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टेंडर प्रक्रिया के बाद नहीं बदले गए जर्जर तार
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औरैया। शहर में एक नंबर बिजली उपकेंद्र से जेसीज चौराहे तक जर्जर एचटी लाइन को बदलने के लिए दो माह पहले ठेका तो दे दिया गया लेकिन कार्यदायी संस्था ने काम अभी तक शुरू नहीं किया है। पिछले ढाई माह में अकेले जिला अस्पताल के बाहर ही दो बार तार टूटकर गिर चुके हैं। बावजूद इसके बिजली विभाग के अधिकारियों की अनदेखी और संवेदनहीनता बरकरार है।
जर्जर एचटी लाइन के तारों को बदलने व उनके नीचे सुरक्षा जाल लगाने के लिए बिजली विभाग की ओर से लगभग दो माह पहले कार्यदायी संस्था सुजस इंपेक्स को ठेका दिया था। काम के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध करा दिया गया है। बावजूद इसके संस्था ने न तो स्टोर से सामान उठाया और न ही काम शुरू कराया है। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर जर्जर तारों के सहारे अभी भी बिजली आपूर्ति हो रही है। ऐसे में तारों के टूटने का खतरा बना रहता है।
लगभग ढाई माह पहले शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल के बाहर एक पखवारे में दो बार एचटी लाइन के तार टूटकर गिर चुके हैं। तीन कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। वहीं, दूसरी बार में एक युवक भी घायल हुआ था। विभागीय अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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जर्जर एचटी लाइन के तारों को बदलने व उनके नीचे सुरक्षा जाल लगाने के लिए बिजली विभाग की ओर से लगभग दो माह पहले कार्यदायी संस्था सुजस इंपेक्स को ठेका दिया था। काम के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध करा दिया गया है। बावजूद इसके संस्था ने न तो स्टोर से सामान उठाया और न ही काम शुरू कराया है। इससे शहर के प्रमुख मार्गों पर जर्जर तारों के सहारे अभी भी बिजली आपूर्ति हो रही है। ऐसे में तारों के टूटने का खतरा बना रहता है।
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लगभग ढाई माह पहले शहर के 50 शैया युक्त जिला अस्पताल के बाहर एक पखवारे में दो बार एचटी लाइन के तार टूटकर गिर चुके हैं। तीन कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गईं थीं। वहीं, दूसरी बार में एक युवक भी घायल हुआ था। विभागीय अधिकारी भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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