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Auraiya News: सामूहिक विवाह में दोहरा इंतजाम, खास को सहूलियत और आम को परेशानी
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फोटो-12-नेता-अधिकारियों के लिए बना खाने का पंडाल। संवाद
-ककोर स्थित तिरंगा पार्क में हुआ सामूहिक विवाह
संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। ककोर स्थित तिरंगा पार्क में बुधवार को समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। सुबह से पहुंचे जोड़ों और बरातियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ा। कहीं पंखों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी तो कहीं विवाह की रस्मों के दौरान मंत्र सुनने में परेशानी हुई। दूसरी ओर, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए कूलर, कुर्सियों और मेज के साथ विशेष भोजन व्यवस्था की गई थी। इससे आयोजन में आम लोगों और वीआईपी के इंतजामों के बीच अंतर साफ नजर आया।
सामूहिक विवाह में सुबह से ही जोड़ों और उनके परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही तीन स्थानों पर आरओ के पानी के कैंपर रखे गए थे, लेकिन दोपहर एक बजे तक सभी खाली हो गए। इसके बाद लोगों को बाहर दुकानों से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं। दहेज के सामान की सुरक्षा में लगे कर्मचारी भी पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे। नगर पालिका की ओर से पानी का टैंकर खड़ा किया गया था। मजबूरी में कुछ लोगों को उसी का पानी पीना पड़ा। वहीं, कार्यक्रम के अंत में कंबल, गद्दा, स्टील बर्तन, पंखा, पांच लीटर का कूकर, एक डलिया लड्डू, मिक्सी सहित अन्य सामान जोड़ों को दिया गया।
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एक पंडित के भरोसे आठ जोड़ों की रस्में
विवाह के लिए बनाए गए मुख्य पंडाल में अलग-अलग ब्लॉक के जोड़ों को बैठाकर रस्में पूरी कराई गईं। हालांकि, आठ जोड़ों के लिए एक ही पंडित मंत्रोच्चार कर रहे थे। माइक से मंत्र बोले जाने के बावजूद कई जोड़ों को रस्मों को ठीक से समझने में परेशानी हुई। मुस्लिम जोड़ों के लिए अलग पंडाल बनाया गया था, लेकिन वहां भी पंखों और पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। निकाह पढ़ा रहे मौलाना अब्दुल रहीम ने बताया कि निकाह पढ़ाते-पढ़ाते उनका गला सूख गया, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिल सका। पंडाल में धूप और गर्मी से भी लोग परेशान रहे।
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वीआईपी के लिए कूलर, आम लोगों के लिए कागज की प्लेटें
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के भोजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। यहां कूलर लगाए गए थे और ड्रेस कोड में वेटर तैनात थे। मेजों पर सफेद चादरें बिछाकर कुर्सियां लगाई गई थीं। इसके विपरीत, बारातियों के लिए भोजन स्थल पर टेंट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उन्हें कागज की प्लेटों में खाना दिया गया।
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भव्य पंडाल में सिर्फ नेताओं और अधिकारियों को प्रवेश
कलक्ट्रेट के सामने पार्क में लाल कारपेट बिछाकर भव्य पंडाल बनाया गया था। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और प्रवेश मुख्य रूप से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के लिए रखा गया था। सामान्य लोगों को इस गेट से प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं, कार्यक्रम स्थल पर लोगों के लिए बनाए गए सेल्फी प्वाइंट भी अव्यवस्था से अछूते नहीं रहे। मंच के पास लगाए गए दो सेल्फी प्वाइंट ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे, जिससे लोग उनका इस्तेमाल नहीं कर सके।
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कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
प्रभारी मंत्री राकेश राठौर गुरुजी, विधायक गुडिया कठेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक कमल दोहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया, डीएम बृजेश कुमार, सीडीओ रामकृपाल चौधरी, एसपी अभिषेक भारती सहित अन्य लोग मौजूद रहें।
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वर्जन
मंत्री जी के लिए खाने के लिए खाने की अलग व्यवस्था थी। कुल 457 जोड़ों की शादी हुई है। प्रति जोड़ा 15 हजार खर्च हुआ है। इस बार जो कमियां रह गई हैं। उसे अगली बार दूर करा दिया जाएगा। -रविंद्र कुमार शशि, समाज कल्याण अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। ककोर स्थित तिरंगा पार्क में बुधवार को समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। सुबह से पहुंचे जोड़ों और बरातियों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ा। कहीं पंखों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी तो कहीं विवाह की रस्मों के दौरान मंत्र सुनने में परेशानी हुई। दूसरी ओर, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए कूलर, कुर्सियों और मेज के साथ विशेष भोजन व्यवस्था की गई थी। इससे आयोजन में आम लोगों और वीआईपी के इंतजामों के बीच अंतर साफ नजर आया।
सामूहिक विवाह में सुबह से ही जोड़ों और उनके परिजनों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही तीन स्थानों पर आरओ के पानी के कैंपर रखे गए थे, लेकिन दोपहर एक बजे तक सभी खाली हो गए। इसके बाद लोगों को बाहर दुकानों से पानी की बोतलें खरीदनी पड़ीं। दहेज के सामान की सुरक्षा में लगे कर्मचारी भी पानी के लिए इधर-उधर भटकते रहे। नगर पालिका की ओर से पानी का टैंकर खड़ा किया गया था। मजबूरी में कुछ लोगों को उसी का पानी पीना पड़ा। वहीं, कार्यक्रम के अंत में कंबल, गद्दा, स्टील बर्तन, पंखा, पांच लीटर का कूकर, एक डलिया लड्डू, मिक्सी सहित अन्य सामान जोड़ों को दिया गया।
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एक पंडित के भरोसे आठ जोड़ों की रस्में
विवाह के लिए बनाए गए मुख्य पंडाल में अलग-अलग ब्लॉक के जोड़ों को बैठाकर रस्में पूरी कराई गईं। हालांकि, आठ जोड़ों के लिए एक ही पंडित मंत्रोच्चार कर रहे थे। माइक से मंत्र बोले जाने के बावजूद कई जोड़ों को रस्मों को ठीक से समझने में परेशानी हुई। मुस्लिम जोड़ों के लिए अलग पंडाल बनाया गया था, लेकिन वहां भी पंखों और पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। निकाह पढ़ा रहे मौलाना अब्दुल रहीम ने बताया कि निकाह पढ़ाते-पढ़ाते उनका गला सूख गया, लेकिन उन्हें पानी नहीं मिल सका। पंडाल में धूप और गर्मी से भी लोग परेशान रहे।
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वीआईपी के लिए कूलर, आम लोगों के लिए कागज की प्लेटें
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के भोजन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। यहां कूलर लगाए गए थे और ड्रेस कोड में वेटर तैनात थे। मेजों पर सफेद चादरें बिछाकर कुर्सियां लगाई गई थीं। इसके विपरीत, बारातियों के लिए भोजन स्थल पर टेंट की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। उन्हें कागज की प्लेटों में खाना दिया गया।
भव्य पंडाल में सिर्फ नेताओं और अधिकारियों को प्रवेश
कलक्ट्रेट के सामने पार्क में लाल कारपेट बिछाकर भव्य पंडाल बनाया गया था। यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और प्रवेश मुख्य रूप से अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों के लिए रखा गया था। सामान्य लोगों को इस गेट से प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं, कार्यक्रम स्थल पर लोगों के लिए बनाए गए सेल्फी प्वाइंट भी अव्यवस्था से अछूते नहीं रहे। मंच के पास लगाए गए दो सेल्फी प्वाइंट ठीक से खड़े नहीं हो पा रहे थे, जिससे लोग उनका इस्तेमाल नहीं कर सके।
कार्यक्रम में यह रहे मौजूद
प्रभारी मंत्री राकेश राठौर गुरुजी, विधायक गुडिया कठेरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक कमल दोहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कठेरिया, डीएम बृजेश कुमार, सीडीओ रामकृपाल चौधरी, एसपी अभिषेक भारती सहित अन्य लोग मौजूद रहें।
वर्जन
मंत्री जी के लिए खाने के लिए खाने की अलग व्यवस्था थी। कुल 457 जोड़ों की शादी हुई है। प्रति जोड़ा 15 हजार खर्च हुआ है। इस बार जो कमियां रह गई हैं। उसे अगली बार दूर करा दिया जाएगा। -रविंद्र कुमार शशि, समाज कल्याण अधिकारी

फोटो-12-नेता-अधिकारियों के लिए बना खाने का पंडाल। संवाद

फोटो-12-नेता-अधिकारियों के लिए बना खाने का पंडाल। संवाद

फोटो-12-नेता-अधिकारियों के लिए बना खाने का पंडाल। संवाद