रुपये के लेनदेन को लेकर हुई थी विपिन की हत्या

रुपये के लेनदेन को लेकर हुई थी विपिन की हत्या Updated Mon, 26 Nov 2018 11:18 PM IST
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मृतक विपिन कुमार उर्फ छोरा
मृतक विपिन कुमार उर्फ छोरा - फोटो : amarujala

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बिधूना (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम उदनकपुर में रविवार को खेत में दफन शव को पुलिस ने खोदकर निकाला था। मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पकड़े गए पिता के अलावा तीन पुत्रों के खिलाफ रुपये के लेनदेन को लेकर हत्या किए जाने का मामला दर्ज किया है। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मृत्यु से पूर्व आई चोटों से मौत होने की बात सामने आई है।
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मृतक के भाई ग्राम उदनकपुर निवासी मेघनाद पुत्र तिलक सिंह ने कोतवाली पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि हत्यारोपी विश्वनाथ प्रताप सिंह पुत्र महाराज सिंह ने छह माह पहले दिबियापुर में एक प्लाट का बैनामा कराने के नाम पर एक लाख 35 हजार रुपये मृतक विपिन से उधार लिए थे। बताया कि 23 नवंबर को विपिन कुमार गांव में कल्लू के खोखा की दुकान पर बैठा था।
तभी रात लगभग 8:15 बजे विश्वनाथ प्रताप, उसके भाई सुखवीर सिंह, रनवीर सिंह व पिता महाराज सिंह पुत्र दुर्जन लाल अपने ट्रैक्टर से आए और उसके भाई को ट्यूबवेल पर रुपये देने की बात कहकर ले गए। बताया कि इस दौरान उसके भाई को ट्रैक्टर जाते हुए भी गांव के लोगों ने देखा है। बताया कि जब उसका भाई दूसरे दिन वापस नहीं लौटा तो पूरा परिवार उसकी तलाश में जुट गया। न मिलने पर 24 की रात में भाई की गुमशुदगी कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने शक के आधार पर उक्त लोगों से पूछताछ की। बाद में पुलिस ने पकड़े गए लोगों की निशानदेही पर उसके भाई का शव महाराज के धान के खेत में जमीन के अंदर दबा हुआ बरामद किया। उसने उक्त हत्यारोपियों पर धन हड़पने की नियत से भाई की हत्या करने का आरोप लगाया है।
बताया कि उसके भाई विपिन के गले में एक चेन, हाथ में अंगूठी व जेब में एटीएम व 15 हजार रुपये थे, हत्यारोपियों ने वह भी निकाल लिए। पुलिस ने पीड़ित भाई की तहरीर पर नामजद लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। उधर शव के गांव पहुंचने के बाद परिवारीजनों ने सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस को मिली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवक की मौत का कारण मरने से पहले शरीर पर चोटों का होना पाया गया है। बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  
 
दोस्ती पर भारी पड़ा लेनदेन
ग्रामीणों की माने तो 1996 में महाराज सिंह ने अपने छोटे भाई की किसी कारण से हत्या कर दी थी जिसमें पूरा गांव हत्यारोपी महाराज के खिलाफ हो गया था। किसी भी ग्रामीण को हत्यारोपी व उसके परिवार से मिलने व बात करने की भी इजाजत नहीं थी। ऐसे में मृतक विपिन उर्फ छोरा ने पूरे गांव के विरोध के बाद भी महाराज की भरपूर मदद कर उसे जेल से बाहर निकाला था। इसके बाद से ही दोनों में बहुत अच्छी मित्रता भी हो गई थी।

घटना के दिन ही कराया था ट्रैक्टर का बीमा...
सूत्रों से मिली जानकारी के तहत हत्यारोपी बीपी सिंह ने शनिवार की सुबह अपने ट्रैक्टर का बीमा कराया था। ऐसे में उसी दिन रात में युवक की हत्या होने पर मामला पूरी तरह से आइने की तरह साफ नजर आ रहा है। हालांकि घटनाक्रम में पुलिस अभी जांच में जुटी है।  

पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
घटना के बाद से गांव मेें तनाव का माहौल व्याप्त है। इसके चलते किसी भी अनहोनी से बचने को लेकर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गांव में निर्धारित श्मशान स्थल पर युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
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