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Auraiya News: कहने को खास आवास विकास कॉलोनी, बाशिंदे सुना रहे बदहाली की कहानी
Thu, 21 Aug 2025 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Thu, 21 Aug 2025 12:53 AM IST
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फोटो 20 एयूआरपी 41 आवास कॉलोनी का नजारा। संवाद
औरैया। आवास विकास कॉलोनी की रंगत बदलने के लिए जहां यहां रहने वाले आम लोग परेशान हैं। वहीं नेताओं ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। फिर भी कॉलोनी की सूरत नहीं बदली।
कहने को तो इसे पॉश कॉलोनी कहा जाता है, लेकिन यहां की सुविधाएं गांव से भी बदतर हैं। जलभराव, चोक नालियां और खस्ताहाल सड़कें यहां की पांच हजार आबादी के लिए नासूर बन चुकी हैं।
आवास विकास कॉलोनी की जनकल्याण समिति को यहां की बदहाली से निजात दिलाने में पसीने छूट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार हैं कि बिना सीवरेज के हस्तांतरण को लेकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हैं।
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तीन दशक पहले शहर के कानपुर रोड किनारे आवास विकास कॉलोनी विकसित की गई थी। उस वक्त यहां के लोगों को आवास विकास परिषद ने खूब सपने दिखाए थे। मसलन कॉलोनी में सीवरेज, सड़क, पेयजल के साथ आकर्षक पार्क आदि की सुविधा मिलेगी।
ऐसे में शहर के आम लोगों के अलावा कई बुद्धिजीवियों और करोड़पतियों ने आवास विकास पर भरोसा किया। करीब 29 सालों में यहां के सात सेक्टरों में छोटे-बड़े करीब 4000 प्लॉट व कॉलोनी का आवंटन हो गया।
हालांकि आवास विकास ने यहां करीब पांच किमी. के दायरे में सड़कों व नालियों का निर्माण कराया था, लेकिन अब यह इतने जर्जर हो चुके हैं कि यह यहां की बदहाली का सबसे बड़ा कारण बन चुके हैं।
संघर्ष जारी है
जन कल्याण समिति ने इस बदहाली को दूर कराने का वीणा उठा लिया है। समिति तब तक संघर्ष करेगी, जब तक समाधान नहीं होता। -डॉ. एसएसएस परिहार, अध्यक्ष जन कल्याण समिति।
अफसर आते ही नहीं
इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि कई प्रयासों के बावजूद आवास विकास के अफसर सीवरेज लाइन तक नहीं डलवा सके। आवास विकास का यहां न कोई दफ्तर है और न अधिकारी आते हैं। - दिनेश मिश्रा, सदस्य जन जागरण समिति।
मकान बनवाकर पछतावा
पॉश कॉलोनी का सपना देखकर यहां मकान बनवा लिया, लेकिन यहां के हालात गांवों से भी बदतर हैं। अब पछतावा हो रहा है । फिर भी समिति हर वह प्रयास कर रही। -अनुराग अग्रवाल, व्यापारी नेता
पालिका काट रही कन्नी
आवास विकास की अधूरी व्यवस्थाओं के कारण नगर पालिका भी यहां कन्नी काट रही है। पालिका ने साफ कह दिया कि जब तक सीवरेज व्यवस्था पूरी नहीं होगी। तब तक वह भी इसकी सुध नहीं लेगी। -देवमुनि पोरवाल, सदस्य, जन जागरण समिति।
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कहने को तो इसे पॉश कॉलोनी कहा जाता है, लेकिन यहां की सुविधाएं गांव से भी बदतर हैं। जलभराव, चोक नालियां और खस्ताहाल सड़कें यहां की पांच हजार आबादी के लिए नासूर बन चुकी हैं।
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आवास विकास कॉलोनी की जनकल्याण समिति को यहां की बदहाली से निजात दिलाने में पसीने छूट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार हैं कि बिना सीवरेज के हस्तांतरण को लेकर अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हैं।
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तीन दशक पहले शहर के कानपुर रोड किनारे आवास विकास कॉलोनी विकसित की गई थी। उस वक्त यहां के लोगों को आवास विकास परिषद ने खूब सपने दिखाए थे। मसलन कॉलोनी में सीवरेज, सड़क, पेयजल के साथ आकर्षक पार्क आदि की सुविधा मिलेगी।
ऐसे में शहर के आम लोगों के अलावा कई बुद्धिजीवियों और करोड़पतियों ने आवास विकास पर भरोसा किया। करीब 29 सालों में यहां के सात सेक्टरों में छोटे-बड़े करीब 4000 प्लॉट व कॉलोनी का आवंटन हो गया।
हालांकि आवास विकास ने यहां करीब पांच किमी. के दायरे में सड़कों व नालियों का निर्माण कराया था, लेकिन अब यह इतने जर्जर हो चुके हैं कि यह यहां की बदहाली का सबसे बड़ा कारण बन चुके हैं।
संघर्ष जारी है
जन कल्याण समिति ने इस बदहाली को दूर कराने का वीणा उठा लिया है। समिति तब तक संघर्ष करेगी, जब तक समाधान नहीं होता। -डॉ. एसएसएस परिहार, अध्यक्ष जन कल्याण समिति।
अफसर आते ही नहीं
इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि कई प्रयासों के बावजूद आवास विकास के अफसर सीवरेज लाइन तक नहीं डलवा सके। आवास विकास का यहां न कोई दफ्तर है और न अधिकारी आते हैं। - दिनेश मिश्रा, सदस्य जन जागरण समिति।
मकान बनवाकर पछतावा
पॉश कॉलोनी का सपना देखकर यहां मकान बनवा लिया, लेकिन यहां के हालात गांवों से भी बदतर हैं। अब पछतावा हो रहा है । फिर भी समिति हर वह प्रयास कर रही। -अनुराग अग्रवाल, व्यापारी नेता
पालिका काट रही कन्नी
आवास विकास की अधूरी व्यवस्थाओं के कारण नगर पालिका भी यहां कन्नी काट रही है। पालिका ने साफ कह दिया कि जब तक सीवरेज व्यवस्था पूरी नहीं होगी। तब तक वह भी इसकी सुध नहीं लेगी। -देवमुनि पोरवाल, सदस्य, जन जागरण समिति।