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Auraiya News: किसी भी कॉलेज में नहीं लगाई गईं बायोमीट्रिक मशीनें
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औरैया। जिले में डिग्री कॉलेज संचालकों की मनमानी जारी है। उनकी यह मनमानी आने वाले समय में पंजीकृत छात्र-छात्राओं पर भारी पड़ सकती है। यूनिवर्सिटी से सभी कालेजों को बायोमीट्रिक मशीन लगाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अभी तक किसी भी कॉलेज से सूचना डीएनओ (डिस्ट्रिक नोडल ऑफिसर) तक नहीं पहुंची है।
जनपद में लगभग 70 से अधिक डिग्री कॉलेज संचालित हैं। जिनमें विभिन्न कोर्सों की लगभग 35 से 40 हजार के करीब छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। सभी कॉलेजों को बायोमीट्रिक मशीन लगाने के आदेश मई माह में जारी किए गए थे। जिसकी अंतिम तिथि 10 जून निर्धारित थी। आदेश में कहा गया था कि निर्धारित तिथि में मशीन लगाने के बाद डीएनओ मतलब जिला समाज कल्याण अधिकारी को अवगत कराया जाए।
शासन स्तर से एक आदेश डिग्री कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, बीएड, बी फार्मा आदि तकनीकी पाठ्यक्रमों को कराने वालों को जारी किया गया था। सख्त निर्देश हैं कि यदि छात्रों की बायोमीट्रिक उपस्थिति नहीं लगाई जाएगी या फिर 75 प्रतिशत से उपस्थिति कम होगी। तो वह छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रहेगा। जिसका रिकार्ड भी कॉलेजों को देना होगा।
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शासन के इस आदेश को कॉलेज संचालकों ने पूरी तरह अनदेखा कर दिया है। वह आज भी पुरानी व्यवस्था पर काम कर रहे है। अभी तक किसी भी कॉलेज संचालकों ने इस संबंध में जिला समाज कल्याण विभाग को सूचित नहीं किया है।
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अभी तक किसी भी कॉलेज ने बायोमीट्रिक मशीन लगाए जाने के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। एक जुलाई के बाद बैठक बुलाई जाएगी और निर्देशित किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों की छात्रवृत्ति रुकेगी। इसलिए उन्हें हर हाल में लगवाना ही होगा। - इंद्रा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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जनपद में लगभग 70 से अधिक डिग्री कॉलेज संचालित हैं। जिनमें विभिन्न कोर्सों की लगभग 35 से 40 हजार के करीब छात्रों को प्रवेश दिया जाता है। सभी कॉलेजों को बायोमीट्रिक मशीन लगाने के आदेश मई माह में जारी किए गए थे। जिसकी अंतिम तिथि 10 जून निर्धारित थी। आदेश में कहा गया था कि निर्धारित तिथि में मशीन लगाने के बाद डीएनओ मतलब जिला समाज कल्याण अधिकारी को अवगत कराया जाए।
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शासन स्तर से एक आदेश डिग्री कॉलेजों, नर्सिंग कॉलेजों, बीएड, बी फार्मा आदि तकनीकी पाठ्यक्रमों को कराने वालों को जारी किया गया था। सख्त निर्देश हैं कि यदि छात्रों की बायोमीट्रिक उपस्थिति नहीं लगाई जाएगी या फिर 75 प्रतिशत से उपस्थिति कम होगी। तो वह छात्र छात्रवृत्ति से वंचित रहेगा। जिसका रिकार्ड भी कॉलेजों को देना होगा।
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शासन के इस आदेश को कॉलेज संचालकों ने पूरी तरह अनदेखा कर दिया है। वह आज भी पुरानी व्यवस्था पर काम कर रहे है। अभी तक किसी भी कॉलेज संचालकों ने इस संबंध में जिला समाज कल्याण विभाग को सूचित नहीं किया है।
अभी तक किसी भी कॉलेज ने बायोमीट्रिक मशीन लगाए जाने के संबंध में जानकारी नहीं दी गई है। एक जुलाई के बाद बैठक बुलाई जाएगी और निर्देशित किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले कॉलेजों की छात्रवृत्ति रुकेगी। इसलिए उन्हें हर हाल में लगवाना ही होगा। - इंद्रा सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी