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वृद्धा पेंशन घोटाले में तत्कालीन दो समाज कल्याण अधिकारियों पर एफआईआर के आदेश
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फोटो-18एयूआरपी-01- 11 जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। वृद्धा पेंशन में लाभार्थियों के खाते बदलकर 65 लाख रुपये घोटाला का जिन्न फिर बाहर आया है। घोटाले में शामिल अधिकारियों पर राज्यपाल की अनुमति के बाद कार्रवाई शुरू हो गई है। निदेशालय से जारी पत्र में तत्कालीन दो समाज कल्याण अधिकारियों को दोषी मानते हुए एफआईआर, अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पूरे मामले की जांच संयुक्त निदेशक समाज कल्याण करेंगे।
समाज कल्याण निदेशालय से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में गबन के मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए है। इसमें उल्लेख है कि वर्ष 2017-18 की अवधि में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल व वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2020-21 की अवधि में भगवान सिंह ने 375 खातों को बदलकर 45 लाख 61 हजार 800 रुपये की धनराशि का गबन किया है।
दोनों अफसरों को सीडीओ अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी माना है। तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी भगवान सिंह 30 जून 2020 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब मामले की जांच की जिम्मेदारी संयुक्त निदेशक समाज कल्याण आरके सिंह को सौंपी गई है।
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घोटाले की अवधि में कार्यवाहक रहे समाज कल्याण अधिकारी विनीत तिवारी और आवेश कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। बता दें कि सितंबर 2021 में 558 लाभार्थियों के खाते बदल कर 65 लाख 82 हजार 700 रुपये गबन करने का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच हुई तो तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल, भगवान सिंह, विनीत तिवारी, आवेश कुमार समेत दो लिपिकों को दोषी माना गया था। जांच में एक के बाद एक कई तथ्य ऐसे सामने आए थे, जिसमें अफसरों के घोटाला करने पुष्टि हुई थी।
ब्लाकवार लाभार्थी और घोटाले की धनराशि
ब्लाक लाभार्थी धनराशि (लाख में)
औरैया 98 11.60
एरवाकटरा 23 3.44
अजीतमल 83 12.99
भाग्यनगर 81 8.08
सहार 75 6.57
अछल्दा 67 7.90
बिधूना 130 12.22
कुल 558 65.82
ऐसे बदले गए खाते
पेंशन पोर्टल के संचालन और उसके डोंगल रखने की जिम्मेदारी समाज कल्याण अधिकारी की होती है। लॉगिन आईडी पर जाकर पेंशनर के दो विकल्प आते हैं। पहला पेंशन रोकने और दूसरा खाता अपडेट करने के लिए होता है। इस तरह डोंगल का प्रयोग कर लाभार्थियों के खाते बदल दिए गए, जो जांच में मिसमैच पाए गए हैं। यहीं से अफसरों पर शक गहराया था।
तीन लिपिकों पर पहले हो चुकी निलंबन की कार्रवाई
घोटाले में चार तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारियों के साथ ही तीन विभागीय लिपिकों को दोषी माना गया था। इसमें समाज कल्याण निदेशक लिपिक अभिनव, लवकेश और श्रीराम को पहले ही निलंबित कर चुके हैं। अब अधिकारियों के साथ ही इन कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन...
समाज कल्याण विभाग में लाभार्थियों के खाते बदल कर घोटाला किया गया था। इस मामले की जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन भेजी गई थी। जिसके आधार पर दो तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। एफआईआर कराई जाएगी। - अनिल कुमार सिंह, सीडीओ
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समाज कल्याण निदेशालय से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में गबन के मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए है। इसमें उल्लेख है कि वर्ष 2017-18 की अवधि में तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल व वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2020-21 की अवधि में भगवान सिंह ने 375 खातों को बदलकर 45 लाख 61 हजार 800 रुपये की धनराशि का गबन किया है।
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दोनों अफसरों को सीडीओ अनिल कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी माना है। तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी भगवान सिंह 30 जून 2020 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब मामले की जांच की जिम्मेदारी संयुक्त निदेशक समाज कल्याण आरके सिंह को सौंपी गई है।
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घोटाले की अवधि में कार्यवाहक रहे समाज कल्याण अधिकारी विनीत तिवारी और आवेश कुमार के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है। बता दें कि सितंबर 2021 में 558 लाभार्थियों के खाते बदल कर 65 लाख 82 हजार 700 रुपये गबन करने का मामला सामने आया था। इस मामले की जांच हुई तो तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी शंकर लाल, भगवान सिंह, विनीत तिवारी, आवेश कुमार समेत दो लिपिकों को दोषी माना गया था। जांच में एक के बाद एक कई तथ्य ऐसे सामने आए थे, जिसमें अफसरों के घोटाला करने पुष्टि हुई थी।
ब्लाकवार लाभार्थी और घोटाले की धनराशि
ब्लाक लाभार्थी धनराशि (लाख में)
औरैया 98 11.60
एरवाकटरा 23 3.44
अजीतमल 83 12.99
भाग्यनगर 81 8.08
सहार 75 6.57
अछल्दा 67 7.90
बिधूना 130 12.22
कुल 558 65.82
ऐसे बदले गए खाते
पेंशन पोर्टल के संचालन और उसके डोंगल रखने की जिम्मेदारी समाज कल्याण अधिकारी की होती है। लॉगिन आईडी पर जाकर पेंशनर के दो विकल्प आते हैं। पहला पेंशन रोकने और दूसरा खाता अपडेट करने के लिए होता है। इस तरह डोंगल का प्रयोग कर लाभार्थियों के खाते बदल दिए गए, जो जांच में मिसमैच पाए गए हैं। यहीं से अफसरों पर शक गहराया था।
तीन लिपिकों पर पहले हो चुकी निलंबन की कार्रवाई
घोटाले में चार तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारियों के साथ ही तीन विभागीय लिपिकों को दोषी माना गया था। इसमें समाज कल्याण निदेशक लिपिक अभिनव, लवकेश और श्रीराम को पहले ही निलंबित कर चुके हैं। अब अधिकारियों के साथ ही इन कर्मचारियों पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन...
समाज कल्याण विभाग में लाभार्थियों के खाते बदल कर घोटाला किया गया था। इस मामले की जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए शासन भेजी गई थी। जिसके आधार पर दो तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। एफआईआर कराई जाएगी। - अनिल कुमार सिंह, सीडीओ

फोटो-18एयूआरपी-02- 16 जनवरी के अंक में प्रकाशित खबर। संवाद- फोटो : AURAIYA