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टिड्डी दल से क्षति को लेकर राजस्व विभाग ने शुरू किया सर्वे
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औरैया। जिले में पिछले पांच दिनों में लगातार दो बार अलग-अलग टिड्डी दल के हमलों ने किसानों की परेशानी बढ़ी दी है। 28 जुलाई रविवार को रात्रि में आठ बजे अछल्दा, एरवाकटरा गढ़वाना, पुनवर, नगला मिस्त्री समेत एक दर्जन से अधिक गांवों में धावा बोला था। हालांकि प्रशासन की सक्रियता के चलते बड़ी मात्रा में रसायन का छिड़काव कर इनको मार दिया गया था। सुबह पुन: यह दल इटावा की ओर उड़ गया था।
मंगलवार को पुन: टिड्डी दल ने कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद जनपद से सहार, बिधूना, अछल्दा व एरवाकटरा ब्लॉक के धुपकरी, रामगढ़, लखनौ, रुरुगंज, इटैली आदि में हमला बोल दिया था। जिसमें सबसे ज्यादा ढैंचा, चरी, धान की नर्सरी, मक्का, उड़द, मूंग आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार का कहना है कि जिले में लगभग 13 से 14 हजार हेक्टेयर में जायद की फसल बोई गई है। जबकि खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू हो रही है। जिले के जिन गांवों में टिड्डी दल ने हमला बोला है। वहां राजस्व विभाग से सर्वे कराया जा रहा है। गुरुवार क्षति के आकलन की रिपोर्ट आने की संभावना है।
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मंगलवार को पुन: टिड्डी दल ने कानपुर देहात जिले के रसूलाबाद जनपद से सहार, बिधूना, अछल्दा व एरवाकटरा ब्लॉक के धुपकरी, रामगढ़, लखनौ, रुरुगंज, इटैली आदि में हमला बोल दिया था। जिसमें सबसे ज्यादा ढैंचा, चरी, धान की नर्सरी, मक्का, उड़द, मूंग आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
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जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार का कहना है कि जिले में लगभग 13 से 14 हजार हेक्टेयर में जायद की फसल बोई गई है। जबकि खरीफ की फसलों की बुवाई शुरू हो रही है। जिले के जिन गांवों में टिड्डी दल ने हमला बोला है। वहां राजस्व विभाग से सर्वे कराया जा रहा है। गुरुवार क्षति के आकलन की रिपोर्ट आने की संभावना है।
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