{"_id":"69371b1a569fe8b555041ada","slug":"bullion-trader-dies-after-being-hit-by-a-goods-train-auraiya-news-c-211-1-aur1008-135719-2025-12-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Auraiya News: मालगाड़ी की चपेट में आए सराफा कारोबारी की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Auraiya News: मालगाड़ी की चपेट में आए सराफा कारोबारी की मौत
Tue, 09 Dec 2025 12:08 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Tue, 09 Dec 2025 12:08 AM IST
विज्ञापन
फोटो-4- मृतक मनोज पोरवाल की फाइल फोटो।
- फोटो : रिसिया के लखैया जदीद में बनकर तैयार अन्नपूर्णा भवन।
दिबियापुर। दोपहर में घर से टहलने निकले एक सराफा कारोबारी डीएफसी लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आ गए। पैर कटने व सिर में चोट लगने से उनकी हालत गंभीर हो गई। कानपुर ले जाते समय रनिया के पास उनकी मौत हो गई।
हादसा बेला क्रॉसिंग के पास हुआ था। कस्बे के गुंजन रोड स्थित बाबू दयाराम नगर निवासी मनोज पोरवाल (55) सराफा कारोबारी थे। उनकी स्टेशन रोड पर प्रिंस ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। परिजन के मुताबिक वह कुछ दिन से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। इसके चलते 15 दिन से दुकान पर नहीं जा रहे थे।
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे वह घर से टहलने की बात कहकर निकले थे। इस दौरान वह डीएफसी ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे में उनका एक पैर कट गया और दूसरा पैर तीन जगह से टूटने के अलावा सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसे की जानकारी होने पर भाई विमल व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें सीएचसी ले गए।
विज्ञापन
वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज चिचौली रेफर कर दिया गया। परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन यहां भी प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें गंभीर हालत में लेकर कानपुर जा रहे थे, लेकिन रनिया के पास ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिवार में पत्नी सरोज, एक पुत्र प्रिंस और एक पुत्री शैली है। प्रिंस और उसकी पत्नी प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैं।
एंबुलेंस व्यस्त होने पर आक्रोशित हुए परिजन
सीएचसी से सराफा कारोबारी को रेफर करने पर परिजनों ने जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए डायल 108 पर कॉल की। इस दौरान एंबुलेंस व्यस्त होने से आ नहीं पाई। इस पर परिजन आक्रोशित हुए तो एंबुलेंस हेल्पडेस्क की महिलाकर्मी ने एक मरीज को सीएचसी छोड़ने आए एंबुलेंस चालक से बात कर सराफा कारोबारी को उस एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भिजवाया।
विज्ञापन
हादसा बेला क्रॉसिंग के पास हुआ था। कस्बे के गुंजन रोड स्थित बाबू दयाराम नगर निवासी मनोज पोरवाल (55) सराफा कारोबारी थे। उनकी स्टेशन रोड पर प्रिंस ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। परिजन के मुताबिक वह कुछ दिन से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। इसके चलते 15 दिन से दुकान पर नहीं जा रहे थे।
विज्ञापन
सोमवार दोपहर करीब 12 बजे वह घर से टहलने की बात कहकर निकले थे। इस दौरान वह डीएफसी ट्रैक पार करते समय मालगाड़ी की चपेट में आ गए। हादसे में उनका एक पैर कट गया और दूसरा पैर तीन जगह से टूटने के अलावा सिर में गंभीर चोट लग गई। हादसे की जानकारी होने पर भाई विमल व अन्य परिजन मौके पर पहुंचे और उन्हें सीएचसी ले गए।
विज्ञापन
वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज चिचौली रेफर कर दिया गया। परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे, लेकिन यहां भी प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया। परिजन उन्हें गंभीर हालत में लेकर कानपुर जा रहे थे, लेकिन रनिया के पास ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके परिवार में पत्नी सरोज, एक पुत्र प्रिंस और एक पुत्री शैली है। प्रिंस और उसकी पत्नी प्राथमिक स्कूल में शिक्षक हैं।
एंबुलेंस व्यस्त होने पर आक्रोशित हुए परिजन
सीएचसी से सराफा कारोबारी को रेफर करने पर परिजनों ने जिला अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस के लिए डायल 108 पर कॉल की। इस दौरान एंबुलेंस व्यस्त होने से आ नहीं पाई। इस पर परिजन आक्रोशित हुए तो एंबुलेंस हेल्पडेस्क की महिलाकर्मी ने एक मरीज को सीएचसी छोड़ने आए एंबुलेंस चालक से बात कर सराफा कारोबारी को उस एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भिजवाया।