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Auraiya News: कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का हुआ शुभारंभ

Sun, 19 May 2024 11:38 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 May 2024 11:38 PM IST
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Bhagwat Katha started with Kalash Yatra
अटसू। क्षेत्र के गांव सौहरी गढ़िया पुर्वा मदन सिंह में बाबा बंगाली सिद्ध स्थान पर रविवार से आयोजित होने वाली भागवत कथा में सुबह कलश यात्रा का आयोजन किया गया। कानपुर से भागवताचार्य पंडित विमलेश त्रिपाठी ने विधिविधान से श्रद्धालुओं के साथ कलश यात्रा निकलवाई।
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रविवार से शुरू होने जा रही भागवत कथा में डीजे की धुन पर नाचते गाते हुए महिलाओं व पुरुषों ने सर पर कलश रखकर सेंगर नदी से जल लेकर भागवत पंडाल पहुंची। इस दौरान परीक्षित मुनीम सिंह व माया देवी के साथ सर पोथी रखकर आगे चलकर श्रीमद्भागवत कथा पंडाल में पहुंची। जहां पूजा अर्चना की।
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वहीं पहले दिन की कथा में सुखदेव के जीवन की कथा सुनाई। कहा कि मनुष्य को मानव धर्म में आकर जीवन के विभिन्न पड़ावों का धर्म के आधार पर कर्म करते हुए निर्वासन करना चाहिए। यहीं सबसे बड़ा मनुष्य के लिए धर्म है।
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कलश यात्रा में महेश दुबे, संतोष सिंह राजावत, प्रताप यादव, नेता यादव, सतीश, हरिओम, सुदीप सिंह, अवनीश समेत सैकड़ों महिला पुरुष साथ रहे।
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राम को कैकयी ने मर्यादा पुरुषोत्तम राम बनाया: रामजी अवस्थी

ककोर। जिला मुख्यालय से सटे गमा देवी मंदिर ककोर बुजुर्ग में चल रही श्रीमद्भागवत कथा व रात्रि को राम कथा के आयोजन में इन दिनों खूब भीड़ उमड़ रही है। चौथे दिन की राम कथा में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम को कैसे कैकयी माता के द्वारा वर मांगने पर वन भेजा गया। वन में कई असुरों का संघार करने के बाद भगवान सूर्पनखा की नाक कान काटते है। इसके बाद रावण उनकी पत्नी सीता का हरण करके ले गया। कथावाचक रामजी अवस्थी ने भगवान राम के चरित्र का वर्णन करते हुए कहा की मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने मर्यादा के लिए अपने पिता को दिए हुए वचन को रखने के लिए सत्ता के सुख को त्याग कर दिया। माता कैकयी ने राम को मर्यादा पुरुषोत्तम राम बनाया। उन्होंने कहा की बच्चों को धर्म का ज्ञान बचपन में दिया जाता है। वह जीवन भर उसका ही स्मरण करता है। इस अवसर पर परीक्षित उषा देवी व लाल सहाय प्रजापति सहित सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।
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