{"_id":"d0f8893a9a3a69eb562e74bd183a69a8","slug":"dipu-said-the-veterans-challenge-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीपू ने दिग्गजों को दी चुनौती ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीपू ने दिग्गजों को दी चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो औरैया
Updated Fri, 01 Jan 2016 11:53 PM IST
विज्ञापन
कभी सपा के सक्रिय सदस्य कहे जाने वाले दीपू सिंह ने जिले के सपाइयों को एक बार चुनौती देने का काम किया है। बागी बने दीपू ने सपा नेताओं को चुनौती देते हुए अपना नामांकन पत्र आखिरकार शुक्रवार को दाखिल कर ही दिया।
नामांकन भरने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह ने सपाइयों पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर उन्हें खदेड़ा गया। असलहा दिखाकर पर्चा न भरने की धमकी दी गई। वह एक किलो मीटर पैदल चलकर नामांकन स्थल तक पहुंच सके हैं। इस दौरान नामांकन कराने के लिए उनके साथ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्षा सरिता भदौरिया व अकबरपुर लोकसभा के सांसद भोले सिंह जिला मुख्यालय पहुंचे।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसके बाद से राजनैतिक माहौल गर्मा गया है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने अपना कोई दावेदार नहीं खड़ा किया है, लेकिन उनके जिला पंचायत सदस्य निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह के साथ नजर आए।
विज्ञापन
पहले से सपा में अंतर्कलह का अंदेशा लगाया जा रहा था। दीपू सिंह के बागी बनने के बाद वह सामने आ गई। सपा से टिकट न मिलने के बाद जिला पंचायत सदस्य दीपू सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया था। लेकिन पुलिस ने दीपू सिंह के खिलाफ पुरानी फाइलें खोले जाने से एक बार संकट के बादल छा गए थे। दीपू सिंह ने जिला प्रशासन पर फर्जी तरीके से मुकदमे दर्ज किए जाने का आरोप भी लगाया था। नामांकन के एक दिन पहले निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह को दो गनर दे दिए गए।
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे समर्थक
निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया तो उनके साथ सैकड़ों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे। करीब एक सैकड़ा चार पहिया वाहनों के साथ दीपू सिंह ने अपना नामांकन जोश के साथ किया। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष तरीके से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराए जाने की अपील की है।
विज्ञापन
नामांकन भरने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह ने सपाइयों पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर उन्हें खदेड़ा गया। असलहा दिखाकर पर्चा न भरने की धमकी दी गई। वह एक किलो मीटर पैदल चलकर नामांकन स्थल तक पहुंच सके हैं। इस दौरान नामांकन कराने के लिए उनके साथ भाजपा प्रदेश उपाध्यक्षा सरिता भदौरिया व अकबरपुर लोकसभा के सांसद भोले सिंह जिला मुख्यालय पहुंचे।
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए शुक्रवार को तीन प्रत्याशियों ने नामांकन किया। इसके बाद से राजनैतिक माहौल गर्मा गया है। अध्यक्ष पद के लिए भाजपा, बसपा और कांग्रेस ने अपना कोई दावेदार नहीं खड़ा किया है, लेकिन उनके जिला पंचायत सदस्य निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह के साथ नजर आए।
विज्ञापन
पहले से सपा में अंतर्कलह का अंदेशा लगाया जा रहा था। दीपू सिंह के बागी बनने के बाद वह सामने आ गई। सपा से टिकट न मिलने के बाद जिला पंचायत सदस्य दीपू सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान किया था। लेकिन पुलिस ने दीपू सिंह के खिलाफ पुरानी फाइलें खोले जाने से एक बार संकट के बादल छा गए थे। दीपू सिंह ने जिला प्रशासन पर फर्जी तरीके से मुकदमे दर्ज किए जाने का आरोप भी लगाया था। नामांकन के एक दिन पहले निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह को दो गनर दे दिए गए।
सैकड़ों की संख्या में पहुंचे समर्थक
निर्दलीय प्रत्याशी दीपू सिंह ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया तो उनके साथ सैकड़ों की संख्या में समर्थक मौजूद रहे। करीब एक सैकड़ा चार पहिया वाहनों के साथ दीपू सिंह ने अपना नामांकन जोश के साथ किया। वहीं उन्होंने जिला प्रशासन से निष्पक्ष तरीके से जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव कराए जाने की अपील की है।