{"_id":"5eb83aea8ebc3e9025769d9e","slug":"crime-auraiya-news-knp559489923","type":"story","status":"publish","title_hn":"छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने शांति भंग में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छेड़छाड़ के आरोपी को पुलिस ने शांति भंग में
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सहायल (औरैया)। पुलिस ने युवती से छेड़छाड़ के नामजद आरोपी रविंद्र कुमार पुत्र राम सिंह को शांतिभंग में जेल भेजा है। पीड़ित ने इस मामले में पुलिस पर लेनदेन कर मामला निपटाने का आरोप लगाया है। पीड़ित के पिता ने शनिवार को एसपी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। उधर, थानाध्यक्ष ने बताया कि जांच के दौरान बालिग होने का तथ्य सामने आने पर पाक्सो एक्ट की धारा निष्प्रभावी हो गई है।
चौकीदार का काम करने वाले पीड़ित पिता ने चार मई को को गांव मल्हौसी निवासी दो आरोपियों रविंद्र कुमार पुत्र राम सिंह व अजीत कुमार पुत्र रामकिशन के खिलाफ पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया था। इसमें एक आरोपी को गिरफ्तार कर शांति भंग की धारा में चालान किया गया।
इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक पप्पू सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से जो तहरीर दी गई थी। उस आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों पर पाक्सो एक्ट की धारा लगाई गई थी। लेकिन जांच के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से कागज उपलब्ध कराए गए उस आधार पर पीड़िता की उम्र 19 वर्ष निकली है। इसके चलते पाक्सो एक्ट स्वत: ही निष्प्रभावी हो गया। इसके गिरफ्तार आरोपी का शांति भंग की धारा में चालान किया गया। लेनदेन का आरोप निराधार है।
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चौकीदार का काम करने वाले पीड़ित पिता ने चार मई को को गांव मल्हौसी निवासी दो आरोपियों रविंद्र कुमार पुत्र राम सिंह व अजीत कुमार पुत्र रामकिशन के खिलाफ पुत्री के साथ छेड़छाड़ करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें पुलिस ने दोनों नामजद आरोपियों के अलावा दो अज्ञात लोगों के खिलाफ छेड़छाड़ व पाक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया था। इसमें एक आरोपी को गिरफ्तार कर शांति भंग की धारा में चालान किया गया।
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इस संबंध में थाना प्रभारी निरीक्षक पप्पू सिंह ने बताया कि पीड़ित पक्ष की ओर से जो तहरीर दी गई थी। उस आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों पर पाक्सो एक्ट की धारा लगाई गई थी। लेकिन जांच के दौरान पीड़ित पक्ष की ओर से कागज उपलब्ध कराए गए उस आधार पर पीड़िता की उम्र 19 वर्ष निकली है। इसके चलते पाक्सो एक्ट स्वत: ही निष्प्रभावी हो गया। इसके गिरफ्तार आरोपी का शांति भंग की धारा में चालान किया गया। लेनदेन का आरोप निराधार है।
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