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Auraiya News: फायर सिलिंडर के हवाले सीएचसी-पीएचसी, आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी

Mon, 06 Oct 2025 11:35 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया Updated Mon, 06 Oct 2025 11:35 PM IST
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CHC-PHC are dependent on fire cylinders, fire safety arrangements are inadequate.
फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद
औरैया। जिले के सरकारी अस्पतालों में आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। यदि आग लगने की घटनाएं होती हैं तो सिर्फ काबू पाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर सिलिंडर ही बचाव के एक मात्र उपाय होंगे। यह हालात किसी एक अस्पताल के नहीं बल्कि सभी अस्पतालों के हैं। ऐसा नहीं है कि इंतजाम न किए गए हो लेकिन ठीक से रखरखाव न होने से अग्निशमन संयंत्र खराब हो चुके हैं।
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हाल यह है कि दमकल विभाग के नोटिस के बाद भी स्वास्थ्य महकमा सुध नहीं ले रहा है। महज मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग व बेला सीएचसी की बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र पुख्ता है। अन्य जगह संयंत्र रखे-रखे जंग खा रहे हैं। एक भी जगह संयंत्र चालू हालत में नहीं है। जयपुर के एक अस्पताल में आग की घटना के बाद सोमवार को संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने जिलेभर के सरकारी अस्पतालों की पड़ताल की। ज्यादातर जगहों पर यह लापरवाही सामने आई। औरैया जिले में आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक जिला स्तरीय अस्पताल हैं। इनमें आग से सुरक्षा के मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। दमकल विभाग की ओर से नोटिस भी दिए गए हैं।
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फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद
फोटो-06एयूआरपी 36 - बॉक्स में खराब हो चुकी जीन पाइप। संवाद
मेडिकल कॉलेज की पुरानी बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र खराब
चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र पुख्ता मिला लेकिन पुरानी बिल्डिंग में संयंत्र चालू हालत में नहीं मिले। हॉज पाइप ही कई जगहों से लापता थे। ज्यादातर जगह पाइप खराब मिले जबकि इस बिल्डिंग में महिला एवं बाल चिकित्सालय है। यहां एसएनसीयू व केएमसी वार्ड में नवजात बच्चे, प्रसूताएं व अन्य बीमारी से ग्रसित महिलाएं भर्ती होती हैं। आग बुझाने के लिए सिर्फ सिलिंडर दीवारों पर टंगे दिखाई दिए। पानी की पाइपलाइन खराब मिला। हाईड्रेंट कनेक्शन पूरी तरह से जंग खा छुका है। अलार्म भी खराब हैं। पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र की दयनीय हालत मिली।
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फोटो-06एयूआरपी 37- सीएचसी में लगा फायर एस्टिंग्यूसर। संवाद
सिर्फ फायर एक्सटिंग्विशर के भरोसे अजीतमल सीएचसी
अजीतमल। कस्बे के बीचोबीच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर आग से बचने के कोई खास उपाय उपलब्ध नहीं है। न तो पानी का टेंक ही बना है और न ही कोई पाइपलाइन डाली गई है। सिर्फ फायर एस्टिंग्यूसर के भरोसे ही आग की सुरक्षा व्यवस्था है। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अशोक राय ने बताया कि सीएचसी पर तीन सीओटी सिलिंडर व 13 एबीसी टाइप सिलिंडर मौजूद है। जिनकी हर साल रिफिलिंग कराई जाती है। भीड़भाड़ वाली जगह वार्ड व परिसर में ये रखे गए है। इसके अलावा और कोई व्यवस्था नहीं है।
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फोटो-06एयूआरपी 38- सीएचसी में लगा फायर एस्टिंग्यूसर। संवाद
बिधूना में सीएचसी के साथ मातृ शिशु अस्पताल, फिर भी नहीं संयंत्र
बिधूना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आपात स्थिति से निपटने के लिए महज 11 फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। वहीं, परिसर में मातृ शिशु अस्पताल की भी बिल्डिंग है। यहां पर अग्निशमन संयंत्र की पूरे बिल्डिंग में फिटिंग हैं लेकिन दमकल विभाग के अनुसार ये संयंत्र चालू हालत में नहीं है। सीएससी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि मातृ शिशु अस्पताल में पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन विभाग की एनओसी जारी है। समय-समय पर विभाग के लोग आकर इसका निरीक्षण भी करते हैं।
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फोटो-06एयूआरपी 39- सीएचसी में लगा फायर एक्सटिंग्विशर। संवाद
यहां लग चुकी आग, फिर भी संयंत्र नहीं सकि्रय
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिबियापुर में आग से निपटने के लिए महज 18 फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। वहीं मातृ शिशु अस्पताल की बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र की फिटिंग हैं। दो साल पहले यहां पर आग लगने की घटना हुई थी। दमकल विभाग के अनुसार ये संयंत्र सक्रिय नहीं है। सीएससी अधीक्षक डॉ. विजय आनंद ने बताया कि दोनों भवनों में 18 फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। मातृ शिशु अस्पताल में पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन विभाग की एनओसी भी जारी है। समय-समय पर विभाग के लोग आकर इसका निरीक्षण भी करते हैं।
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नाकाफी हैं फायर एक्सटिंग्विशर
फोटो-06एयूआरपी 40 - फायर एक्सटिंग्विशर को देखते सीएचसी अधीक्षक। संवाद
सहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आग से निपटने के लिए नौ फायर एक्सटिंग्विशर है। पूरी बिल्डिंग में अग्निशमन संयंत्र का अभाव है। सीएससी अधीक्षक डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि फायर एक्सटिंग्विशर के जरिए आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम है।

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लगातार भेजे जाते नोटिस
केवल मेडिकल कॉलेज चिचौली व बेला सीएचसी में अग्निशमन संयंत्र चालू हालत में है। अन्य अस्पतालों में आग से निपटने के लिए महज फायर एक्सटिंग्विशर लगे हैं। संयंत्रों को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को लगातार नोटिस भेजे जाते हैं लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा है।- तेजवीर सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

फोटो-06एयूआरपी 35 - बिना पाइप का खाली पड़ा बॉक्स। संवाद

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