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रंगदारी व गैंगस्टर का मामला बना रोड़ा: हाईकोर्ट से राहत के बाद भी कमलेश पाठक की रिहाई मुश्किल
Sat, 30 May 2026 11:02 PM IST
Shikha Pandey
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरैया
Published by: Shikha Pandey
Updated Sat, 30 May 2026 11:02 PM IST
सार
Auraiya News: पुलिस ने पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक व अब्दुल सत्तार के खिलाफ गैंगस्टर में एफआईआर दर्ज की थी।
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पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक मामला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक को गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में भले ही हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई हो लेकिन उनकी जेल से रिहाई की राह अभी आसान नहीं है। रिहाई के आदेश के बीच रंगदारी और उसके तुरंत बाद दर्ज हुआ एक नया गैंगस्टर का मामला आड़े आ गया है। इसके चलते फिलहाल उनके जेल से बाहर आने की संभावना कम दिखाई दे रही है। हालांकि, इन दोनों नए मामलों को लेकर उनके बेटे ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है।
पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की पुरानी गैंगस्टर सजा को हाईकोर्ट ने निरस्त करते हुए उनकी रिहाई के आदेश जारी किए थे। इस फैसले से समर्थकों में उम्मीद जगी थी लेकिन बीते 15 मार्च की शाम को कोतवाली पुलिस द्वारा रंगदारी के आरोप में दर्ज की गई प्राथमिकी ने इस पर पानी फेर दिया। इतना ही नहीं, रंगदारी के मामले की जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और उनके साथी अब्दुल सत्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एक और नई प्राथमिकी दर्ज कर ली। लगातार दर्ज हुए इन दो मुकदमों ने उनकी जेल से बाहर आने की राह में बड़ा रोड़ा अटका दिया है।
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पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक की पुरानी गैंगस्टर सजा को हाईकोर्ट ने निरस्त करते हुए उनकी रिहाई के आदेश जारी किए थे। इस फैसले से समर्थकों में उम्मीद जगी थी लेकिन बीते 15 मार्च की शाम को कोतवाली पुलिस द्वारा रंगदारी के आरोप में दर्ज की गई प्राथमिकी ने इस पर पानी फेर दिया। इतना ही नहीं, रंगदारी के मामले की जांच के बाद कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पूर्व एमएलसी कमलेश पाठक और उनके साथी अब्दुल सत्तार के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एक और नई प्राथमिकी दर्ज कर ली। लगातार दर्ज हुए इन दो मुकदमों ने उनकी जेल से बाहर आने की राह में बड़ा रोड़ा अटका दिया है।
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इस पूरे कानूनी पेच पर पूर्व एमएलसी के बेटे तिलक राज पाठक का कहना है कि पुलिस ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से कार्रवाई की थी। उन्होंने बताया कि रंगदारी और नए गैंगस्टर, दोनों ही मामलों को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में मामला रद्द करने की याचिका लंबित है। तिलक राज के मुताबिक, रंगदारी व गैंगस्टर के मामले में सह अभियुक्त को अदालत से जमानत मिल चुकी है। ऐसे में उन्हें पूरी उम्मीद है कि न्यायालय से उनके पिता को भी जल्द ही दोनों मामलों में न्याय और राहत मिलेगी।