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हर उम्र को चपेट में ले रहा कोरोना
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औरैया। कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। इधर सप्ताह भर में कोई भी ऐसा दिन नहीं बीता, जब जिले में संक्रमित न मिले हों। हाल यह है कि संक्रमण एक ही परिवार में कई लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। यही नहीं हर आयु वर्ग के लोग चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जरा सी लापरवाही हर उम्र के शख्स को जानलेवा बीमारी की चपेट में ले सकती है। इससे बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, मास्क का इस्तेमाल करें। साथ ही सामाजिक दूरी का पालन जरूरी है। सबसे ज्यादा बुजुर्गों को सावधान रहने की जरूरत है।
एक सप्ताह के आंकड़ों पर निगाह डाली जाए तो इसके संक्रमण के फैलाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसमें पांच साल से लेकर 70 साल की उम्र के लोग संक्रमित हुए हैं। बाजार खुल गए हैं, त्योहार भी हैं। शनिवार को बकरीद, इसके बाद सोमवार को रक्षाबंधन है। लाजिमी है कि त्योहार के चलते बाजारों में भीड़ उमड़ेगी। मास्क न लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने से संक्रमण बढ़ने का खतरा और तेज हो सकता है।
संपर्क में आने से संक्रमितों की संख्या ज्यादा बढ़ी है। एक ही घर में एक व्यक्ति से यह रोग अन्य को हो रहा है। अजीतमल स्थित बुंदेलखंड एक्सप्रेस में काम करने वाले एक मजदूर की पहले कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। अब यहां 34 लोग पॉजिटिव हैं। सभी को एक गेस्ट हाउस में एकांतवास किया गया है। यही हाल घरों का है। एक-एक घर में पिता-पुत्र, सास-बहू, पति-पत्नी, आदि संक्रमित मिल रहे हैं।
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संक्रमित को होम आइसोलेशन की सुविधा दे दी गई है। इसके तहत संक्रमित को घर में ही आइसोलेट कर दिया जाता है। साथ ही ताकीद की जाती है कि वह और उसके परिजन घर से नहीं निकलेंगे। इसके बावजूद अपने, परिजनों और अन्य लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लोग गलियों और सड़कों पर घूमने निकल रहे हैं। ऐसे में एक नई चेन विकसित हो रही है।
50 शय्या जिला अस्पताल के डॉ. अमित पोरवाल ने बताया कि जरा सी लापरवाही भी बड़ा खतरा बन सकती है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है। इन्हें तो कतई बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि बच्चे पनप रहे होते हैं और बुजुर्ग की रोग-प्रतिरोधक क्षमता घट रही होती है। इनमें शुगर व किडनी आदि की कोई न कोई समस्या होती है। इसके अलावा यदि कोई मां स्तनपान करा रही है तो उसे भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
50 शय्या जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि बुजुर्गों और बच्चों की इम्यूनिटी कम होती है। इनके संक्रमित होने की आशंका ज्यादा होती है। इन्हें इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने की जरूरत है। खानपान का ध्यान रखें। बुजुर्गों में अक्सर डायबिटीज, किडनी, हृदय रोग पाए जाते हैं। इनमें कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बुजुर्गों को ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। घर से न निकलें तो बेहतर है।
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एक सप्ताह के आंकड़ों पर निगाह डाली जाए तो इसके संक्रमण के फैलाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसमें पांच साल से लेकर 70 साल की उम्र के लोग संक्रमित हुए हैं। बाजार खुल गए हैं, त्योहार भी हैं। शनिवार को बकरीद, इसके बाद सोमवार को रक्षाबंधन है। लाजिमी है कि त्योहार के चलते बाजारों में भीड़ उमड़ेगी। मास्क न लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न होने से संक्रमण बढ़ने का खतरा और तेज हो सकता है।
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संपर्क में आने से संक्रमितों की संख्या ज्यादा बढ़ी है। एक ही घर में एक व्यक्ति से यह रोग अन्य को हो रहा है। अजीतमल स्थित बुंदेलखंड एक्सप्रेस में काम करने वाले एक मजदूर की पहले कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आई थी। अब यहां 34 लोग पॉजिटिव हैं। सभी को एक गेस्ट हाउस में एकांतवास किया गया है। यही हाल घरों का है। एक-एक घर में पिता-पुत्र, सास-बहू, पति-पत्नी, आदि संक्रमित मिल रहे हैं।
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संक्रमित को होम आइसोलेशन की सुविधा दे दी गई है। इसके तहत संक्रमित को घर में ही आइसोलेट कर दिया जाता है। साथ ही ताकीद की जाती है कि वह और उसके परिजन घर से नहीं निकलेंगे। इसके बावजूद अपने, परिजनों और अन्य लोगों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। लोग गलियों और सड़कों पर घूमने निकल रहे हैं। ऐसे में एक नई चेन विकसित हो रही है।
50 शय्या जिला अस्पताल के डॉ. अमित पोरवाल ने बताया कि जरा सी लापरवाही भी बड़ा खतरा बन सकती है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत है। इन्हें तो कतई बाहर नहीं निकलना चाहिए, क्योंकि बच्चे पनप रहे होते हैं और बुजुर्ग की रोग-प्रतिरोधक क्षमता घट रही होती है। इनमें शुगर व किडनी आदि की कोई न कोई समस्या होती है। इसके अलावा यदि कोई मां स्तनपान करा रही है तो उसे भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
50 शय्या जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने बताया कि बुजुर्गों और बच्चों की इम्यूनिटी कम होती है। इनके संक्रमित होने की आशंका ज्यादा होती है। इन्हें इम्यूनिटी सिस्टम बढ़ाने की जरूरत है। खानपान का ध्यान रखें। बुजुर्गों में अक्सर डायबिटीज, किडनी, हृदय रोग पाए जाते हैं। इनमें कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बुजुर्गों को ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। घर से न निकलें तो बेहतर है।