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दहेजहत्या में पति व ससुर को 10 साल की कैद
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औरैया। अपर सत्र न्यायाधीश राज बहादुर सिंह मौर्य ने दहेज हत्या में पति व ससुर को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि जगदीश सिंह राजपूत निवासी लोहिया दौलतपुर थाना इकदिल इटावा ने थाना अछल्दा में रिपोर्ट लिखाई कि उसने पुत्री सीमा (24) की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व उमाशंकर राजपूत पुत्र केशवदास निवासी नगला उम्मेद के साथ की थी। आरोप है कि दहेज के लिए चार मार्च 2015 को पति, ससुर, देवरानी ने मिलकर पुत्री की हत्या कर दी। दहेज हत्या का मामला एडीजे कोर्ट में चला। बचाव पक्ष ने कहा कि सीमा देवी पति के साथ रिश्तेदारी से वापस आ रही थी।
तभी घसारा में रेलवे लाइन पार करते समय दुर्घटनावश सुपर फास्ट ट्रेन से कटकर उसकी मृत्यु हो गई थी। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने आरोपियों के कठोर दंड देने की बहस की। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश राजबहादुर सिंह मौर्य ने देवरानी को दोषमुक्त कर दिया। वहीं, पति उमाशंकर व ससुर केशवदास को 10-10वर्ष के कठोर करावास व 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
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पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता चंद्रभूषण तिवारी ने बताया कि जगदीश सिंह राजपूत निवासी लोहिया दौलतपुर थाना इकदिल इटावा ने थाना अछल्दा में रिपोर्ट लिखाई कि उसने पुत्री सीमा (24) की शादी करीब तीन वर्ष पूर्व उमाशंकर राजपूत पुत्र केशवदास निवासी नगला उम्मेद के साथ की थी। आरोप है कि दहेज के लिए चार मार्च 2015 को पति, ससुर, देवरानी ने मिलकर पुत्री की हत्या कर दी। दहेज हत्या का मामला एडीजे कोर्ट में चला। बचाव पक्ष ने कहा कि सीमा देवी पति के साथ रिश्तेदारी से वापस आ रही थी।
तभी घसारा में रेलवे लाइन पार करते समय दुर्घटनावश सुपर फास्ट ट्रेन से कटकर उसकी मृत्यु हो गई थी। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी चंद्रभूषण तिवारी ने आरोपियों के कठोर दंड देने की बहस की। दोनों पक्षकारों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश राजबहादुर सिंह मौर्य ने देवरानी को दोषमुक्त कर दिया। वहीं, पति उमाशंकर व ससुर केशवदास को 10-10वर्ष के कठोर करावास व 15-15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
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