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Auraiya News: छह महीने में कुत्तों ने 17 हजार लोगों को काटा

Tue, 12 Aug 2025 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 12 Aug 2025 11:49 PM IST
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Dogs bit 17 thousand people in six months
फोटो 12 एयूआरपी 13 सड़क पर घूमते आवारा कुत्ता। संवाद
औरैया। जिले में कुत्तों के काटने के मामले बढ़ रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक रोजाना कुत्ते कई लोगों पर हमला कर रहे हैं। जनवरी से अब तक कुत्ते 17 हजार लोगों को काट चुके हैं।
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हालांकि अस्पतालों में इन्हें एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जा रहा है, लेकिन इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई इंतजाम नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024 में 34316 लोगों को कुत्तों ने काटा था।
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कुत्तों के बढ़ते हमलों को देख सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इन्हें पकड़कर डॉग शेल्टर होम भेजने को कहा है। उधर, पिछले साल यहां चार लोगों की कुत्तों के काटने से मौत हो चुकी है। लोगों का कहना है कि शहर में कुत्तों के झुंड गली-मोहल्लों में दिनभर घूमते रहते हैं। बच्चों से लेकर बड़ों पर भी हमला बोल देते हैं।
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खास तौर पर बाइक व साइकिल पर आवागमन करने वाले लोगों का कुत्ते पीछा करते हुए काटने का प्रयास करते हैं। ऐसे में दुर्घटना होने की भी आशंका बनी रहती है। पशु चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक महज औरैया व बिधूना में पांच-पांच हजार के करीब आवारा कुत्ते हैं।
निकाय स्तर पर इनका बंध्याकरण न किए जाने के चलते इनकी संख्या भी बढ़ रही है। जिले में ऐसा कोई शेल्टर होम या चिह्नित स्थान भी नहीं है, जहां पर इन आवारा कुत्तों को संरक्षित करते हुए रखा जा सके। पिछले एक साल में शहर के 50 शैया जिला अस्पताल में 3800 लोगों को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई गई है।
डिप्टी सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने बताया कि पीएचसी, सीएचसी व जिला अस्पताल स्तर पर एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। कुत्ते के काटने पर वैक्सीन जरूर लगवाएं। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अनूप गुप्ता ने बताया कि पालिका के पास कुत्तों की नसबंदी को लेकर लेकर कोई बजट नहीं है। शासन स्तर से इसे लेकर कदम उठाया जाना चाहिए।


निकायों को पत्र जारी किया जा रहा है कि आवारा कुत्तों के लिए अस्थायी शेल्टर होम की व्यवस्था की जाए। ताकि कटखने कुत्ते सड़क पर न घूमें। बीमार कुत्तों की सूचनाएं भी मांगी जाएंगी ताकि उनका उपचार किया जा सके।
-डॉ. प्रहलाद सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
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