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वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ा, दो की मौत
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औरैया। जिले में वायरल फीवर का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। गांवों में बुखार से पीड़ित लोग इलाज के इंतजार में हैं। शनिवार को बुखार से पीड़ित एक महिला की सैफई और एक व्यक्ति की कानपुर में मौत हो गई। परिजनों ने उन्हें डेंगू होना बताया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग मेडिकल कालेजों से रिपोर्ट आने की बात कह रहा है। वहीं दो मरीज में डेंगू की पुष्टि हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में फैली गंदगी और जलभराव के कारण लगातार संक्रमक बीमारी (वायरल फीवर, उल्टी-दस्त) फैल रहा है। अब तक जिले में 40 से अधिक मरीज डेंगू संक्रमित मिल चुके हैं। एक की डेंगू से मौत की विभाग भी पुष्टि कर चुका है। लगातार डेंगू संक्रमित मरीज मिलने के साथ वायरल से ग्रसित मरीज बढ़ते जा रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक बीमारी नियंत्रण के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं किए हैं। अस्पतालों में इलाज से लेकर उपचार तक की व्यवस्था राम भरोसे है। हालात यह है कि प्रदेश के कई जिलों में स्क्रब टाइफस के मरीज पाए गए। इसके बाद भी जिले में इसको लेकर कोई प्रबंध नहीं है। यहां के अस्पतालों में स्क्रब टाइफस जांच के लिए किट व अन्य कोई व्यवस्था तक नहीं है।
शनिवार को दलेलनगर के रहने वाले अनुदेशक प्रदीप कुमार (38) की कानपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने बताया उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा था। जांच में डाक्टरों ने डेंगू होना बताया था। वहीं रुरुगंज बिधूना की रहने वाली लक्ष्मी देवी पत्नी नीरज कुमार को सात अक्तूबर को बुखार आने पर परिजनों ने सैफई मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। जहां दो दिन तक उनका इलाज चला और शनिवार को मौत हो गई। परिजनों के अनुसार डाक्टरों ने उन्हें भी डेंगू होना बताया था। इधर स्वास्थ्य विभाग ने एरवाकुइली की 63 वर्षीय महिला के डेंगू संक्रमित होने पुष्टि की है। वहीं शुक्रवार देर शाम एक डेंगू संक्रमित मरीज को चिचौली अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसकी प्राइवेट जांच में डेंगू पाया गया था।
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गांव-गांव पहुंच रहीं स्वास्थ्य टीमें
स्वास्थ्य विभाग को लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीमार होने की जानकारी मिल रही है। इसको लेकर विभाग जहां सतर्कता बनाए हैं। वहीं टीमें भी गांव पहुंचकर मरीजों की जांचकर दवाएं दे रहीं हैं। शनिवार को जिले के पांच से अधिक गांवों में बीमारी फैले होने की जानकारी मिली। जिस पर टीमें गांव पहुंचीं और इस दौरान 200 से अधिक लोगों की जांच कर दवाइयां दी। अयाना के रूपपुरा और कटघरा गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित पाए गए। जिनका स्वास्थ्य टीम ने कोरोना, मलेरिया और डेंगू की जांच के लिए सैंपल लिया है।
वर्जन
जिन गांवों में बीमारी की जानकारी मिल रही है। उस क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को तत्काल टीम भेजने के निर्देश दिए हैं। बुखार से होने वाली मौत की जानकारी मेडिकल कालेज से रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होती है। प्राइवेट व किट से जांच कराने में जिन मरीजों में एनएस-1 पॉजिटिव आती है, तो उसका एलाइजा कराना जरूरी है। जब तक एलाइजा जांच रिपोर्ट नहीं आती डेंगू संक्रमण की पुष्टि नहीं होती है। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ
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ग्रामीण क्षेत्रों में फैली गंदगी और जलभराव के कारण लगातार संक्रमक बीमारी (वायरल फीवर, उल्टी-दस्त) फैल रहा है। अब तक जिले में 40 से अधिक मरीज डेंगू संक्रमित मिल चुके हैं। एक की डेंगू से मौत की विभाग भी पुष्टि कर चुका है। लगातार डेंगू संक्रमित मरीज मिलने के साथ वायरल से ग्रसित मरीज बढ़ते जा रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग अभी तक बीमारी नियंत्रण के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं किए हैं। अस्पतालों में इलाज से लेकर उपचार तक की व्यवस्था राम भरोसे है। हालात यह है कि प्रदेश के कई जिलों में स्क्रब टाइफस के मरीज पाए गए। इसके बाद भी जिले में इसको लेकर कोई प्रबंध नहीं है। यहां के अस्पतालों में स्क्रब टाइफस जांच के लिए किट व अन्य कोई व्यवस्था तक नहीं है।
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शनिवार को दलेलनगर के रहने वाले अनुदेशक प्रदीप कुमार (38) की कानपुर के एक अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने बताया उन्हें कई दिन से बुखार आ रहा था। जांच में डाक्टरों ने डेंगू होना बताया था। वहीं रुरुगंज बिधूना की रहने वाली लक्ष्मी देवी पत्नी नीरज कुमार को सात अक्तूबर को बुखार आने पर परिजनों ने सैफई मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। जहां दो दिन तक उनका इलाज चला और शनिवार को मौत हो गई। परिजनों के अनुसार डाक्टरों ने उन्हें भी डेंगू होना बताया था। इधर स्वास्थ्य विभाग ने एरवाकुइली की 63 वर्षीय महिला के डेंगू संक्रमित होने पुष्टि की है। वहीं शुक्रवार देर शाम एक डेंगू संक्रमित मरीज को चिचौली अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसकी प्राइवेट जांच में डेंगू पाया गया था।
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गांव-गांव पहुंच रहीं स्वास्थ्य टीमें
स्वास्थ्य विभाग को लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीमार होने की जानकारी मिल रही है। इसको लेकर विभाग जहां सतर्कता बनाए हैं। वहीं टीमें भी गांव पहुंचकर मरीजों की जांचकर दवाएं दे रहीं हैं। शनिवार को जिले के पांच से अधिक गांवों में बीमारी फैले होने की जानकारी मिली। जिस पर टीमें गांव पहुंचीं और इस दौरान 200 से अधिक लोगों की जांच कर दवाइयां दी। अयाना के रूपपुरा और कटघरा गांव में कई लोग बुखार से पीड़ित पाए गए। जिनका स्वास्थ्य टीम ने कोरोना, मलेरिया और डेंगू की जांच के लिए सैंपल लिया है।
वर्जन
जिन गांवों में बीमारी की जानकारी मिल रही है। उस क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी को तत्काल टीम भेजने के निर्देश दिए हैं। बुखार से होने वाली मौत की जानकारी मेडिकल कालेज से रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होती है। प्राइवेट व किट से जांच कराने में जिन मरीजों में एनएस-1 पॉजिटिव आती है, तो उसका एलाइजा कराना जरूरी है। जब तक एलाइजा जांच रिपोर्ट नहीं आती डेंगू संक्रमण की पुष्टि नहीं होती है। - डॉ. अर्चना श्रीवास्तव, सीएमओ