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तहसीलदार व थानाध्यक्ष के विरुद्ध अवमानना पर मुकदमा दर्ज
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औरैया। विशेष न्यायाधीश, गैंगस्टर अधिनियम महेश चंद्र वर्मा ने एक मामले के जमानतगीरों के प्रपत्रों को सत्यापित करके वापस न भेजने तथा न्यायालय के आदेशों के उल्लंघन पर तहसीलदार डेरापुर और थानाध्यक्ष मंगलपुर (कानपुर देहात) के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है। 30 जनवरी को तलब होने का नोटिस जारी किया है।
विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट में राज्य बनाम पिंटू उर्फ सुखराम केस की सुनवाई चल रही है। पिंटू निवासी कानपुर देहात पर थाना अयाना में 307 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में कानपुर देहात के जमानतगीर के दो प्रपत्रों को सत्यापन के लिए 30 अक्तूबर 2020 को भेजा गया था।
उच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रपत्रों को 15 दिन में सत्यापित करके न्यायालय भेजा जाना चाहिए। 22 दिसंबर तक उक्त प्रपत्र सत्यापित होकर नहीं आए तो कोर्ट ने थानाध्यक्ष मंगलपुर व तहसीलदार डेरापुर (कानपुर देहात) को आदेशित किया कि वह प्रपत्र सात दिन में सत्यापित करके भेजें। विलंब का कारण बताने के लिए चार जनवरी को कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें। आदेश के बावजूद दोनों अधिकारियों ने न तो जमानत प्रपत्र सत्यापित कर वापस भेजे और न ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इस पर कोर्ट ने इसे न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन व अवहेलना मान आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा ने तहसीलदार डेरापुर (कानपुर देहात) व थानाध्यक्ष मंगलपुर (कानपुर देहात) को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के माध्यम से नोटिस जारी किया कि वह नियत तिथि को न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें। कोर्ट ने लिखा कि अवमानना करने के लिए उनके विरुद्ध मामला उच्च न्यायालय को संदर्भित किया जाए। अधिवक्ता महावीर शर्मा ने बताया कि स्पष्टीकरण व अग्रिम आदेश के लिए कोर्ट ने 30 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
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विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट में राज्य बनाम पिंटू उर्फ सुखराम केस की सुनवाई चल रही है। पिंटू निवासी कानपुर देहात पर थाना अयाना में 307 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामले में कानपुर देहात के जमानतगीर के दो प्रपत्रों को सत्यापन के लिए 30 अक्तूबर 2020 को भेजा गया था।
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उच्च न्यायालय के आदेशानुसार प्रपत्रों को 15 दिन में सत्यापित करके न्यायालय भेजा जाना चाहिए। 22 दिसंबर तक उक्त प्रपत्र सत्यापित होकर नहीं आए तो कोर्ट ने थानाध्यक्ष मंगलपुर व तहसीलदार डेरापुर (कानपुर देहात) को आदेशित किया कि वह प्रपत्र सात दिन में सत्यापित करके भेजें। विलंब का कारण बताने के लिए चार जनवरी को कोर्ट में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें। आदेश के बावजूद दोनों अधिकारियों ने न तो जमानत प्रपत्र सत्यापित कर वापस भेजे और न ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इस पर कोर्ट ने इसे न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन व अवहेलना मान आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। मंगलवार को विशेष न्यायाधीश महेश चंद्र वर्मा ने तहसीलदार डेरापुर (कानपुर देहात) व थानाध्यक्ष मंगलपुर (कानपुर देहात) को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के माध्यम से नोटिस जारी किया कि वह नियत तिथि को न्यायालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण दें। कोर्ट ने लिखा कि अवमानना करने के लिए उनके विरुद्ध मामला उच्च न्यायालय को संदर्भित किया जाए। अधिवक्ता महावीर शर्मा ने बताया कि स्पष्टीकरण व अग्रिम आदेश के लिए कोर्ट ने 30 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
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