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मुआवजा न मिलने पर किसानों ने फ्रेट कॉरिडोर का कार्य रोका
अमर उजाला, औरैया
Updated Thu, 31 May 2018 11:43 PM IST
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रेल पटरी लेविरल के सामने लेटे व बैठे किसान। अमर उजाला
- फोटो : amar ujala
महेवा के किसानों ने गुरुवार को उचित मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाकर फ्रेट कॉरिडोर का काम रोक दिया। काम रुकते ही कर्मचारियों ने इसकी जानकारी ठेकेदार व अधिकारियों को दी। लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई मौके पर नहीं पहुंचा।
रेलवे फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत काम तेजी से चल रहा है। उचित मुआवजा न मिलने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। गुरुवार को महेवा बाईपास के पास एक दर्जन से अधिक किसानों ने मशीनों के आगे लेटकर व प्रदर्शन कर काम रुकवा दिया। साथ ही भुगतान न होने तक काम शुरू न होने की धमकी दी। काम रुकते है कर्मचारियों ने इसकी जानकारी ठेकेदार व अधिकारियों को दी। इधर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने कहा कि वह पिछले चार साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें आज तक उचित मुआवजा नहीं मिला और न ही उनकी समस्या की ठीक तरह से सुनवाई की जा रही है।
जबकि उनकी जमीन पर परियोजना का काम बिना भुगतान के तेजी से हो रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि उनकी जितनी भी जमीन ली गई है। वह प्लाटिंग की जमीन थी। इसका मुआवजा लगभग 30 लाख रुपये बीघा के हिसाब से मिलना चाहिए। जबकि किसानों को मात्र 40 हजार रुपये बीघा के हिसाब से दिया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में प्रेम कुमारी, योगेश, उपेंद्र, सोनकली, उमा देवी, तारा देवी, फूलन देवी, ओम सागर, नवल, ऊदल, प्रहलाद, चंद्रभान, बलवंत, राकेश, राजवीर, रामवीर आदि किसान शामिल रहे। समाचार लिखे जाने तक न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही किसान पीछे हटे।
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रेलवे फ्रेट कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत काम तेजी से चल रहा है। उचित मुआवजा न मिलने से किसानों में आक्रोश व्याप्त है। गुरुवार को महेवा बाईपास के पास एक दर्जन से अधिक किसानों ने मशीनों के आगे लेटकर व प्रदर्शन कर काम रुकवा दिया। साथ ही भुगतान न होने तक काम शुरू न होने की धमकी दी। काम रुकते है कर्मचारियों ने इसकी जानकारी ठेकेदार व अधिकारियों को दी। इधर प्रदर्शन करते हुए किसानों ने कहा कि वह पिछले चार साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन उन्हें आज तक उचित मुआवजा नहीं मिला और न ही उनकी समस्या की ठीक तरह से सुनवाई की जा रही है।
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जबकि उनकी जमीन पर परियोजना का काम बिना भुगतान के तेजी से हो रहा है। प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा कि उनकी जितनी भी जमीन ली गई है। वह प्लाटिंग की जमीन थी। इसका मुआवजा लगभग 30 लाख रुपये बीघा के हिसाब से मिलना चाहिए। जबकि किसानों को मात्र 40 हजार रुपये बीघा के हिसाब से दिया जा रहा है। प्रदर्शन करने वालों में प्रेम कुमारी, योगेश, उपेंद्र, सोनकली, उमा देवी, तारा देवी, फूलन देवी, ओम सागर, नवल, ऊदल, प्रहलाद, चंद्रभान, बलवंत, राकेश, राजवीर, रामवीर आदि किसान शामिल रहे। समाचार लिखे जाने तक न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही किसान पीछे हटे।
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