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संस्कृति और संस्कृत ही दिलाएगी उन्नति
ब्यूरो, अमर उजाला औरैया
Updated Wed, 02 Sep 2015 01:04 AM IST
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देश की उन्नति में संस्कृति और संस्कृत दोनों का योगदान है। दोनों की उपेक्षा कर हम कभी आदर्श नहीं बन सकते। यह बात कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य आनंद स्वरूप सारस्वत ने कही।
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गेल डीएबी पब्लिक विद्यालय गेल गांव में संस्कृत सप्ताह समापन समारोह मनाया गया। प्रधानाचार्य आनंद स्वरूप सारस्वत ने अपने भाषण में संस्कृत के गौरवशाली इतिहास को दोहराया है। इस दौरान स्कूली बच्चों ने अनेकता में एकता को दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
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इस दौरान कक्षा 10 के छात्रों ने शिव तांडव की संगीतमय प्रस्तुति दी। इसी क्रम में आयुष्मान अवस्थी, रत्नम सचान व सिद्वार्थ ने भगवान शिव के विभिन्न रूपों में तांडव नृत्य प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा नौ की छात्रा सृष्टि वर्मा ने संस्कृत भाषा की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
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कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभागाध्यक्ष पंडित सुधारक भट्ट ने किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा श्रेष्ठतम व प्राचीनतम भाषा है। संस्कृत के ज्ञान से ही मनुष्य की आध्यात्मिक उन्नति संभव है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार के लोग मौजूद रहे।