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एजुकेटर भर्ती में धांधली: दो अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्र संदिग्ध

Mon, 26 Oct 2026 12:18 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2026 12:18 AM IST
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Irregularities in educator recruitment: Certificates of two candidates under suspicion
औरैया। बेसिक शिक्षा विभाग में एजुकेटर भर्ती में धांधली के आरोपों के बीच दो चयनित अभ्यर्थी जॉइनिंग लेटर लेने नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, उनके शैक्षिक प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए हैं। इस बीच विभाग ने चयनित एजुकेटरों को स्कूल आवंटित करने की तैयारी शुरू कर दी है।शिकायतों के निस्तारण में विभाग के अधिकारी जुटे हैं। अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप लगा रहे हैं।
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जिले में 180 पदों पर एजुकेटर भर्ती की प्रक्रिया करीब डेढ़ साल से चल रही थी। हाल ही में ककोर स्थित विकास भवन सभागार में सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी ने साक्षात्कार के बाद चयन प्रक्रिया पूरी की थी। इसके बाद से ही भर्ती में धांधली के आरोप लगाते हुए शिकायतें की जा रही हैं। आईजीआरएस समेत अन्य माध्यमों से पहुंची शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया चल रही है।
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अधिकारियों के मुताबिक, चयनित दो अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्र संदिग्ध मिले हैं। उन्हें मूल अभिलेख दिखाकर जॉइनिंग लेटर लेने के लिए ककोर बुलाया जा रहा है। लेकिन वे उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिससे उनकी जॉइनिंग की प्रक्रिया अटकी हुई है। इन मामलों ने आवेदन के दौरान प्रमाणपत्रों की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जबकि शुरुआती चरण में दस्तावेज की जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था।
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एनटीटी प्रमाणपत्र को लेकर भी कई अभ्यर्थी साक्षात्कार की दौड़ से बाहर हो गए थे। अभ्यर्थियों ने चयनितों की सूची सार्वजनिक नहीं किए जाने पर सवाल उठाए हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने शैक्षिक प्रमाणपत्रों और धन उगाही को लेकर भी आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप, बताया आपराधिक मामला
इटावा निवासी प्रियंका चौधरी ने आउटसोर्सिंग कंपनी पर भर्ती के नाम पर डेढ़ लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि नौ मार्च को लखनऊ में कंपनी के अधिकारी आलोक तिवारी ने 33 हजार रुपये खाते में डलवाए और 1.17 लाख रुपये नकद लिए। बाद में संपर्क करने पर उन्हें कथित तौर पर फर्जी ऑफर लेटर दिया गया, जबकि उनका चयन नहीं हुआ। प्रियंका ने भर्ती निरस्त करने की मांग की है। आईजीआरएस पर की गई शिकायत के जवाब में अधिकारियों ने मामले को आपराधिक प्रकृति का बताते हुए पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी है। इस बीच, तैनाती की तैयारी कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारियों से जुड़े कुछ वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी इन वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।

वर्जन
एजुकेटर भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई है। चयनित दो अभ्यर्थियों के शैक्षिक प्रमाणपत्र संदिग्ध पाए गए हैं। उन्हें कई बार मूल अभिलेख दिखाने के लिए बुलाया गया, लेकिन आ नहीं रहे हैं और ज्वाइनिंग लेटर भी नहीं ले रहे हैं। - रामकृपाल, सीडीओ
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