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Auraiya News: दावे और नाले अधूरे, बाईपास की तीन हजार आबादी जलभराव में फंसी
Fri, 25 Jul 2025 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:55 PM IST
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बाईपास में अधूरा पड़ा नाला।
- फोटो : बाईपास में अधूरा पड़ा नाला।
औरैया। मानसून से पहले शहर को जलभराव से निजात दिलाने के लिए पालिका ने खूब दावे किए। मगर पालिका के दावे और समस्या से निजात दिलाने के लिए नालों का काम अब भी अधूरा है।
हालात यह हैं कि शहर के दिबियापुर बाईपास पर बसे मोहल्ला गोविंदनगर, पढ़ीन दरवाजा और बनारसीदास आदि मोहल्ले बारिश में भी जलभराव झेल रहे हैं।
दिबियापुर बाईपास पर तीन मोहल्लों की करीब तीन हजार की आबादी सालों से इस समस्या से जूझती चली आ रही है। हर साल यहां बारिश में भीषण जलभराव होता है। सड़क से लेकर खाली प्लॉट और मैदान बारिश के पानी से भर जाते हैं।
करीब चार से पांच माह तक यह जलभराव बना रहता है। हालांकि नगर पालिका परिषद की ओर से इस समस्या को दूर करने के लिए मानसून से पहले बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में नालों का निर्माण कराया।
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वैसे तो दिबियापुर रोड पर भी नाले बनाए गए, लेकिन यहां पर बाईपास से सटे मुख्य नाले का निर्माण अधूरा रह गया। इससे पिछले सालों की तरह इस बार भी यहां की आबादी जलभराव के संकट से जूझ रही है। बाईपास से बस्ती में जाने वाली सड़कें जलमग्न हो गई हैं। इस जलभराव में जलकुंभी भी हो रही है। लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
पानी में डूबी सड़क
सड़क जलभराव से डूब गई है। आवागमन में दिक्कत आ रही है। जहरीले कीड़ों की भी समस्या है। समय रहते नाला बन जाता तो यह समस्या दूर हो जाती।-अमर सिंह
गंदे पानी से निकल रहे
बारिश में हर साल जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। जलभराव के चलते संक्रमण का खतरा भी खड़ा हो सकता है। सड़क पर गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है।
-संतोष
नाला बनना अभी बाकी
नगर पालिका में बाईपास पर जलभराव का मुद्दा उठाया गया था। इस पर पहल भी की गई। नालों का निर्माण कराया जा रहा है। कुछ हिस्से में नाला बनना बाकी है। -राजवीर, सभासद गोविंद नगर
बाईपास पर जलभराव की समस्या सालों पुरानी है। इसका तोड़ निकाल कर यहां नालों का निर्माण कराया जा रहा है। कुछ हिस्से में नाला बनना बाकी है। इसे जल्द पूरा कराया जाएगा।-अनूप गुप्ता, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद
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हालात यह हैं कि शहर के दिबियापुर बाईपास पर बसे मोहल्ला गोविंदनगर, पढ़ीन दरवाजा और बनारसीदास आदि मोहल्ले बारिश में भी जलभराव झेल रहे हैं।
दिबियापुर बाईपास पर तीन मोहल्लों की करीब तीन हजार की आबादी सालों से इस समस्या से जूझती चली आ रही है। हर साल यहां बारिश में भीषण जलभराव होता है। सड़क से लेकर खाली प्लॉट और मैदान बारिश के पानी से भर जाते हैं।
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करीब चार से पांच माह तक यह जलभराव बना रहता है। हालांकि नगर पालिका परिषद की ओर से इस समस्या को दूर करने के लिए मानसून से पहले बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में नालों का निर्माण कराया।
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वैसे तो दिबियापुर रोड पर भी नाले बनाए गए, लेकिन यहां पर बाईपास से सटे मुख्य नाले का निर्माण अधूरा रह गया। इससे पिछले सालों की तरह इस बार भी यहां की आबादी जलभराव के संकट से जूझ रही है। बाईपास से बस्ती में जाने वाली सड़कें जलमग्न हो गई हैं। इस जलभराव में जलकुंभी भी हो रही है। लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है।
पानी में डूबी सड़क
सड़क जलभराव से डूब गई है। आवागमन में दिक्कत आ रही है। जहरीले कीड़ों की भी समस्या है। समय रहते नाला बन जाता तो यह समस्या दूर हो जाती।-अमर सिंह
गंदे पानी से निकल रहे
बारिश में हर साल जलभराव की समस्या खड़ी हो जाती है। जलभराव के चलते संक्रमण का खतरा भी खड़ा हो सकता है। सड़क पर गंदे पानी से होकर निकलना पड़ता है।
-संतोष
नाला बनना अभी बाकी
नगर पालिका में बाईपास पर जलभराव का मुद्दा उठाया गया था। इस पर पहल भी की गई। नालों का निर्माण कराया जा रहा है। कुछ हिस्से में नाला बनना बाकी है। -राजवीर, सभासद गोविंद नगर
बाईपास पर जलभराव की समस्या सालों पुरानी है। इसका तोड़ निकाल कर यहां नालों का निर्माण कराया जा रहा है। कुछ हिस्से में नाला बनना बाकी है। इसे जल्द पूरा कराया जाएगा।-अनूप गुप्ता, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद