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बिना अनुमति पत्र के मसजिद में दाखिल हुए तो भेज दूंगा जेल
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बिना अनुमति पत्र के मस्जिद में दाखिल हुए तो भेज दूंगा जेल
औरैया। ोलने की अनुमति के बावजूद हॉटस्पॉट क्षेत्र मोहल्ला दयालपुर में तैनात इंस्पेक्टर ने मसजिद में पहुंचे रोजेदारों को यह कहकर लौटा दिया कि लिखित अनुमति पत्र दिखाओ नहीं तो जेल भेज दिया जाएगा।
यह चेतावनी सुनकर कर रोजेदार लौट लिए। हालांकि इंस्पेक्टर की इस कार्यशैली से मुस्लिम समाज में रोष व्याप्त है।
एक माह पूर्व सदर कोतवाली में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित व अपर जिलाधिकारी एमपी सिंह ने रमजान के दिनों में मस्जिद के अंदर तीन लोगों को नमाज अदा करने तथा धीमी आवाज में अजान पुकारने की अनुमति प्रदान करने के साथ ही शुक्रवार को जुमे की नमाज के दिन चार लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी।
इसके तहत मुस्लिम समुदाय के लोग निर्धारित मानकों के तहत अपना धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे।
शनिवार को हॉटस्पॉट क्षेत्र मोहल्ला दयालपुर में मस्जिद में नमाज अदा करने के दौरान ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक अशोक कुमार ने नमाज पढने वालों को बुलाकर यह कहते हुए चेतावनी दी कि पहले मस्जिद में नमाज पढ़ने का अनुमति पत्र दिखाओ उसके बाद ही मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हो नहीं तो यहां नमाज नहीं पढ़ पाओगे। उधर निर्देशों का पालन करने के बाद भी पुलिस द्वारा यह कहे जाने पर आक्रोश व्याप्त है।
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औरैया। ोलने की अनुमति के बावजूद हॉटस्पॉट क्षेत्र मोहल्ला दयालपुर में तैनात इंस्पेक्टर ने मसजिद में पहुंचे रोजेदारों को यह कहकर लौटा दिया कि लिखित अनुमति पत्र दिखाओ नहीं तो जेल भेज दिया जाएगा।
यह चेतावनी सुनकर कर रोजेदार लौट लिए। हालांकि इंस्पेक्टर की इस कार्यशैली से मुस्लिम समाज में रोष व्याप्त है।
एक माह पूर्व सदर कोतवाली में मुस्लिम समुदाय के लोगों के साथ बैठक कर अपर पुलिस अधीक्षक कमलेश दीक्षित व अपर जिलाधिकारी एमपी सिंह ने रमजान के दिनों में मस्जिद के अंदर तीन लोगों को नमाज अदा करने तथा धीमी आवाज में अजान पुकारने की अनुमति प्रदान करने के साथ ही शुक्रवार को जुमे की नमाज के दिन चार लोगों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी थी।
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इसके तहत मुस्लिम समुदाय के लोग निर्धारित मानकों के तहत अपना धार्मिक अनुष्ठान कर रहे थे।
शनिवार को हॉटस्पॉट क्षेत्र मोहल्ला दयालपुर में मस्जिद में नमाज अदा करने के दौरान ड्यूटी पर तैनात निरीक्षक अशोक कुमार ने नमाज पढने वालों को बुलाकर यह कहते हुए चेतावनी दी कि पहले मस्जिद में नमाज पढ़ने का अनुमति पत्र दिखाओ उसके बाद ही मस्जिद में नमाज अदा कर सकते हो नहीं तो यहां नमाज नहीं पढ़ पाओगे। उधर निर्देशों का पालन करने के बाद भी पुलिस द्वारा यह कहे जाने पर आक्रोश व्याप्त है।
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