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Auraiya News: कन्नौजी बोली में औरैया के नौनिहालों को दी जाएगी शिक्षा

Tue, 19 Dec 2023 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Tue, 19 Dec 2023 11:55 PM IST
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Children of Auraiya will be given education in Kannauji dialect.
औरैया। शिक्षक अपने व्यक्तित्व के लिहाज से स्कूलों में नौनिहालों को खड़ी बोली पढ़ाते हैं। स्थानीय ठेठ देशी बोली में बच्चों की बातचीत ग्रामीण क्षेत्र के परिवेश के अनुरूप होती है। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षक व नौनिहालों के बीच बेहतर जुड़ाव व तालमेल हो इसके लिए जिले की स्थानीय बोली कन्नौजी को प्राथमिक शिक्षा में पढ़ाने के लिए अनिवार्य किए जाने की योजना है। शासन स्तर से नई शिक्षा नीति के तहत शोध के लिए राज्य हिंदी संस्थान वाराणसी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिले में इस बोली को स्कूलों में बेहतर ढंग से अपनाने के लिए किताब ‘स्थानीय बोलियों का परिचय व स्वरूप’ को तैयार किया जा रहा है। जिले के मिरगवां स्थित परिषदीय स्कूल के शिक्षक प्रशांत अवस्थी इस किताब को तैयार कर रहे हैं।
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नई शिक्षा नीति के तहत औरैया जनपद को कन्नौजी बोली के दायरे में रखा गया है। राज्य हिंदी संस्थान वाराणसी की ओर से जिले की बोली को लेकर किताब संचयन करने की कमान देख मिरगवां परिषदीय स्कूल के शिक्षक प्रशांत अवस्थी बोली के परिचय व स्वरूप का खाका तैयार कर रहे हैं। दो माह पूर्व संस्थान की ओर से उन्हें प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। अब किताब को तैयार करने के लिए शब्द से लेकर वचन तक पर काम किया जा रहा है। व्याकरण से लेकर मुहावरे, लोकोक्तियां, प्रत्यय समेत कई बिंदुओं पर शोध करते हुए संचयन का काम किया जा रहा है। शिक्षक प्रशांत अवस्थी ने बताया कि राज्य हिंदी संस्थान की निदेशक डाॅ. ऋचा जोशी के नेतृत्व में पुस्तक को तैयार किया जा रहा है। औरैया जिला की कन्नौजी भाषा को लेकर वह स्वयं सार संग्रह कर रहे हैं। स्थानीय बोली को प्राथमिक शिक्षा में प्रयोग में लाते हुए शिक्षण कार्य को आसान बनाने के लिए यह प्रयास किया जा रहा है।
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कन्नौजी बोली बोलते नजर आएंगे शिक्षक

जिले में बोली जाने वाली कन्नौजी बोली को नई शिक्षा व्यवस्था से बेहतर मुकाम मिलने की उम्मीद जगी है। ग्रामीण क्षेत्र में देसी कन्नौजी बोली को लेकर लोगों में खड़ी बोली व अंग्रेजी के संवाद के दौरान हीन भावना नहीं बल्कि आत्मविश्वास का संचार होगा। नई शिक्षा नीति के तहत होने से जा रहे इस प्रयास की शिक्षक से लेकर बुद्धजीवी वर्ग भी सराहना कर रहे हैं।
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बोले जिम्मेदार----

नई शिक्षा नीति के तहत स्थानीय बोली को परिषदीय स्कूलों में शिक्षण कार्य के तौर पर शामिल किया जाने को लेकर शोध चल रहा है। जिले के मिरगवां में तैनात शिक्षक प्रशांत अवस्थी के नेतृत्व में औरैया जिले के स्थानीय बोली कन्नौजी का प्रारूप तैयार किया जा रहा है। जिसके बाद शासन स्तर से कन्नौजी बोली को बढ़ावा देने के लिए परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की ओर से चलन में लाया जाएगा। नौनिहालों व शिक्षकों के बीच जुड़ाव को लेकर यह अहम साबित हो सकता है।-अनिल कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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