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नेफेड व एनसीसीएफ अछल्दा खरीद केंद्रों के जिला व केंद्र प्रभारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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औरैया/अछल्दा। अछल्दा मंडी में वर्ष 2019-20 की धान खरीद के लिए स्थापित नेफेड व एनसीसीएफ के खरीद केंद्रों की ओर से अपलोड किए गए किसानों के डाटा में अनियमितता की शिकायतें मिल रही थीं। शासन केे निर्देश पर कराई गई जांच में फर्जीवाड़ा मिलने पर डीएम के आदेश पर अछल्दा थाने में नेफेड धान क्रय केंद्र प्रभारी शिवम व जिला प्रभारी सुमित अवस्थी के अलावा एनसीसीएफ केंद्र प्रभारी अजय पाल सिंह व जिला प्रभारी शिवम के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अछल्दा मंडी में धान खरीद के लिए खोले गए नेफेड के धान क्रय केंद्र पर वर्ष 2019-20 में की गई धान खरीद के सापेक्ष पीएफएमएस पोर्टल (पर्सनल फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) केे माध्यम से भुगतान कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही इसी पोर्टल पर किसानों का डाटा व उनके द्वारा बेची गई धान का ब्योरा भी अपलोड कराया गया था। अछल्दा के धान क्रय केंद्र पर दो सौ क्विंटल से ऊपर की धान बेचने वाले 11 किसानों के अलावा पीएफएमएस पोर्टल पर 151 किसान किसी न किसी वजह से अपात्र पाए गए थे। डाटा में अनियमितता मिलने पर मुख्यमंत्री के सचिव की ओर से आयुक्त खाद्य एवं रसद को 151 किसानों की जांच के लिए निर्देश दिए गए थे।
इसके अलावा एनसीसीएफ के अछल्दा धान खरीद केंद्र की ओर से पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड किए गए डाटा में दो सौ क्विंटल से अधिक की धान बेचने वाले दो किसानों तथा पोर्टल पर अपलोड किए गए किसानों के डाटा में 163 किसानों की जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। शासन से जांच के निर्देश मिलने के बाद डीएम अभिषेक सिंह मीणा ने दो जांच कमेटी गठित की। इसमें एक जांच कमेटी एआर कॉपरेटिव कमलकांत मिश्रा व एसडीएम बिधूना रमापति तथा दूसरी कमेटी डिप्टी आरएमओ सुधांशु चौबे व तहसीलदार बिधूना के निर्देशन में बनाई गई। दोनों जांच कमेटियों की ओर से डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में अनियमितता सामने आने पर डीएम के आदेश पर अछल्दा थाने में नेफेड धान क्रय केंद्र प्रभारी शिवम व जिला प्रभारी सुमित अवस्थी के अलावा एनसीसीएफ केंद्र प्रभारी अजय पाल सिंह व जिला प्रभारी शिवम के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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इस संबंध में डिप्टी आरएमओ सुधांशु चौबे ने बताया कि दोनों केंद्रों के केंद्र प्रभारियों व जिला प्रभारियों से उनका सही डाटा मांगा गया। इस पर कोई भी मांगा गया डाटा उपलब्ध नहीं करा सका। साथ ही अपलोड किए गए दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। इस पर दोनों एजेंसियों के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। अहम बात यह है कि इन एजेेंसियों की ओर से धान खरीद करने के बाद भुगतान किन किसानों के खातों में भेजा गया है, इसका भी कोई ब्यौरा नहीं मिल पाया है। इसकी भी जांच की जा रही है।
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अछल्दा मंडी में धान खरीद के लिए खोले गए नेफेड के धान क्रय केंद्र पर वर्ष 2019-20 में की गई धान खरीद के सापेक्ष पीएफएमएस पोर्टल (पर्सनल फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम) केे माध्यम से भुगतान कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही इसी पोर्टल पर किसानों का डाटा व उनके द्वारा बेची गई धान का ब्योरा भी अपलोड कराया गया था। अछल्दा के धान क्रय केंद्र पर दो सौ क्विंटल से ऊपर की धान बेचने वाले 11 किसानों के अलावा पीएफएमएस पोर्टल पर 151 किसान किसी न किसी वजह से अपात्र पाए गए थे। डाटा में अनियमितता मिलने पर मुख्यमंत्री के सचिव की ओर से आयुक्त खाद्य एवं रसद को 151 किसानों की जांच के लिए निर्देश दिए गए थे।
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इसके अलावा एनसीसीएफ के अछल्दा धान खरीद केंद्र की ओर से पीएफएमएस पोर्टल पर अपलोड किए गए डाटा में दो सौ क्विंटल से अधिक की धान बेचने वाले दो किसानों तथा पोर्टल पर अपलोड किए गए किसानों के डाटा में 163 किसानों की जांच कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। शासन से जांच के निर्देश मिलने के बाद डीएम अभिषेक सिंह मीणा ने दो जांच कमेटी गठित की। इसमें एक जांच कमेटी एआर कॉपरेटिव कमलकांत मिश्रा व एसडीएम बिधूना रमापति तथा दूसरी कमेटी डिप्टी आरएमओ सुधांशु चौबे व तहसीलदार बिधूना के निर्देशन में बनाई गई। दोनों जांच कमेटियों की ओर से डीएम को सौंपी गई रिपोर्ट में अनियमितता सामने आने पर डीएम के आदेश पर अछल्दा थाने में नेफेड धान क्रय केंद्र प्रभारी शिवम व जिला प्रभारी सुमित अवस्थी के अलावा एनसीसीएफ केंद्र प्रभारी अजय पाल सिंह व जिला प्रभारी शिवम के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
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इस संबंध में डिप्टी आरएमओ सुधांशु चौबे ने बताया कि दोनों केंद्रों के केंद्र प्रभारियों व जिला प्रभारियों से उनका सही डाटा मांगा गया। इस पर कोई भी मांगा गया डाटा उपलब्ध नहीं करा सका। साथ ही अपलोड किए गए दस्तावेज भी फर्जी पाए गए। इस पर दोनों एजेंसियों के अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। अहम बात यह है कि इन एजेेंसियों की ओर से धान खरीद करने के बाद भुगतान किन किसानों के खातों में भेजा गया है, इसका भी कोई ब्यौरा नहीं मिल पाया है। इसकी भी जांच की जा रही है।