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Auraiya News: जर्जर भवनों से झांक रहा खतरा, नोटिस तक सिमटी पालिका
Sat, 11 Jul 2026 11:37 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Sat, 11 Jul 2026 11:37 PM IST
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फोटो-16- जर्जर मकान का टूटा छज्जा और हालत। संवाद
औरैया। बरसात में जर्जर भवन किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। नगर पालिका ने पिछले साल 10 भवनों को चिह्नित कर उनके स्वामियों को नोटिस जारी कर मकान खाली करने या मरम्मत कराने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद एक साल से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यही वजह है कि ये जर्जर भवन अभी भी संकरी गलियों में जान का खतरा बने हुए हैं।
शहर के मोहल्ला विधिचंद में पिछले साल बारिश के दिनों में 10 से ज्यादा मकानों के मालिकों को नोटिस दिए गए थे। मकानों में आई दरारों और चटकते प्लास्टर के चलते भवनों के गिरने का अंदेशा है। इस नोटिस में भवन की मरम्मत व पुनर्निर्माण की हिदायत भी दी गई थी। तीन मकान मालिकों ने इन भवनों को तुड़वाकर नए सिरे से भवन बना लिए लेकिन सात जर्जर भवन अभी भी विधिचंद मोहल्ले में खतरे का सबब बने हुए हैं।
नोटिस के एक साल बाद भी संकरी गली से निकलने वाले लोगों को भवन गिरने का डर सताता है। आस-पड़ोस के मकानों पर भी इन भवनों के गिरने का खतरा है। दूसरी ओर बारिश की नमी अब इन भवनों को अपनी चपेट में ले सकती है। मकान मालिकों के द्वारा इन भवनों को ताला लगाकर बंद कर दिया गया है।
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भवनों को खाली किए एक साल का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। खास बात तो यह है कि पालिका की निगाहें भी इस खतरे से हट गई हैं।
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दो साल पहले मकानों में दौड़ी थी चटकन
विधिचंद और मदारदरवाजा मोहल्ले के मकानों में दो साल पहले चटकन दौड़ना शुरू हो गई थी। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पालिका ने इस समस्या की जांच भी कराई थी। एक्सपर्ट टीम ने यहां नमी के चलते नए और पुराने घरों में दरारें आने की समस्या पकड़ी थी। इसके बाद मकानों को खाली करने और मरम्मत कराने के निर्देश जारी किए गए थे।
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पुरानी रिहायसी बस्ती की गलियां भी संकरीं
विधिचंद मोहल्ले को सदर बाजार को जोड़ने वाली इस गली के आसपास ही पुरानी रिहायसी बस्ती है। यहां पर ककइयां ईंट को चूने के घोल से जोड़कर सालों पहले भवन बनाए गए थे। यहां खास समस्या यह भी है कि गलियां भी संकरी हैं। ऐसे में दो से तीन मंजिल के इन जर्जर भवनों के चलते हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
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पिछले साल तत्कालीन ईओ ने नोटिस जारी किए होंगे। मामले को दिखवाया जा रहा है। जर्जर भवनों के निस्तारण के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।-सुभाष चौरसिया, ईओ नगर पालिका
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इसके बाद एक साल से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यही वजह है कि ये जर्जर भवन अभी भी संकरी गलियों में जान का खतरा बने हुए हैं।
शहर के मोहल्ला विधिचंद में पिछले साल बारिश के दिनों में 10 से ज्यादा मकानों के मालिकों को नोटिस दिए गए थे। मकानों में आई दरारों और चटकते प्लास्टर के चलते भवनों के गिरने का अंदेशा है। इस नोटिस में भवन की मरम्मत व पुनर्निर्माण की हिदायत भी दी गई थी। तीन मकान मालिकों ने इन भवनों को तुड़वाकर नए सिरे से भवन बना लिए लेकिन सात जर्जर भवन अभी भी विधिचंद मोहल्ले में खतरे का सबब बने हुए हैं।
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नोटिस के एक साल बाद भी संकरी गली से निकलने वाले लोगों को भवन गिरने का डर सताता है। आस-पड़ोस के मकानों पर भी इन भवनों के गिरने का खतरा है। दूसरी ओर बारिश की नमी अब इन भवनों को अपनी चपेट में ले सकती है। मकान मालिकों के द्वारा इन भवनों को ताला लगाकर बंद कर दिया गया है।
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भवनों को खाली किए एक साल का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। खास बात तो यह है कि पालिका की निगाहें भी इस खतरे से हट गई हैं।
दो साल पहले मकानों में दौड़ी थी चटकन
विधिचंद और मदारदरवाजा मोहल्ले के मकानों में दो साल पहले चटकन दौड़ना शुरू हो गई थी। स्थानीय लोगों की शिकायत पर पालिका ने इस समस्या की जांच भी कराई थी। एक्सपर्ट टीम ने यहां नमी के चलते नए और पुराने घरों में दरारें आने की समस्या पकड़ी थी। इसके बाद मकानों को खाली करने और मरम्मत कराने के निर्देश जारी किए गए थे।
पुरानी रिहायसी बस्ती की गलियां भी संकरीं
विधिचंद मोहल्ले को सदर बाजार को जोड़ने वाली इस गली के आसपास ही पुरानी रिहायसी बस्ती है। यहां पर ककइयां ईंट को चूने के घोल से जोड़कर सालों पहले भवन बनाए गए थे। यहां खास समस्या यह भी है कि गलियां भी संकरी हैं। ऐसे में दो से तीन मंजिल के इन जर्जर भवनों के चलते हर वक्त खतरा मंडराता रहता है।
पिछले साल तत्कालीन ईओ ने नोटिस जारी किए होंगे। मामले को दिखवाया जा रहा है। जर्जर भवनों के निस्तारण के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।-सुभाष चौरसिया, ईओ नगर पालिका

फोटो-16- जर्जर मकान का टूटा छज्जा और हालत। संवाद

फोटो-16- जर्जर मकान का टूटा छज्जा और हालत। संवाद

फोटो-16- जर्जर मकान का टूटा छज्जा और हालत। संवाद