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ब्लड बैंक की तैयारियां आखिरी दौर में, पेंटिंग शुरू
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औरैया। ब्लड बैंक की तैयारियां अंतिम दौर में चल रही हैं। पेंटिंग का काम शुरू हो गया है। वहीं, पैथोलॉजिस्ट के ब्लड बैंक में न आने पर सीएमओ ने शासन को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
ब्लड बैंक सात साल से बंद पड़ा है। ऐसे में खून के अभाव में मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें कानपुर, सैफई या आसपास के अन्य जिलों में रेफर किया जाता है। तमाम बार मरीजों की जान सांसत में पड़ जाती है। अमर उजाला ने ब्लड बैंक खुलवाने के लिए अभियान चला रखा है।
इसके चलते बीते महीने आयुक्त कानपुर मंडल ने समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस बाबत जानकारी ली। साथ ही महीने भर में ब्लड बैंक खुलवाने के लिए कहा। इसके बाद से इसके संचालन की कवायद तेज हो गई है।
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बंद पड़े ब्लड बैंक को शुरू करने की जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने तैयारियां कर ली पूरी हैं। खराब हो चुकी मशीनों व ब्लड बैंक में प्रयोग किए जाने वाले सामान के पुर्जे बदले जा चुके हैं। अब पेंटिंग व साफ-सफाई का काम चल रहा है। फार्मास्सिट या समकक्ष डॉक्टर के आते ही लाइसेंस रिन्यूवल की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उधर, सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लड बैंक को फिर से चालू करना जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। शासन से तैनात किए गए फार्मासिस्ट मुक्ताकर सिंह ने अभी तक यहां आकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसलिए शासन को पत्र लिख कार्रवाई के लिए कहा है। साथ ही 28 अक्तूबर को हुए साक्षात्कार में चार प्रतिभागियों के नाम की सूची भी शासन को भेजी गई है। शासन से हरी झंडी मिलते ही इन्हें जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनाती दी जाएगी। इनमें एक मेडिकल ऑफिसर के पद का भी प्रतिभागी है, जिसे ब्लड बैंक में तैनात कर लाइसेंस रिन्यूवल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
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ब्लड बैंक सात साल से बंद पड़ा है। ऐसे में खून के अभाव में मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें कानपुर, सैफई या आसपास के अन्य जिलों में रेफर किया जाता है। तमाम बार मरीजों की जान सांसत में पड़ जाती है। अमर उजाला ने ब्लड बैंक खुलवाने के लिए अभियान चला रखा है।
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इसके चलते बीते महीने आयुक्त कानपुर मंडल ने समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से इस बाबत जानकारी ली। साथ ही महीने भर में ब्लड बैंक खुलवाने के लिए कहा। इसके बाद से इसके संचालन की कवायद तेज हो गई है।
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बंद पड़े ब्लड बैंक को शुरू करने की जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. लाखन सिंह ने तैयारियां कर ली पूरी हैं। खराब हो चुकी मशीनों व ब्लड बैंक में प्रयोग किए जाने वाले सामान के पुर्जे बदले जा चुके हैं। अब पेंटिंग व साफ-सफाई का काम चल रहा है। फार्मास्सिट या समकक्ष डॉक्टर के आते ही लाइसेंस रिन्यूवल की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उधर, सीएमओ डॉ. अर्चना श्रीवास्तव ने बताया कि ब्लड बैंक को फिर से चालू करना जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। शासन से तैनात किए गए फार्मासिस्ट मुक्ताकर सिंह ने अभी तक यहां आकर कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। इसलिए शासन को पत्र लिख कार्रवाई के लिए कहा है। साथ ही 28 अक्तूबर को हुए साक्षात्कार में चार प्रतिभागियों के नाम की सूची भी शासन को भेजी गई है। शासन से हरी झंडी मिलते ही इन्हें जिले के स्वास्थ्य विभाग में तैनाती दी जाएगी। इनमें एक मेडिकल ऑफिसर के पद का भी प्रतिभागी है, जिसे ब्लड बैंक में तैनात कर लाइसेंस रिन्यूवल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।