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Auraiya News: दावों में सिमटे आरोग्य मंदिर, सुविधा तो दूर कई के नहीं खुल रहे ताले
Wed, 17 Sep 2025 11:37 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Wed, 17 Sep 2025 11:37 PM IST
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फोटो-17एयूआरपी12- बंद पड़ा पुर्वा मुले स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
औरैया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर में अव्यवस्थाओं का भंडार होने से ग्रामीणों को कस्बा से जिला अस्पताल तक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में सुविधाएं उपलब्ध कराने के दावे तो बड़े-बड़े हुए पर कुछ भी धरातल पर नहीं उतर सका। बता दें कि आरोग्य मंदिर में 14 प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी जांच और सुविधाएं देने के साथ ब्लड प्रेशर, मधुमेह और कैंसर के मरीजों की स्क्रीनिंग तक किए जाने का दावा किया गया था। मौजूदा समय के हालात कुछ ऐसे हैं कि अधिकांश आयुष्मान आरोग्य मंदिर के ताले ही नहीं खुलते हैं। वहीं, कई सेंटरों पर तो स्टाफ की तैनाती तक नहीं की गई है। जहां तैनाती है, वहां स्टाफ पहुंचता ही नहीं है।
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फोटो-17एयूआरपी12- बंद पड़ा पुर्वा मुले स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
चार हेल्थ सेंटरों में डेढ़ साल से लटक रहे ताले
बिधूना। क्षेत्र में पुर्वा मुले, महू, सिरयावा हेल्थ सेंटर हैं। सीएचओ के त्यागपत्र देकर दूसरे विभाग में चले जाने से करीब डेढ़ साल से यह सेंटर बंद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से सेंटर बंद होने से मरीजों को सीएचसी या जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कभी-कभार एएनएम टीकाकरण के लिए पहुंचती हैं। सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डाॅ. वीपी शाक्य ने बताया कि शासन से जैसे ही सीएचओ की तैनाती होंगी, सभी सेंटर चालू करा दिए जाएंगे।
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फोटो-17एयूआरपी13- सांफर का बंद पड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
22 में 17 सेंटरों में ही सीएचओ की तैनाती
अजीतमल। ब्लाॅक क्षेत्र के 22 गांव में आरोग्य मंदिर का शुभारंभ किया गया था। इसमें महज 17 आरोग्य मंदिरों पर ही सीएचओ की तैनाती हो सकी है। ग्राम सोहरी गढ़िया, सांफर, ब्यौरा नवलपुर, जहानपुर, दरवतपुर सहित पांच केंद्रों पर अभी तक सीएचओ की तैनाती न होने से एनएनएम टीकाकरण का कार्य करती हैं। अन्य जगहों पर बायोमीट्रिक से सभी कर्मचारियों की उपस्थित दर्ज होती है। आने वाले मरीजों को दवा का वितरण किया जाता हे। सीएचसी अजीतमल के अधीक्षक डॉ. अशोक राव ने बताया कि अभी पांच आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की तैनाती नहीं है। इसके लिए पत्राचार किया गया है।
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ग्रामीण बोले, कोई कार्यक्रम होने पर ही खुलते ताले
फफूंद। ग्राम पंचायत बरौआ के ग्रामीण अजय दिवाकर, अमरचंद सक्सेना, धर्मेंद्र राजपूत, रमाकांत राठौर समेत अन्य ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में डेढ़ साल से स्वास्थ्य अधिकारी नहीं है। कोई कार्यक्रम होने पर ही सेंटर का ताला खुल जाता है, नहीं तो अधिकांश बंद ही रहता है। स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से ग्रामीणों को फफूंद या औरैया जाना पड़ता है। पड़ताल के दौरान सुबह 9:30 बजे सेंटर तो खुला मिला पर एएनएम नहीं मिलीं। जब उनसे संपर्क किया गया तो बताया कि उन्हें दौलतपुर पंचायत और बरउआ के सोलह गांव का कार्य देखना पड़ता है आज दौलतपुर में हैं। फफूंद क्षेत्र के भाग्यनगर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत परघईपुर का हेल्थ वेलनेस सेंटर भी अक्सर बंद रहता है। ग्राम प्रधान राकेश यादव व ग्रामीण रामबली ने बताया कि एक साल से सेंटर पर कोई स्वास्थ्य अधिकारी नहीं आया। क्षेत्र की एएनएम प्रियंका कुशवाहा जब टीकाकरण करने आती हैं तभी सेंटर खुलता है।
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इन सुविधाओं का था दावा
टाइफाइड, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब से गर्भ की जांच, ग्लूकोज समेत अन्य जांचों की सुविधा के अलावा गर्भावस्था व शिशु जन्म देखभाल, नवजात व शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संक्रामक रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन व प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था देने का दावा किया गया था।
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कराई जाएगी जांच
सभी सीएचओ की ऑनलाइन हाजिरी लगती है। जिस सेंटर में ताले लगने या सीएचओ के न पहुंचने की शिकायत मिली, उनकी जांच कराई जाएगी।
डाॅ. शिशिरपुरी, डिप्टी सीएमओ
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फोटो-17एयूआरपी12- बंद पड़ा पुर्वा मुले स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
चार हेल्थ सेंटरों में डेढ़ साल से लटक रहे ताले
बिधूना। क्षेत्र में पुर्वा मुले, महू, सिरयावा हेल्थ सेंटर हैं। सीएचओ के त्यागपत्र देकर दूसरे विभाग में चले जाने से करीब डेढ़ साल से यह सेंटर बंद हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से सेंटर बंद होने से मरीजों को सीएचसी या जिला अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कभी-कभार एएनएम टीकाकरण के लिए पहुंचती हैं। सीएचसी बिधूना के अधीक्षक डाॅ. वीपी शाक्य ने बताया कि शासन से जैसे ही सीएचओ की तैनाती होंगी, सभी सेंटर चालू करा दिए जाएंगे।
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फोटो-17एयूआरपी13- सांफर का बंद पड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद
22 में 17 सेंटरों में ही सीएचओ की तैनाती
अजीतमल। ब्लाॅक क्षेत्र के 22 गांव में आरोग्य मंदिर का शुभारंभ किया गया था। इसमें महज 17 आरोग्य मंदिरों पर ही सीएचओ की तैनाती हो सकी है। ग्राम सोहरी गढ़िया, सांफर, ब्यौरा नवलपुर, जहानपुर, दरवतपुर सहित पांच केंद्रों पर अभी तक सीएचओ की तैनाती न होने से एनएनएम टीकाकरण का कार्य करती हैं। अन्य जगहों पर बायोमीट्रिक से सभी कर्मचारियों की उपस्थित दर्ज होती है। आने वाले मरीजों को दवा का वितरण किया जाता हे। सीएचसी अजीतमल के अधीक्षक डॉ. अशोक राव ने बताया कि अभी पांच आरोग्य मंदिरों पर सीएचओ की तैनाती नहीं है। इसके लिए पत्राचार किया गया है।
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ग्रामीण बोले, कोई कार्यक्रम होने पर ही खुलते ताले
फफूंद। ग्राम पंचायत बरौआ के ग्रामीण अजय दिवाकर, अमरचंद सक्सेना, धर्मेंद्र राजपूत, रमाकांत राठौर समेत अन्य ने बताया कि हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में डेढ़ साल से स्वास्थ्य अधिकारी नहीं है। कोई कार्यक्रम होने पर ही सेंटर का ताला खुल जाता है, नहीं तो अधिकांश बंद ही रहता है। स्वास्थ्य सुविधा न मिलने से ग्रामीणों को फफूंद या औरैया जाना पड़ता है। पड़ताल के दौरान सुबह 9:30 बजे सेंटर तो खुला मिला पर एएनएम नहीं मिलीं। जब उनसे संपर्क किया गया तो बताया कि उन्हें दौलतपुर पंचायत और बरउआ के सोलह गांव का कार्य देखना पड़ता है आज दौलतपुर में हैं। फफूंद क्षेत्र के भाग्यनगर ब्लाॅक की ग्राम पंचायत परघईपुर का हेल्थ वेलनेस सेंटर भी अक्सर बंद रहता है। ग्राम प्रधान राकेश यादव व ग्रामीण रामबली ने बताया कि एक साल से सेंटर पर कोई स्वास्थ्य अधिकारी नहीं आया। क्षेत्र की एएनएम प्रियंका कुशवाहा जब टीकाकरण करने आती हैं तभी सेंटर खुलता है।
इन सुविधाओं का था दावा
टाइफाइड, मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस, बलगम, हीमोग्लोबिन, टीएलसी, डीएलसी, ब्लड ग्रुप, पेशाब से गर्भ की जांच, ग्लूकोज समेत अन्य जांचों की सुविधा के अलावा गर्भावस्था व शिशु जन्म देखभाल, नवजात व शिशु स्वास्थ्य देखभाल, बाल व किशोर स्वास्थ्य देखभाल, संक्रामक रोगों का प्रबंधन, साधारण बीमारियों का उपचार, परिवार नियोजन व प्रजनन स्वास्थ्य देखभाल की व्यवस्था देने का दावा किया गया था।
कराई जाएगी जांच
सभी सीएचओ की ऑनलाइन हाजिरी लगती है। जिस सेंटर में ताले लगने या सीएचओ के न पहुंचने की शिकायत मिली, उनकी जांच कराई जाएगी।
डाॅ. शिशिरपुरी, डिप्टी सीएमओ

फोटो-17एयूआरपी12- बंद पड़ा पुर्वा मुले स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर। संवाद