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Auraiya News: किसानों का नवाचार... हाईवे किनारे बसा दिया गुड़ का बाजार
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भट्ठी पर रखी कढ़ाई में गन्ने के रस से तैयार होता गुड़।
- फोटो : संवाद
औरैया। किसी भी उत्पाद को बाजार मुहैया कराने के लिए मूलभूत सुविधाएं होनी चाहिए। खास तौर पर मंडी, ग्राहक व फुटकर ग्राहकों का तंत्र बनाया जाता है लेकिन औरैया के करमपुर में हाईवे किनारे तैयार गुड़ का बाजार खुद ही पनप गया। चंद किसानों के नवाचार ने औरैया के गुड़ कारोबार को नई दिशा दी है। यहां हाईवे किनारे ही गुड़ के थोक व फुटकर दुकानदार मौजूद रहते हैं। खेतों में गन्ने की पिराई और गुड़ बनाने का काम रात-दिन जारी रहता है। सर्दी के सीजन में यह काम बड़े पैमाने पर चल रहा है।
कानपुर-इटावा हाईवे प्रदेश का मुख्य मार्ग है। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश व पंजाब तक के लोग सफर करते हैं। औरैया से 10 किलोमीटर दूर करमपुर में एक दशक पहले हाईवे किनारे किसान अशोक कुमार, जगजीवन सिंह, हृदेश बाबू, कांति देवी आदि ने गन्ने की खेती करनी शुरू की थी। हाईवे के किनारे ही गन्ने की पिराई और गुड़ बनाने का कारखाना शुरू कर दिया। यहां पर अन्य किसान भी देखा देखी इस फसल को उगाने लगे। हाईवे की सर्विस लेन किनारे रेहड़ी लगाकर गुड़ की बिक्री होने लगी। अब इसका दायरा धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। थोक में जहां 50 रुपये प्रति किलो तक गुड़ बिक रहा है तो वहीं फुटकर में 60 रुपये तक कीमत है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के दुकानदार भी यहां से गुड़ की खरीद कर रहे हैं।
जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि करमपुर समीप 50 एकड़ से ज्यादा दायरे में गन्ने की फसल तैयार की जा रही है। धीरे-धीरे इसका रकबा यहां पर बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि सबमर्सिबल से समय पर गन्ने की सिंचाई और गन्ने की पिराई से लेकर गुड़ बनाने की सुविधा यहां पर है। साथ ही साथ हाईवे पर ही गुड़ की बिक्री हो जाने से गन्ने का उत्पादन मुनाफेदार हो गया है। बाजार भी नहीं जाना पड़ रहा है। बड़े पैमाने पर लोग हाईवे किनारे ही वाहन रोक कर गुड़ की खरीदारी कर रहे हैं।
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दूर-दूर तक जा रहा औरैया का गुड़
हाईवे पर करमपुर के पास गुड़ का उत्पादन हो रहा है। यहां से गुजरने वाले लोग महक लगते ही गुड़ खरीदने के लिए रुक जाते हैं। दिल्ली से कलकत्ता तक के इस हाईवे पर बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही होती है। सर्दी के सीजन में गुड़ की डिमांड ज्यादा रहती है। लोग यहां पर कुछ देर रुककर गुड़ बनाने की विधि के बारे में भी जानते हैं।
मुलेठी व अदरक का गुड़ 150 रुपये किलो
हाईवे किनारे रेहड़ी लगाने वाले किसानों ने बताया कि सामान्य गुड़ की तरह मुलेठी व अदरक का गुड़ भी यहां पर तैयार किया जा रहा है। सर्दी के सीजन में ये गुड़ च्यवनप्राश की तरह सेहतवर्धक होता है। यह गुड़ 150 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं।
क्या बोले किसान
60-70 रुपये प्रति किलो में गुड़ की बिक्री हो रही है। सामने ही तैयार होने वाले गुड़ को खरीदने के लिए थोक व्यापारी भी आते हैं उन्हें 50 रुपये में भी गुड़ दिया जाता है। दिल्ली, लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद समेत कई जगह के लोग यहां रुककर खरीदारी करते हैं। - कांति देवी
गांव के पांच-छह किसानों ने गन्ने की खेती व गुड़ के उत्पादन का काम करीब 10 साल पहले शुरू किया था। धीरे-धीरे आसपास के लोग इस काम से जुड़ते गए। सर्दी के सीजन में सालभर की कमाई का इंतजाम हो जाता है। अन्य दिनों में खेती करते हैं। -प्रदीप कुमार
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कानपुर-इटावा हाईवे प्रदेश का मुख्य मार्ग है। हाईवे से दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश व पंजाब तक के लोग सफर करते हैं। औरैया से 10 किलोमीटर दूर करमपुर में एक दशक पहले हाईवे किनारे किसान अशोक कुमार, जगजीवन सिंह, हृदेश बाबू, कांति देवी आदि ने गन्ने की खेती करनी शुरू की थी। हाईवे के किनारे ही गन्ने की पिराई और गुड़ बनाने का कारखाना शुरू कर दिया। यहां पर अन्य किसान भी देखा देखी इस फसल को उगाने लगे। हाईवे की सर्विस लेन किनारे रेहड़ी लगाकर गुड़ की बिक्री होने लगी। अब इसका दायरा धीरे धीरे बढ़ता जा रहा है। थोक में जहां 50 रुपये प्रति किलो तक गुड़ बिक रहा है तो वहीं फुटकर में 60 रुपये तक कीमत है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों के दुकानदार भी यहां से गुड़ की खरीद कर रहे हैं।
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जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि करमपुर समीप 50 एकड़ से ज्यादा दायरे में गन्ने की फसल तैयार की जा रही है। धीरे-धीरे इसका रकबा यहां पर बढ़ रहा है। किसानों का कहना है कि सबमर्सिबल से समय पर गन्ने की सिंचाई और गन्ने की पिराई से लेकर गुड़ बनाने की सुविधा यहां पर है। साथ ही साथ हाईवे पर ही गुड़ की बिक्री हो जाने से गन्ने का उत्पादन मुनाफेदार हो गया है। बाजार भी नहीं जाना पड़ रहा है। बड़े पैमाने पर लोग हाईवे किनारे ही वाहन रोक कर गुड़ की खरीदारी कर रहे हैं।
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दूर-दूर तक जा रहा औरैया का गुड़
हाईवे पर करमपुर के पास गुड़ का उत्पादन हो रहा है। यहां से गुजरने वाले लोग महक लगते ही गुड़ खरीदने के लिए रुक जाते हैं। दिल्ली से कलकत्ता तक के इस हाईवे पर बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही होती है। सर्दी के सीजन में गुड़ की डिमांड ज्यादा रहती है। लोग यहां पर कुछ देर रुककर गुड़ बनाने की विधि के बारे में भी जानते हैं।
मुलेठी व अदरक का गुड़ 150 रुपये किलो
हाईवे किनारे रेहड़ी लगाने वाले किसानों ने बताया कि सामान्य गुड़ की तरह मुलेठी व अदरक का गुड़ भी यहां पर तैयार किया जा रहा है। सर्दी के सीजन में ये गुड़ च्यवनप्राश की तरह सेहतवर्धक होता है। यह गुड़ 150 रुपये प्रति किलो के भाव से बिक रहा है। लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं।
क्या बोले किसान
60-70 रुपये प्रति किलो में गुड़ की बिक्री हो रही है। सामने ही तैयार होने वाले गुड़ को खरीदने के लिए थोक व्यापारी भी आते हैं उन्हें 50 रुपये में भी गुड़ दिया जाता है। दिल्ली, लखनऊ, आगरा, इलाहाबाद समेत कई जगह के लोग यहां रुककर खरीदारी करते हैं। - कांति देवी
गांव के पांच-छह किसानों ने गन्ने की खेती व गुड़ के उत्पादन का काम करीब 10 साल पहले शुरू किया था। धीरे-धीरे आसपास के लोग इस काम से जुड़ते गए। सर्दी के सीजन में सालभर की कमाई का इंतजाम हो जाता है। अन्य दिनों में खेती करते हैं। -प्रदीप कुमार