद में सिंचाईं विभाग ने सभी से किराया लेना ही बंद कर दिया। अछल्दा में सिंचाईं विभाग की जमीन पर रह रहे लोगों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचियों ने मालिकाना हक दिए जाने की मांग की थी।
विज्ञापन
मामले में पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने दिए फैसले में अछल्दा के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने से इनकार कर दिया। न्यायालय के आदेश के बाद अछल्दा, दिबियापुर एवं कंचौसी में सिंचाईं विभाग को अपनी जमीन खाली कराने में आसानी होगी। आदेश के बाद अब सिंचाईं विभाग जमीन खाली कराने को लेकर तैयारी में जुटा है।
अछल्दा के लोग अतिक्रमण हटाओ अभियान व मालिकाना हक पाने के लिए उच्च न्यायालय गए थे, लेकिन न्यायालय ने दिए निर्णय में उन्हें मालिकाना हक देने से इनकार कर दिया। साथ ही विभाग को नियमानुसार कार्रवाई के लिए आदेशित किया है। चुनाव बाद कब्जेदारों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पीएस पटेल, अधिशाषी अभियंता, सिंचाईं खंड औरैया
विज्ञापन
कई दशकों से अछल्दा, दिबियापुर, कंचौसी आदि स्थानों पर सिंचाईं विभाग की जमीन पर सैकड़ों की संख्या में लोग आशियाना बनाकर रह रहे हैं। कई बार सिंचाईं विभाग ने यहां रहने वाले लोगों को नोटिस जारी करके हटाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन लोगों व जनप्रतिनिधियों के विरोध के चलते कब्जे नहीं हटाए जा सके।
विज्ञापन
यहां रह रहे कई लोगों की दलील है कि वह लोग काफी समय तक विभाग को जमीन का किराया देते रहे। हालांकि बाद में सिंचाईं विभाग ने सभी से किराया लेना ही बंद कर दिया। अछल्दा में सिंचाईं विभाग की जमीन पर रह रहे लोगों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। याचियों ने मालिकाना हक दिए जाने की मांग की थी।
विज्ञापन
मामले में पिछले दिनों उच्च न्यायालय ने दिए फैसले में अछल्दा के कब्जेदारों को मालिकाना हक देने से इनकार कर दिया। न्यायालय के आदेश के बाद अछल्दा, दिबियापुर एवं कंचौसी में सिंचाईं विभाग को अपनी जमीन खाली कराने में आसानी होगी। आदेश के बाद अब सिंचाईं विभाग जमीन खाली कराने को लेकर तैयारी में जुटा है।
अछल्दा के लोग अतिक्रमण हटाओ अभियान व मालिकाना हक पाने के लिए उच्च न्यायालय गए थे, लेकिन न्यायालय ने दिए निर्णय में उन्हें मालिकाना हक देने से इनकार कर दिया। साथ ही विभाग को नियमानुसार कार्रवाई के लिए आदेशित किया है। चुनाव बाद कब्जेदारों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पीएस पटेल, अधिशाषी अभियंता, सिंचाईं खंड औरैया