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औरैयाः बारिश में जरा संभल कर चलें, सड़कें हैं जानलेवा
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अछल्दा से कमारा तक जाने वाली सड़क पर जलभराव। संवाद
- फोटो : AURAIYA
औरैया। जरा सी बारिश होने पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़कें जर्जर हो गई हैं। जगह-जगह गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इन सड़कों से गुजरने में लोगों को जहां परेशानी हो रही है वहीं लोग हादसे का शिकार भी हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री का गड्ढामुक्त अभियान सड़कों की हालत देख साकार होता नजर नहीं आ रहा है, जबकि इनकी मरम्मत के लिए अक्तूबर-नवंबर माह में विभाग ने करीब 45 लाख रुपये खर्च भी किए। अब अधिकारी इन सड़कों को बारिश के बाद फिर से मरम्मत या नई सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव भेजने की बात कह रहे हैं। लोक निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की जिन सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। जो सड़कें नवीनीकरण योग्य होंगी। उन्हें नया बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। बारिश कम होने व पानी सूखने पर गड्ढे भरवाएं जाएंगे।
सीन-1
तीन वर्ष पहले अछल्दा नहर पुल से कमारा गांव तक बनी सड़क की दो बार लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत कराई। इसके बाद भी सड़क खस्ताहाल होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बारिश में गड्ढों में जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। आए दिन दोपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो रहे हैं।
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सीन-2
असू-याकूबपुर मार्ग तीन दिन की बारिश में ही बुरी तरह उखड़ गया है। क्षेत्र के भरखा गांव से असू-याकूबपुर मार्ग निकला हुआ है। इस मार्ग से दिबियापुर से रसूलाबाद जाने वाले लोग यात्रा करते हैं। एक वर्ष पहले इस सड़क का डामरीकरण हुआ था। असू निवासी मोनू दुबे, मुफीद खां, मो. कासिम दीपू वाजपेयी आदि ने बताया कि कई बार मार्ग पर हुए गड्ढों की शिकायत पीडब्ल्यूडी विभाग में कर चुके हैं, पर विभाग के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
सीन-3
बिधूना ब्लॉक के पुर्वा बड़े से होकर गुजरी सड़क क्षेत्र के हथनापुर, लखना, बकरापुर्वा, पहाड़ापुर, पुर्वा दिहुली, हजियापुर, ककराघाट आदि गांव को जोड़ती है। पिछले एक साल से पुर्वा बड़े गांव की 700 मीटर सड़क अधूरी पड़ी है। सड़क निर्माण के लिए 55 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इसके बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। बारिश में जलभराव होने से गड्ढों का अंदाजा नहीं मिलता और लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। कुछ लोग अपने वाहनों को अन्य मार्गों से होकर गुजारते हैं, जिससे उन्हें छह से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर भी लगाना पड़ रहा है।
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मुख्यमंत्री का गड्ढामुक्त अभियान सड़कों की हालत देख साकार होता नजर नहीं आ रहा है, जबकि इनकी मरम्मत के लिए अक्तूबर-नवंबर माह में विभाग ने करीब 45 लाख रुपये खर्च भी किए। अब अधिकारी इन सड़कों को बारिश के बाद फिर से मरम्मत या नई सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव भेजने की बात कह रहे हैं। लोक निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक यादव ने कहा कि शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की जिन सड़कों पर गड्ढे हो गए हैं, उन्हें चिह्नित किया जाएगा। जो सड़कें नवीनीकरण योग्य होंगी। उन्हें नया बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। बारिश कम होने व पानी सूखने पर गड्ढे भरवाएं जाएंगे।
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सीन-1
तीन वर्ष पहले अछल्दा नहर पुल से कमारा गांव तक बनी सड़क की दो बार लोक निर्माण विभाग ने मरम्मत कराई। इसके बाद भी सड़क खस्ताहाल होकर गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। बारिश में गड्ढों में जलभराव से लोगों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। आए दिन दोपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हो रहे हैं।
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सीन-2
असू-याकूबपुर मार्ग तीन दिन की बारिश में ही बुरी तरह उखड़ गया है। क्षेत्र के भरखा गांव से असू-याकूबपुर मार्ग निकला हुआ है। इस मार्ग से दिबियापुर से रसूलाबाद जाने वाले लोग यात्रा करते हैं। एक वर्ष पहले इस सड़क का डामरीकरण हुआ था। असू निवासी मोनू दुबे, मुफीद खां, मो. कासिम दीपू वाजपेयी आदि ने बताया कि कई बार मार्ग पर हुए गड्ढों की शिकायत पीडब्ल्यूडी विभाग में कर चुके हैं, पर विभाग के अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
सीन-3
बिधूना ब्लॉक के पुर्वा बड़े से होकर गुजरी सड़क क्षेत्र के हथनापुर, लखना, बकरापुर्वा, पहाड़ापुर, पुर्वा दिहुली, हजियापुर, ककराघाट आदि गांव को जोड़ती है। पिछले एक साल से पुर्वा बड़े गांव की 700 मीटर सड़क अधूरी पड़ी है। सड़क निर्माण के लिए 55 लाख रुपये स्वीकृत हो चुके हैं। इसके बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। बारिश में जलभराव होने से गड्ढों का अंदाजा नहीं मिलता और लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। कुछ लोग अपने वाहनों को अन्य मार्गों से होकर गुजारते हैं, जिससे उन्हें छह से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर भी लगाना पड़ रहा है।

असू-याकूबपुर मार्ग पर जलभराव व कीचड़। संवाद- फोटो : AURAIYA

बिधूना के पुरवा बड़े गांव की सड़क पर जलभराव। संवाद- फोटो : AURAIYA