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स्वास्थ्य इकाइयों में मनाया गया विश्व गर्भ निरोधक दिवस
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औरैया। विश्व गर्भ निरोधक दिवस पर गुरुवार को जिला महिला व पुरुष अस्पतालों सहित सभी स्वास्थ्य इकाइयों में स्टॉल लगाकर लोगों को परिवार नियोजन के संसाधानों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। छोटे परिवार के महत्व और फायदे बताए गए।
नोडल अधिकारी डा. शशिबाला सिंह ने सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र बिधूना में आयोजित गोष्ठी में कहा कि बढ़ रही जनसंख्या बहुत बड़ी समस्या है। इसको केवल जागरूकता और शिक्षा से हल किया जा सकता है। कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए दो बच्चों के बीच 3 साल का अंतराल रखना, गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना एवं रूढ़िवादी सोच को बदलना जरूरी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में चिकित्सा अधीक्षक डा. वीपी शाक्य ने महिला व पुरुषों को गर्भ निरोधक संसाधनों की जानकारी दी गई। कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व गर्भनिरोधक दिवस आयोजित करने का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देना है। इस मौके पर स्वास्थ्य इकाईओं में आने वाले महिला व पुरूषों को नसबंदी, पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी, छाया, अंतरा, कंडोम आदि संसाधनों की जानकारी दी गई।
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मालूम हो कि गर्भ निरोधक साधनों को अपनाने पर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मिशन परिवार विकास की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ संजय यादव ने बताया कि पुरुष नसबंदी पर 3000 तथा महिला नसबंदी पर 2000 रुपये लाभार्थी को दिए जाते हैं । प्रसव के 48 घंटे के भीतर नसबंदी कराने में महिला को 3000 रुपये तथा प्रसव के बाद पीपीआईयूसडी में महिला को 300 रुपये मिलते हैं। अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर लाभार्थी को 100 रुपये दिए जाते हैं।
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नोडल अधिकारी डा. शशिबाला सिंह ने सामुदायिक स्वाथ्य केंद्र बिधूना में आयोजित गोष्ठी में कहा कि बढ़ रही जनसंख्या बहुत बड़ी समस्या है। इसको केवल जागरूकता और शिक्षा से हल किया जा सकता है। कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को रोकने के लिए दो बच्चों के बीच 3 साल का अंतराल रखना, गर्भनिरोधक का इस्तेमाल करना एवं रूढ़िवादी सोच को बदलना जरूरी है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिधूना में चिकित्सा अधीक्षक डा. वीपी शाक्य ने महिला व पुरुषों को गर्भ निरोधक संसाधनों की जानकारी दी गई। कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा विश्व गर्भनिरोधक दिवस आयोजित करने का उद्देश्य जनसंख्या नियंत्रण पर जोर देना है। इस मौके पर स्वास्थ्य इकाईओं में आने वाले महिला व पुरूषों को नसबंदी, पीपीआईयूसीडी, आईयूसीडी, छाया, अंतरा, कंडोम आदि संसाधनों की जानकारी दी गई।
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मालूम हो कि गर्भ निरोधक साधनों को अपनाने पर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए मिशन परिवार विकास की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिला परिवार नियोजन विशेषज्ञ संजय यादव ने बताया कि पुरुष नसबंदी पर 3000 तथा महिला नसबंदी पर 2000 रुपये लाभार्थी को दिए जाते हैं । प्रसव के 48 घंटे के भीतर नसबंदी कराने में महिला को 3000 रुपये तथा प्रसव के बाद पीपीआईयूसडी में महिला को 300 रुपये मिलते हैं। अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर लाभार्थी को 100 रुपये दिए जाते हैं।