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Auraiya News: डीएम पर आरोप मढ़ने के बाद भी निलंबन से नहीं बच पाए विवादित एक्सईएन
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औरैया। जिलाधिकारी नेहा प्रकाश की ओर से शासन को भेजी गई एक्सईएन अभिषेक यादव की लापरवाही को लेकर निलंबन की संस्तुति रिपोर्ट ने काफी कुछ जिले में हलचल बढ़ा दी थी। एक्सईएन के वायरल हुए शासन को लिखे गए पत्र में स्वयं की सफाई के साथ डीएम नेहा प्रकाश पर आरोप लगा दिए थे। यह सब कारनामा भी एक्सईएन के काम नहीं आ सका। आखिरकार उन्हें निलंबित ही कर दिया गया।
दिसंबर 2022 में तत्कालीन डीएम प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों में लापरवाही को लेकर पहली बार एक्सईएन अभिषेक यादव के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की थी। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। शासन स्तर से इसे नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद 30 जून 2023 को जिले की डीएम नेहा प्रकाश ने विकास कार्यों की समीक्षा में एक्सईएन की लापरवाही पाई।
इस पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई। इसे भी नजरअंदाज कर दिया गया। अब इस बार फिर से डीएम नेहा प्रकाश ने एक्सईएन अभिषेक यादव की लापरवाही को लेकर निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इधर एक्सईएन का आरोप प्रत्यारोप का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हाे गया। जिसके बाद पूरा मामला सार्वजनिक हो गया। पत्र वायरल किसने किया यह अभी तक कोई भी नहीं बता सका। संवाद न्यूज एजेंसी वायरल पत्र की पुष्टि नहीं करती है। बता दें कि बतौर एक्सईएन अभिषेक यादव का कार्यकाल काफी विवादित रहा।
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सड़क बनी नहीं और ठेकेदार को 90 लाख का रुपये के भुगतान मामले में माल्हेपुर-मिश्रीपुर सड़क ने सभी को चौका दिया था। मामले में जांच डीएम नेहा प्रकाश के निर्देश पर शुरू कराई गई थी। इसमें कुछ खास निकलकर सामने नहीं आया। वहीं इस कड़ी में हरदोई के चहेते ठेकेदारों को काम देने का भी मामला खूब गर्माया। इसके साथ ही खुद की सफाई के लिए अभिषेक ने डीएम पर ही आरोप मढ़ दिए।जबकि डीएम ने विभागीय कार्यों की समीक्षा को लेकर शासन में रिपोर्ट भेजी थी।
जिसमें लोकसभा चुनाव से लेकर निर्माण कार्यों की भी लापरवाही थी। वहीं अभिषेक ने डीएम पर इस पूरे मामले में आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न का आरोप मढ़ दिया था। यह पूरी करामात अभिषेक यादव के काम न आ सकी। आखिरकार उन्हें निलंबित कर दिया गया।
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दिसंबर 2022 में तत्कालीन डीएम प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों में लापरवाही को लेकर पहली बार एक्सईएन अभिषेक यादव के खिलाफ शासन को रिपोर्ट भेजते हुए विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की थी। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। शासन स्तर से इसे नजरअंदाज कर दिया गया। इसके बाद 30 जून 2023 को जिले की डीएम नेहा प्रकाश ने विकास कार्यों की समीक्षा में एक्सईएन की लापरवाही पाई।
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इस पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई। इसे भी नजरअंदाज कर दिया गया। अब इस बार फिर से डीएम नेहा प्रकाश ने एक्सईएन अभिषेक यादव की लापरवाही को लेकर निलंबन की संस्तुति करते हुए शासन को रिपोर्ट भेजी थी। इधर एक्सईएन का आरोप प्रत्यारोप का एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हाे गया। जिसके बाद पूरा मामला सार्वजनिक हो गया। पत्र वायरल किसने किया यह अभी तक कोई भी नहीं बता सका। संवाद न्यूज एजेंसी वायरल पत्र की पुष्टि नहीं करती है। बता दें कि बतौर एक्सईएन अभिषेक यादव का कार्यकाल काफी विवादित रहा।
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सड़क बनी नहीं और ठेकेदार को 90 लाख का रुपये के भुगतान मामले में माल्हेपुर-मिश्रीपुर सड़क ने सभी को चौका दिया था। मामले में जांच डीएम नेहा प्रकाश के निर्देश पर शुरू कराई गई थी। इसमें कुछ खास निकलकर सामने नहीं आया। वहीं इस कड़ी में हरदोई के चहेते ठेकेदारों को काम देने का भी मामला खूब गर्माया। इसके साथ ही खुद की सफाई के लिए अभिषेक ने डीएम पर ही आरोप मढ़ दिए।जबकि डीएम ने विभागीय कार्यों की समीक्षा को लेकर शासन में रिपोर्ट भेजी थी।
जिसमें लोकसभा चुनाव से लेकर निर्माण कार्यों की भी लापरवाही थी। वहीं अभिषेक ने डीएम पर इस पूरे मामले में आर्थिक व मानसिक उत्पीड़न का आरोप मढ़ दिया था। यह पूरी करामात अभिषेक यादव के काम न आ सकी। आखिरकार उन्हें निलंबित कर दिया गया।